Ram Krishan Rastogi

New Delhi

Joined March 2018

I am recently retired from State bank of India as Chief Mnager. I am M.A.(economics) M.Com and C.A.I.I.B I belong to Meerut and at present residing in Gurgaon (Haryana) I am writing for the last twenty years, I generally write Gajal, Geet and Hindi poems on day today actvities of the country specially on politics and leaders of various political parties in India in HASHY & Vayang shally. i had been editor of hose mazine of State bank and genraly published “Harish Chandra Patrica” monthly

Books:
Nil

Awards:
हिंदी साहित्य पीडिया द्वारा सम्मानित

Copy link to share

साँसों में बसी खश्बू है तेरी --आर के रस्तोगी

साँसों में बसी खश्बू है तेरी , साँसों में बसी खश्बू है तेरी | बाहों में तू ले ले , बाहों में तू ले ले || भूल जायंगे गम है सारे... Read more

साँसों में बसी खश्बू है तेरी --आर के रस्तोगी

साँसों में बसी खश्बू है तेरी , साँसों में बसी खश्बू है तेरी | बाहों में तू ले ले , बाहों में तू ले ले || भूल जायंगे गम है सारे... Read more

नो दीये है उनके नाम जो समर्पित है देश के काम --आर के रस्तोगी

आज नो बजे,नो दीये जलाऊंगा | कौन सा किसके नाम है दीया , यह सबको खुले आम बताऊंगा || पहला दीया उन सब डाक्टरों के नाम | जो करते ह... Read more

सबने एक दीप जलना है घर में --आर के रस्तोगी

सबने एक दीप जलाना है घर मे | सब जगह प्रकाश हो जाएगा || सारे संसार से यह कातिल कोरोना | स्वत: ही सम्पात हो जाएगा || बड़े दौर गु... Read more

आओ अपने अपने घर पर एक दिया जला दे --आर के रस्तोगी

आओ अपने अपने घर पर.एक दिया जला दे | जो चले आ रहे फासले उनको दिल से मिटा दे || नो बजे नो मिनिट नो दिए हम जलायेगे | इससे हमारे नव... Read more

एक मुक्तक --आर के रस्तोगी

घर घर दीपक जलाना है हमे | हौशले के साथ बढ़ते जाना है हमे || रोक सके न कोई हमे इस डगर से | केवल कोरोना को हराना है हमे || आर के ... Read more

आओ घर घर दीप जलाये --आर के रस्तोगी

आओ घर घर दीप जलाये | कोरोना को देश से दूर भगाये || जब हर घर में प्रकाश होगा | नई चेतना का आवास होगा || तिमिर का तो विनाश होगा ... Read more

मानवता के शत्रुओ से अब युद्ध करना होगा ---आर के रस्तोगी

मानवता के शत्रुओ से ,अब युद्ध करना होगा | छिपे हुये है जो बिल में,उनको निकलना होगा || बचा रहे कुछ सपेरे,अपने जहरीले सांपों को | ... Read more

कोरोना का असर --आर के रस्तोगी

सारे शहर में सन्नाटा है, सड़के सूनी पड़ी है | देखो कुदरत की इंसान पर कैसी मार पड़ी है || पत्नियाँ मोज़े ले रही है, पति रसोई में खड़... Read more

एक सत्य लघु कथा --आर के रस्तोगी

गुरुग्राम शहर के डी एल फेस वन में एक दम्पति रहते है | जिनकी उम्र लगभग 65 तथा 70 के बीच है उनके दो पुत्र जिनके नाम अरुण व वरुण ... Read more

लांक डाउन बला नहीं,एक कला है --आर के रस्तोगी

लांक डाउन बला नहीं,ये है सम्पूर्ण कला | घर से बाहर न निकले ,ये है मेरी सलाह || हाथ मिलाने की जगह, जोड़ो दोनों हाथ | बार बार धो... Read more

