Amit Kumar

Madhubani, Bihar

Joined November 2019

I am a CA Final student and completed my graduation from Delhi University.My dream degree is CA , dream service is IPS and passion is writing. Currently working as Assistant Manager of Accounts and Finance & Internal Auditor. I am writing since 7 years.

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"बेइज्जती"

बेइज्जती उनकी होती है , जो कुछ होते है और अक्सर कुछ होने का एहसास उनको होता है , जो कुछ नहीं होते है !! Read more

तेरे नाम - खंड 1

मेरे सपने बेहिसाब है , आकर जरा हिसाब कर दे I ये तेरा रूठना भी लाजवाब है , चल इसे भी मेरे नाम कर दे II Read more

" याद आ गया "

जहाज में सफर करते हुए ना जाने क्यूं , साइकिल की चेन का उतरना याद आ गया ll थाली में रोटी छोड़ते हुए ना जाने क्यों , कचरे के ढे... Read more

" ऑनलाइन की दुनिया - खंड 2 - बचपन "

कभी साथ बैठ कर चोर पुलिस या क्रिकेट खेला करते थे , वो माँ की डाँट से बचने के लिए समय से पहले घर आ जाया करते थे , लेकिन अब तो व्हाट... Read more

" ऑनलाइन की दुनिया - खंड 1- दोस्ती "

एक वक़्त था जब दोस्तों से मिलते थे तो बातें खत्म नहीं होती थी , लेकिन अब ऑनलाइन का जमाना है बात तो दूर व्हाट्सप्प के स्टेटस से काम च... Read more

" शिक्षिका की विदाई "

अँधेरे में थे हम आपने रोशनी दिखाया , जीवन में कुछ अच्छा बनने का सपना दिखाया II माँ ने मुझे जन्म दिया , आपने जीना सिखाया , क्या ... Read more

" एहसास "

वो लड़ना झगड़ना मानो पिछले जन्म की बात हो चली है, अब तो अपने बहस करते है और छोड़ कर चले जाने की बात करते है !! Read more

" वक़्त "

कल क्या किया इतना क्यों सोचते हो , आज मिला है फिर से आओ इसे जी लेते है !! देखो वक़्त की रफ़्तार आज फिर आ गया उतना ही समय लेकर , च... Read more

" माँ - तेरी याद "

Amit Kumar लेख Dec 14, 2019
मुझे लगता है कि कोई भी "माँ" शब्द की व्याख्या नहीं कर सकता है। इतने सारे श्रेष्ठ लेखकों और कवियों ने कोशिश की है लेकिन दी गई परिभाषा... Read more

" मोबाइल की दुनिया "

II लिखना तो बहुत कुछ चाहता हूं लेकिन इस मोबाइल ने जीना हराम कर रखा है , दूर बैठे लोगों को पास कर रखा है और पास बैठे लोगों को दूर कर... Read more

" मां "

II आंधी इतनी तेज थी कि मानो उड़ा ले जाती न जाने बीच में कहां से मां का आंचल आ गया lI Read more

" हिम्मत की खोज "

मैं निकल पड़ा आज हिम्मत को खोजने..... बहुत दूर तक गया पर कहीं मिला नहीं..... जब लौट रहा था थक हार कर..... तभी एक चीख सुनाई दी म... Read more

" बेटी "

II आज वह मां सोई नहीं होगी , आज भी उसे अपनी बेटी के आने का इंतजार होगा ll ll आज भी उसकी आंखों में वही सपने होंगे, जिसे कभी उ... Read more

" तेरी याद "

यूं तो आदत नहीं मुझे रात में जगने की , लेकिन तेरी याद मुझे सोने नहीं देती है ll चाहा कई बार तुझे नींद से जगाने की , लेकिन ते... Read more

" एक बार "

ये कहना सही नहीं की अंधेरा बहुत है , तुम एक बार इन आँखों को खोलो तो सही !! जिन्हे समझ बैठो हो तुम अपनी राहों में पत्थर, उन्हें ... Read more