Mukta Tripathi

Batala distt Gurdaspur

Joined November 2018

कल्पना के बादल विचारों के परिंदे उड़ान भरतेहैं,
हम मस्त मुसाफिरपरिंदे बस यूँही सफर करतेहैं ।

सरकारी स्कूल में हिन्दी अध्यापक के पद पर कार्यरत ,हिंदी साहित्य की तुच्छ सेविका।

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मेरा मन वृंदावन

।।मेरा मन वृंदावन ।। मोहन मुरली तुम्हारी प्यारी। सुध बिसराई मोरी सारी। कान्हा-कान्हा जपूं निसदिन। कृष्णा मेरा मन वृंदावन ।। द... Read more

राखी की बधाई

।।राखी की बधाई।। ओस के मोतियों की छलकी गगरिया । ऊषा रानी ओड़ रश्मि चुनरिया। आकाश में अरुणाई भर लाई। शुभ घड़ी, प्यारी बेला है आ... Read more

राखी

राखी सुनहरी किरणों की ओड़ चुनरिया। सुंदर रूप प्रकृति ने सजा लिया। केसर के पुष्पों में नदियों के जल से दे छींटे सिंदूरी तिलक... Read more

आजादी

।।आजादी।। नज़र लफ्ज़ को जब डराने लगे।। चाबुक का डर फिर सताने लगे ।। तो मत पूछ क्या बनेगा मंज़र ।। संस्कृति को तू करेगा बंजर ।... Read more

तिरंगे की पुकार

तिरंगे की पुकार 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 झुकी नजर से रहा निहार। रो रहा तिरंगा ज़ार-ज़ार। अब दो बदल रंगों के अर्थ- पुराने अर्थ लगें बेक... Read more

अटल पड़ाव

अटल पड़ाव ********* जीवन का था नवीन सर्ग । घर में जैसे उत्सव-पर्व । नई हवाएं-नई फिजाएं । नई उमंग और आशाएं । नए चेहरों से ... Read more

तेरे दर्शन

तेरे दर्शन रोज मैं पांवां मेरी चाहत है। तैनु आपने कोल बिठावां मेरी चाहत है। पींग हुलारा मेरी लैंदी बड़ी दूर तक जांदी पींग हुलारा... Read more

मुसाफिर हूँ यारो

मुसाफिर हूँ मैं यारो।। ये देश है बेगाना।। कब राह होगी खत्म पता हो तो बताना।। बांधता हूँ पुल रोज मैं । करूं मंज़िलों की खोज ... Read more

चलो पिता जी चलें उस ओर

चलो पिता जी चलें उस ओर।। दूर जहां है धरा का छोर।। संग आप और दोनों हम। भूल जाएं जीवन दुर्दम । स्वप्न देश में रखें कदम। अंगुली ... Read more

प्रेम रत्न घन

प्रेम रत्न घन बन बरसो।। नहीं अब मन वन तरसो।। जब से लागी लगन बड़े किए हैं जतन रात फिर भी बैरन मन नीरस क्या करसो ।। प्रेम रत्न... Read more

कविता

पीडा से जलते इस तन में । करुणा से तपते इस मन में । ढूंढता जब शब्दों में दर्द। चेतना को भाएं तब अर्थ । तब जन्म लेती है कविता । भ... Read more

अजीब दास्तान

अजीब दास्तान 💓💓💓💓💓💓💓 मोहब्बत की दास्तान अजीब होती है। दूर हो साजन पर चाहत करीब होती है। रुसवा होता है दिल भरे जमाने में मजे ले... Read more

अजीब

आज कुछ अजीब सी बात हो गई । अंधेरी शब हसीं रात हो गई । हमने तो डाल को छुआ भी न था- फूल-कलियों की बरसात हो गई । ।।मुक्ता शर्मा ।। Read more

अनजान

ज्ञान के खजाने से अनजान है। प्रत्येक कण मे ज्ञान विद्यमान है। क्या ग्रंथों के पन्ने टटोलता है- प्रकृति के कण-कण में ही विज्ञान है... Read more

मिलावट

भावुकता में जब शब्द बोले जाते हैं । बिना तराजू तब दिल टटोले जाते हैं । प्रेम के धागे फिर सुलझाए न सुलझते ऐसे ही शरबतों में विष घ... Read more

मुलाकात

इक मुलाकात आज खुद से की। पल भर बात आज खुद से की। तमाम उलझनें सुलझी इस तरह सुकून की बात आज खुद से की । ।।मुक्ता शर्मा ।। Read more

जरूरत के बादल

आजाद समय के आसमान पर जब। जरूरत के कुछ बादल छाने लगे। हम दुश्मनों में देखो उन्हें आज। प्यारे से दोस्त नजर आने लगे। बाहों की क... Read more

माँ केवल माँ

।। माँ केवल माँ ।। तपती-भरी दोपहरी में पसीना बहाती । महल नहीं, झोंपड़ी की छाँव देना चाहती। चीथड़े पल्लू से लाल को लू से बचाती ।... Read more