रस्तोगी की कुंडलियाँ --आर के रस्तोगी

लिख रहा हूँ रोजनामचे में देश का हिसाब | पन्ने इतने भर गये,बन गयी मोटी किताब || बन गयी मोटी किताब, पाठक पढ़ते रहते | प्रंशसा के... Read more

दो मुक्तक -आर के रस्तोगी

मंजिल बहुत है,तो अफ़साने भी बहुत है | जिन्दगी की राह में,इम्तिहान भी बहुत है || मत करो दुःख उसका,जो बीत गया है | दुनिया में खुश रह... Read more

एक नया सबेरा --आर के रस्तोगी

अगर शाखे रही तो,नये पत्ते भी आयेंगे | ये दिन बुरे है तो, अच्छे दिन भी आयेंगे || कुछ दिन कट गये और दिन भी कट जायेंगे | न्रया स... Read more

जाने क्यों लोग,घरो से निकला करते है --आर के रस्तोगी

जाने क्यों लोग,घरो से निकला करते है | मोदी जी की बात को,क्यों अनसुना करते है || ये बीमारी नही महामारी है जो सारे संसार में फ़ै... Read more

देश का मजदूर,निकला होकर है मजबूर --आर के रस्तोगी

देश का मजदूर,होकर निकला है मजबूर | कारण बताता हूँ तुम्हे,सुनो तो मेरे हजूर || सारे देश में लाँग डाउन हो चूका था | उसको काम मिलन... Read more

दिल मिले किसी को दिलदार मिले ---आर के रस्तोगी

दिल मिले किसी को दिलदार मिले | किसी को गुल मिले तो किसी को गुलजार मिले || फूल मिले किसी किसी को फूलो का हार मिले | दुआ है मेरी र... Read more

कोरोना पर एक गजल 21 दिन ---आर के रस्तोगी

बीत जायेगे एक एक करके,ये 21 दिन | घर से बाहर न जाये कोई ,ये 21 दिन || करो घर की साफ़ सफाई तुम ये 21 दिन | चलाओ स्वच्छता अभियान... Read more

कोरोना पर माननीय मोदी जी के विचार---आर के रस्तोगी

करे सम्मान हम उन सबका,जो हमारी सेवा करते है | अपनी जान जोखिम में डालकर, कोरोना से लड़ते है || रहकर घर में बन्द ही, कोरोना से हम... Read more

दुर्गा माँ से विनती ---आर के रस्तोगी

हे ! दुर्गा माता,विनती करते तुमसे आज | कोरोना से बचाईये. भारत को तुम आज || रहे सभी सुखी संसार में, दुखिया रहे न कोय | करे प्रा... Read more

मै एकांत हूँ,एकांतवास से बोल रहा हूँ ---आर के रस्तोगी

मै एकान्त में हूँ,पर किसी के इन्तजार में हूँ | शांत हूँ,पर कल के कोलाहल के इन्तजार में हूँ || डरा नहीं हूँ, इस सन्नाटे को देखकर ... Read more

जनता कर्फ़यु की कुछ झलकियाँ ---आर के रस्तोगी

सूनी सडके,दुकाने बंद,कोई ग्राहक नहीं आया | देखो भैया,इस कोरोना ने कैसा कहर है ढाया || छिपे हुए है सब अपने घर में,कोई नहीं बोल... Read more

जनता कर्फ़यु पर एक कुंडली ---आर के रस्तोगी

शाम पांच बजे जब मैंने,बालकनी में ताली बजाई | घरवाली को छोड़कर, सभी पडोसने मिलने आई || सभी पडोसने मिलने आई,चाय पकोड़े भी लाई | घरवाल... Read more

उठो देश वासियों , कोरोना को देश से भगाना है ---आर के रस्तोगी

उठो देश वासियो, कोरोना को देश से अब भगाना है | ये एक ऐसा दुश्मन है, जिसको अब मार भगाना है || ये एक घातक कीटाणु है,जो हमारे शरी... Read more

