Naresh Sagar

hapur

Joined September 2017

Hello! i am naresh sagar. I am an international writer.I am write my poetry in america,china,nepal and india

Books:
Chetna,forward press,saras salil,pushup gandha,kavyanjli,sarita,hasiyo ki aawaz,gitanjl ,kavya mala,sandal sughand,nai subha ki aas,guft gu,rajnigandha,sresth kavya sangam,kavya sala,kalam kar,meri tanhai uski aangdai and many more.

Awards:
dr.ambdker feloship ,ganga jamni ,manaw mitra ,kashiram ,aagman uwa kavi ,sanskar bharti ,best writer award ,sant ganga das and many more.

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उसकी कोई जात नहीं है

******उसकी कोई जात नहीं है**** ****************** मैं घोर निंदा करता हूं श्रीलंका पर हुए इस आत्मघाती हमले की **********... Read more

संभल के रहना देश के लोगों

*चुनावी दौर की हकीकत* ***************** ***************** संभल के रहना देश के लोगों, बवाल ... Read more

संभल के रहना देश के लोगों

*चुनावी दौर की हकीकत* ***************** ***************** संभल के रहना देश के लोगों, बवाल ... Read more

भोली है माँ नही समझती

***भोली है माँ नही समझती ** ********** जो भी होता होनें दे , माँ डर डर के कहती है! अच्छे दिनों की आस में , वो चुप चुप... Read more

गीतिका..... जब तक दुश्मन पर भारी हूँ

******* जब तक दुश्मन पै भारी हूँ ******* शब्दों का मैं आभारी हूँ जब तक दुश्मन पै भारी. हूँ सच पढकर उसको लगता है मैं आरी हूँ .... Read more

शेर ..किसे ख्याल आता है

**** किसे ख्याल आता है ***** 1-- बचानें में लगे है सब , यहां सत्ता की कुर्सीयां ! यहां महफूज तक नही, छोटी-छोटी बच्चीयां!! 2- ... Read more

गजल ......किसी से मिला ना कर

******* किसी से मिला ना कर ******** कोई नही है अपना , किसी से गिला ना कर इस शहर में दिल लेकर , किसी से मिला ना कर गम को खुशी बन... Read more

यादों के ये खजानें रहनें भी दीजिए

*** यादों के ये खजानें रहने भी दीजिए *** तानें और उलहानें , रहने भी दीजिए मिलनें के कुछ बहाने , रहने भी दीजिए ये बेरूखी , जफा... Read more

गजल ....आँखों वाले अंधे देखे

****** आँखों वाले अंधे देखे देश में बढते दंगे देखे कपडों वाले नंगे देखे जातिवाद के झगडों में उघते घर घर चंदे देखे अमीरों के... Read more

मेरे अपनों ने घर जलाया है ........

गजल ......मेरे अपनों ने घर जलाया है ******* उनकी नीयत में फर्क आया है हमनें अपना जिन्हें बनाया है फैर ली उसनें भी आँखें हमसे ... Read more

किसी से खिला ना कर .......

..........गजल ......….. कोई नही है अपना , किसी से गिला ना कर इस शहर में दिल लेकर ,किसी से मिला ना कर गम को खुशी बनाकर , हं... Read more