मोनिका गुप्ता

Greater Noida

Joined December 2018

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वो क्षण

वो क्षण गए थे तुम जब बीच राह में छोड़, तकती हूँ अब तुम्हारे आगमन की आए भोर। उसी मोड़ पे वो क्षण रुका हुआ है प्रियतम, अब देह से भी... Read more

दाम्पत्य

1- प्रबल आस्था स्नेह की पराकाष्ठा नव दाम्पत्य 2- हर्षित मन खुशहाल जीवन सुखी दाम्पत्य 3- चंचल मन आनंद हर क्षण दाम्पत्य... Read more

देश के वीर जवान

ख़ाक करने दुश्मन को निकलें वीर जवान, कदम नही रुकेंगे चाहें जाए अब जान। मतवाले हम देश पर मरकर शहीद कहलाएंगे, मारेंगें या मरेंगे तिं... Read more

वेदना हृदय की

जब काली अंधियारी रातों में, प्रियतम की याद सताती है। जब आँखों में अश्रुधारा, लहु बनकर बह जाती है। जब चुप्पी से चीख़ निकालकर, आग ... Read more