जनता कर्फ़यु के दिन क्या करे ---आर के रस्तोगी

जैसा कि सभी देशवासियों को विदित है कि हमारे देश में दिनांक 22-03-2020 दिन रविवार को सुभह 7 बजे से लेकर रात्री के 9 बजे तक हमारे प्... Read more

कोरोना पर रस्तोगी के दोहे ---आर के रस्तोगी

साबुन से सब धोइये,अपने दोनों हाथ | कोरोना से छूट जायेगा,तुम्हारा साथ || जनता कर्फ़यु लगाईये,आगामी रविवार | कम हो जायेगा तुम पर,क... Read more

हमारी पसंद अपनी निगाहों से न तोलिये --आर के रस्तोगी

हमारी पसन्द अपनी निगाहो से न तोलिये | ये दिल के मामले है, इनमे जरा न बोलिये || न किसी को बुरा कहे, न किसी का दिल तोडिये | जब दि... Read more

शायद ये कोरोना कुछ कहने आया है ---आर के रस्तोगी

शायद ये कोरोना कुछ कहने आया है | अपनो को अपनों से मिलाने आया है || लोग झूमे रहे थे अपनी अपनी मस्ती में | कोई किसी को पूछ न रहा ... Read more

अंतराष्टीय महिला दिवस पर कुछ पंक्तिया ----आर के रस्तोगी

नारी शक्ति पुंज है,करती सबका उद्धार व्यक्त करे कैसे प्रभु,इन सबका आभार माँ,बहन,बेटी और बहु नारी की है पहचान स्रष्टि का आधार ... Read more

कोरोना पर कुंडलियाँ --आर के रस्तोगी

कोरोना का दुनिया में,मचा है बड़ा शोर घर में बैठ कर लोग हो रहे है सभी बोर हो रहे है सभी बोर,कोई उपाय नही सूझे इस भयंकर बीमारी से,... Read more

सुभाष चन्द्र बोष ---आर के रस्तोगी

तुम मुझको दो खून अपना , मै तुमको दे दूंगा आजादी | यही सुनकर देश वासियों ने, अपनी जान की बाजी लगा दी || यही सुभाष का नारा था , ... Read more

फुर्सत नहीं इंसान को,इंसान से मिलने की ---आर के रस्तोगी

फुर्सत नहीं इन्सान को,इंसान से मिलने की | ख्वाहिश रखता है वह,भगवान से मिलने की || कर्म कर रहा इन्सान,जो एक शैतान भी नहीं करता | ... Read more

नव वर्ष की शुभकामनाये

नव वर्ष की नव बेला पर सबको हार्दिक शुभकामनाये ... Read more

द्वार पर दीप जलाये बैठी हूँ ---आर के रस्तोगी

द्वार पर दीप जलाये बैठी हूँ | मन के मीत को छिपाये बैठी हूँ || कर रही हूँ प्रतीक्षा बड़ी देर से | राहो में पलके बिछाये बैठी हूँ || ... Read more

राजनीति व नेता की परिभाषा ---आर के रस्तोगी

राजनीति व नेता की परिभाषा आज के परिवेश में :- जहाँ कोई नीति न हो,उसे राजनीति कहते है | जो राज के लिये नीति करे उसे भी राजनीति ... Read more

लोगो के ज़मीर पर धूल बहुत है --आर के रस्तोगी

बारिश हो जाये,गर्मी तो बहुत है | लोगो के जमीर पर,धूल बहुत है || लगता है गुलाब सभी को अच्छा | पर उसके दामन में सूल बहुत है || ... Read more

एक हास्य रचना -सलवार दिवस --आर के रस्तोगी

साथियों आज सलवार दिवस है | आज के दिन बाबा रामदेव जी रामलीला मैदान से सलवार पहन कर भागे थे | योग की दुनिया में,उठी जो ललकार कि... Read more

रोम रोम में ओम भर जाये हमारे ---आर के रस्तोगी

रोम रोम में ओम भर जाये हमारे | प्रभु, ऐसी शक्ति हमको दीजिये || छल कपट से कोसो दूर रहे हम प्रभु | बस अपनी भक्ति में लगा लीजिय... Read more

