Narendra Verma

Behind laxmi cinema

Joined December 2017

अध्यापक, लेखक, कवि एवं पत्रकार

Books:
शीघ्र प्रकाश्य ग़ज़ल संग्रह “सिसकते स्वर” , गीत संग्रह ” हाय मैं क्या करूँ”, उपन्यास ” समय की करवट”, यात्रा वृतांत एवं संस्मरण “परछाइयाँ स्मृतियों की”

Awards:
1997 से आकाशवाणी आगरा एवं आकाशवाणी दिल्ली से काव्यपाठ प्रसारित

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होली में

मिठास गुझिया की मिला इक बार बोली में। रंग खुशियों का भरेगा हर बार झोली में। लगाना प्यार से तुम रंग ऐसे हर एक चेहरे पे एकता के सूत... Read more

बादल

बाल कविता (बादल) बादल दादा आओ आओ पानी तुम बरसा कर जाओ रूप तुम्हारा सबसे न्यारा हम सबको लगता है प्यारा रंग बदल कर तुम डरपा... Read more

होली

बाल कविता (होली) रंग बिरंगी आई होली बच्चे करते हंसी ठिठोली पिचकारी ले ले कर भागे इक दूजे के पीछे आगे भूल गए हैं कंचा गोली... Read more

श्री

गणेश वंदन हे ज्ञानसिन्धु, हे भालचंद्र, हे बुद्धिनाथ मंगलकारी । हे नादप्रतिष्ठित, मृत्युंजय, हे पीतांबर, हे उपकारी।। हे शोकविनाश... Read more

बाल गीत : रंग बिरंगी आई होली

रंग बिरंगी आई होली बच्चे करते हंसी ठिठोली पिचकारी ले ले कर भागे इक दूजे के पीछे आगे भूल गए हैं कंचा गोली रंग बिरंगी आई होली... Read more

बाल गीत : बादल दादा आओ आओ

बादल दादा आओ आओ पानी तुम बरसा कर जाओ रूप तुम्हारा सबसे न्यारा हम सबको लगता है प्यारा रंग बदल कर तुम डरपाओ बादल दादा आओ आओ ... Read more