आज़ादी कैसे मनाये

गांव शहर बनता गया, शहर पत्थरो से घिरता गया, आज़ादी कैसे मनाये, गौरैयों का आशियाँ उजड़ता गया, संस्कृतियां किताबो की मोहताज बनती ग... Read more

मेरे अंश

मेरे अंश तुझे मैं सुख दूंगी मैं शक्ति बन तुझको बल दूंगी स्वार्थियों से भरे इस समाज मे मैं तुझको निःस्वार्थ जीवन दूँगी फर्क नही... Read more

राह का पत्थर

नफरतो का दौर वो ले आये बने फिरते है क्यों अनजाने कभी झांक कर देखे गिरेबां अपना मिलेंगे बहुत से अफसाने खुदगर्जी का आलम उन... Read more

लिपस्टिक की डिबिया

ठण्डी की सुबह अलसाया मौसम, मै जाग चुकी थी किन्तु आँखे बंद किये मै अपनी चादर पैर से लेकर सिर तक खींच कर सोना चाहती हूँ पर माँ की तेज ... Read more

बेटी

शक्ति का संचार है बेटी भक्ति का द्वार है बेटी मुक्ति का मार्ग है बेटी सृजन संसार है बेटी मन का भाव है बेटी रामायण का पाठ ह... Read more