तुम्हारी आँखों में आँसू,चेहरे पर बेबसी थी --आर के रस्तोगी

जब दरवाजा खोला,तुम्हारी आँखों में आँसू चेहरे पर बेबसी थी | पहले क्यों नहीं बताया तुमने,मेरी ऊँगली दरवाजे में फंसी थी || गमले के ... Read more

बाल दिवस --आर के रस्तोगी

बाल दिवस के नाम पर,क्यों गलत इतिहास पढाया जाता है ? आज नेहरु के नाम पर,क्यों अब बाल दिवस मनाया जाता है ? कुछ चाटुकार इतिहासकारों... Read more

चाँदनी रात हो,पिया मेरे साथ हो --आर के रस्तोगी

पूनम की चाँदनी रात हो,पिया मेरे साथ हो | नजरे जरा झुकी हो,दिल से दिल की बात हो || फूलो के सेज हो,केवल मेरे पिया साथ हो | धीमी ध... Read more

बेटी जब पैदा नहीं होगी,तब बहू कहाँ से लाओगे ?--आर के रस्तोगी

बेटी जब पैदा नहीं होगी,तब बहू कहाँ से लाओगे ? बहु जब घर नहीं आयेगी,तब परिवार कैसे बढाओगे ? आज की बेटी कल बहू बनेगी, सारी सृष्टि ... Read more

दिलवर ! मुरादो की ऐसी हंसी रात होगी ---आर के रस्तोगी

दिलवर ! मुरादो की ऐसी हंसी रात होगी | जब गर्दन झुका लो,तभी मुलाक़ात होगी || मेरा दिल मेरे पास नहीं,तुम्हारे पास ही है | जब चाहो ... Read more

तेरी यादो के दीये हम,हर दिन जलाते रहे ---आर के रस्तोगी

तेरी यादो के दीये हम,हर दिन जलाते रहे | इस तरह दिवाली हम हर दिन मनाते रहे || रूठ न जाओ तुम मेरी किसी बात पर कभी | तुझको इस तरह ... Read more

दिल से जो शब्द निकलते नहीं --आर के रस्तोगी

दिल से जो शब्द निकलते नहीं | वे कलम से कभी लिखते नही || लिख दिया जो कागज पर दिल से | वे कभी किसी रबड़ से मिटते नहीं || करते ... Read more

किस्सा कुर्सी का ---आर के रस्तोगी

जब चुनाव सयुक्त रूप से लड़ा था, फिर सत्ता में सयुक्त क्यों नही रहते हो ? दोनों ही सी एम की कुर्सी के भूखे हो , फिर जनता को क्यों ब... Read more

पराली के धुएँ से ज्यादा,कोई देश भक्त नहो हो सकता --आर के रस्तोगी

पराली के धुएँ से ज्यादा,कोई देश भक्त नहीं हो सकता | दिल्ली को छोड़,वह इस्लामाबाद व लाहौर नहीं जा सकता || क्यों न करे स्वागत,इस पर... Read more

प्रभु,तुम भक्त जनों के संकट हरते ---आर के रस्तोगी

प्रभु तुम भक्त जनों के संकट हरते, पर मै कष्टों के भण्डार में हूँ | प्रभु तुम केवल शुद्ध हवा पानी दे दो , मै मरने के अब कागार पर ह... Read more

कहनी है एक बात मुझे,देश के सभी युवाओं से --आर के रस्तोगी

कहनी है एक बात मुझे,देश के सभी युवाओं से | छीन लो सत्ता की बागडोर,इन भ्रष्ट नेताओ से || काले कारनामे ये करते है,देश का हित नहीं ... Read more

चारो तरफ जहरीली हवा फैली --आर के रस्तोगी

चारो तरफ जहरीली हवा फैली,अब कैसे जिया जाये ? आँख कान अब बंद करो,जिससे ये हवा अंदर न जाये || जल रही है पुराली काफी मात्रा में,हरि... Read more