Mukeshkumar PANDEY

Ahmedabad

Joined May 2016

Hi,I am a Teacher Of Biology,Born in Ahmedabad (Gujarat).I am a nature lover,i have great interest in poetry and song writing(main theme of poetry-Love,life & nature ).i love the photography of nature. i love music and like to sing gazal and playing with harmonium.

Copy link to share

तनहाई

क्यूँ समझती है तेरे बिन यहाँ तनहाई नही है। बिस्तर तो है मखमल का, मगर चारपाई नही है । कभी अपने आप से सवालात किया करता हूँ । कभी ... Read more

आज फिर

आज फिर तनहाई में तुम्हे याद किया है । आज फिर दिल के बंधन को आजाद किया है । आज फिर ये हवाएँ तेरा पैगाम लाई है । आज फिर कोई चिठ... Read more

साया जो तेरा पड़ जाए

तारीफ तेरे हुश्न की शब्दों में ना समाएगी, ये हुश्न शब्द शायद तेरे लिए बना होगा । साया जो तेरा पड़ जाए गर किसी मरूस्थल में, तो उ... Read more

गजल

मैं एक ढ़लती हुई शाम उसके नाम लिख रहा हूँ। एक प्यार भरे दिल का कत्लेआम लिख रहा हूँ। ता उम्र मैं करता रहा जिस शाम उसका चर्चा, मै... Read more

मुक्तक

दिल का वो एक कोना, अब तक पडा़ है खाली पत्ते हैं झड़ गए सब, सूनी पडी़ है डाली मुमकिन नहीं तुम्हारी, यादों को भूल जाना तुम बिन है ... Read more

हुस्न का रंग हम पर बरसने भी दो

हुस्न का रंग हम पर बरसने भी दो, फूल खिलने से पहले बिखर जाए ना । प्यार के बादलों को बरसने भी दो, ये मोहब्बत का मौसम गुजर जाए ना । ... Read more