Neeraj Kumar

Samastipur, Bihar

Joined November 2018

तुम संग जो प्यार किया ये सोच कर शर्मिंदा हो जाता हुँ
तेरी पुरानी बातों को दोहरा कर मैं फिर से जिंदा हो जाता हुँ ..!!!

साहित्यिक उपलब्धियां : कविता, कहानी और गजल लेखन में रूचि,
पठन और पाठन में रूचि,
सक्रिय लेखन विगत कुछ वर्षों से

कुछ प्रमुख रचनाएँ – “तेरे संग गुजरा वो जमाना”,
“एक कल्पना भारत”,
“जब हम मिलेंगे प्यार से”,
“चंद पल कि थी अपनी कहानी”,
“मंजिल तुझे बुला रही देख” आदि रचनाएँ

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"तू जग से प्यारी है माँ"

तू जग से प्यारी है माँ सुन्दर और तू न्यारी है माँ जब मैं छोटा बच्चा था तब तेरा गुस्सा करना, था लगता मुझको बुरा माँ अब चाहता हूँ ... Read more