Kavi yashvant Patidar

Mandsaur

Joined November 2018

कोई कुछ भी कह दो हमे धर्म निभाना है।
साहित्य हो या सेवा हमे आगे बड़ाना है।

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माँ ही जहां है।

जब जन्म हुआ इस धरती पर माँ का पहला नज़ारा था। माँ का आंचल मुझको स्वर्ग लोक से प्‍यारा था। देखूं जब भी माँ को तो मेरा मन खिल जाता था... Read more