Mohsin Aftab Kelapuri

Pandharkaoda

Joined August 2016

Mohsin Aftab Kelapuri is a well known urdu language poet.
He is a song lyrics writer and story writer.many ghazal singers and qawwals sings Mohsin Aftab Kelapuris ghazals.His first poetry collection books name ALFAAZ available on Amazon Kindle in pdf format.Many websites publish his poetry.

Books:
Alfaaz
Aag Ka Dariya

(favorite ashaar by other poets of india)
Use hum yaad aate hai
Teri yaad
Tumhari baat
And many more…..

Awards:
Young Poet Award 2014
Mohsin e Urdu award 2015
Muhibb e Urdu award 2016

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नज़्म / कविता

#ज़िंदा_लाश अब तलक गर्म पड़ी है मेरी नींदों की राख इतनी जल्दी मेरी आँखों को कोई ख़्वाब न दे तुझ को मलूम नहीँ है तो बताता हूँ मैं ... Read more

नज़्म / कविता

*अज़ीम है तेरा ख़ुदा* अज़ीम है तेरा ख़ुदा , रहीम है तेरा ख़ुदा। तू उसकी बात मान ले , वो तेरी बात मानेगा। तू अपने सर को ख़म तो कर य... Read more

नज़्म / कविता

अगर मैं मर गया तो...... जो इनके वास्ते देखें हैं उन ख़्वाबों का क्या होगा? *अगर मैं मर गया तो फिर मेरे बच्चों का क्या होगा?* अ... Read more

नज़्म / कविता

अंधभक्तों को समर्पित अजीब है तेरा हुनर कमाल कर रहा है तू। सवाल के जवाब में सवाल कर रहा है तू। अभी तो जीत हार का भी फ़ैसला नहीं... Read more

ग़ज़ल

खुली हवा में , खुला सर , तुम्हें भी ख़तरा है। ज़रा सा दिल में रखो डर , तुम्हें भी ख़तरा है। हैं चार सिम्त लुटेरे ज़रा संभल के रहो। ... Read more

ग़ज़ल

मैं ने ये जब सुना तो मेरा दिल दहल गया। सूरज का जिस्म आग की लपटों से जल गया। मौसम ने ऐसी आग लगाई थी रात में। मेरे बदन में खून था... Read more

#रंग

*रंग* रहीम भाई , बड़े ही उसूलों वाले , बड़े ही मज़हबी आदमी हैं।पांचों वक़्त की नमाज़ पाबंदी के साथ अदा करते हैं।और हर रोज़ सुबह की नमाज़... Read more

#पालकी

पालकी *छोटी छोटी गय्यां छोटे छोटे ग्वाल* *छोटो सो मेरो मदन गोपाल* बड़ी ही मधुर आवाज़ में भजन गाया जा रहा था,और बड़ी ही शान से बा... Read more

इलाही रहम कर मुझ पर

इलाही!!! रहम कर मुझ पर मेरे सीने में फिर से दर्द उठता है सुलगता है अलाव की तरह मेरी पलकों से कुछ उम्मीदें आंसू बन के यूँ झड़ती... Read more

ख़ामोशी

ख़ामोशी...... जाने कितनी आवाज़ों का ख़ून बहा कर चैन से सोई है कमरे में ख़ामोशी। अब कोई आवाज़ न करना, चुप रहना एक भी हर्फ़ अगर ग़लती ... Read more

शायर

झूठे शाइर ये ग़ौर से सुन लें। शायरी सब के बस की बात नहीं ये वो इल्हाम है के जिस के लिए रब ही चुनता है अपने बंदों में ऐसे बंदों को... Read more

उदास चाँद

आसमाँ पर उदास बैठा चाँद रात भर तारे गिनता रहता है चाहता है के झुक के धरती की चूम ले ये चमकती पेशानी और हसरत निकाल ले दिल की कौन... Read more

ग़ज़ल

तुम जो सीने लगो यार मज़ा आ जाये। आओ कुछ ऐसे करें प्यार मज़ा आ जाये। मैं ने मुद्दत से नहीं देखा सुहाना मंज़र। तेरा हो जाए जो दीदार ... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल हवेली, खेत , कारोबार ,पैसा माँग लेते हैं ! बड़े होते ही बच्चे अपना हिस्सा माँग लेते हैं ! बुजुर्गों की दुवाओं का सहारा... Read more

रिश्ता

रिश्ता कल उसने पूछ ही डाला तुम आख़िर कौन हो मेरे हमारे दरमियाँ जो इक तआलुक़ है, जो रिश्ता है वो आख़िर कौन सा है?? नाम क्या है??... Read more

शेर

वफ़ा का दर्द ज़बाँ से बयाँ नहीं होता। ये ऐसी आग है जिस का धुँआ नहीं होता। बस एक दर्द सा महसूस होता रहता है। नज़र की चोट का दिल पे ... Read more

ग़ज़ल

फसादों से उख़ुवत की जड़ें कमज़ोर होती हैं। बग़ावत से हुकूमत की जड़ें कमज़ोर होती हैं। गिले,शिकवे,शिकायत,एक हद तक ठीक है लेकिन। सिवा ह... Read more

मुक्तक

अब ये दिन रात बदल जाएँ तो अच्छा होगा। मेरे हालात बदल जाएँ तो अच्छा होगा। भूलना उसको मेरे बस में नहीं है लेकिन। दिल के जज़्बात बदल ... Read more

कभी कभी

कभी कभी ये दिल करता है यादें फिर से ताज़ा कर लूँ कच्चे ज़ख्मों को फ़िर खुरचूं चीज़ें फैंकुं , शीशा तोडूँ दीवारों से सर टकराऊँ घर के... Read more

ग़ज़ल

फ़क़ीरी,बादशाही के उसूलों पर नहीं चलती। ये वो कश्ती है जो पानी की लहरों पर नहीं चलती। क़लंदर अपनी मर्ज़ी से कहीं भी घूम सकते हैं। ज़... Read more

ग़ज़ल

इतनी आसानी से फंदे में नहीं आएगी। तेरी किस्मत तेरे क़ब्ज़े में नहीं आएगी। इसको किरदार में तुम अपने सजा कर रख्खो। ये शराफत है ये ब... Read more