Books:
काव्य कॉमिक्स सीरीज़, ज़हनजोरी, नारीपना, फ्रीलांस टैलेंट्स कॉमिक्स, Desi-Pun, Infra Surkh Shayars, Heroes in Real Harsh World etc. https://www.goodreads.com/author/list/5900854.Mohit_Sharma

Awards:
Awards list – http://mohit-trendster-archives.blogspot.com/2013/12/awards-championships-accomplishments.html

Copy link to share

संतुलन

आज सरयू जंगल का माहौल ग़मगीन था। जंगल के राजा बब्बर शेर सूमो का बेटा, जंगल का राजकुमार डिमो गंभीर रूप से घायल था। उसके माथे, छाती और ... Read more

इज़्ज़त की भीख

सरकारी बैंक में प्रबंधक कार्तिक आज कई हफ़्तों बाद अपने अंतरिक्ष विज्ञानी दोस्त सतबीर के घर आया हुआ था। सतबीर के घर रात के खाने के बाद... Read more

दांव

रोटी के रेशों में चेहरा दिखेगा, उजली सहर में रंग गहरा दिखेगा। सच्चे किस्सों पर झूठा मोल मिलेगा, बीते दिनों का रास्ता गोल मिलेगा... Read more

रिक्शेवाली चाची

“डॉक्टर ने तेरी चाची के लिए क्या बताया है?” मनोरमा ने अपनी देवरानी सुभद्रा के बारे में अपनी 17 वर्षीय बेटी दिव्या से पूछा। “मे... Read more

क्यों कहते हैं?

चाय की दुकान पर नये-पुराने ग्राहकों के बीच एक ऐसा ग्राहक कुक्कू जिसे दोबारा कभी उस जगह नहीं आना था। कुक्कू के साथ उसकी रूसी गर्लफ्रे... Read more

सच्चा सैल्यूट

सर्दी का एक शांत दिन। इस मौसम में तापमान और अपराध काफी कम हो गये थे। वार्सा जंगली देहात में नियुक्त हुए नये थानेदार बिमलेश शर्मा ने ... Read more

ख्याल…एहसास

एक ही मेरा जिगरी यार, तेरी चाल धीमी करने वाला बाज़ार… मुखबिर एक और चोर, तेरी गली का तीखा मोड़। करवाये जो होश फ़ाख्ता, तेरे दर का ... Read more

उल्लास की आवाज़

जीव विज्ञानी डॉक्टर कोटल और उनके नेतृत्व में कुछ अनुसंधानकर्ताओं का दल प्रशांत महासागर स्थित एक दुर्गम द्वीपसमूह पर कई महीनों से टिक... Read more

तन-मन का वहम

एक अंधेरे गलियारे में विजय बेचैनी से घूम रहा था। दूर अपनी पत्नी जीवा की परछाई देख उसकी उलझन कुछ कम हुई। "बड़ी देर लगा दी इस बार?" ... Read more

रोग में मिला जोग...

मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जैना गर्भावस्था में ली कुछ महीनों की छुट्टी के बाद हॉस्पिटल काम पर लौटी थीं। रोज़ के काम के बीच कुछ कागज़ों... Read more

झूठी भावना पर सच्चा आशीर्वाद

सोशल मीडिया स्टार रूपल के पास कोई ख़ास हुनर नहीं था। अपनी तस्वीरें, निजी ज़िंदगी इंटरनेट के माध्यम से दुनिया को परोसने के बदले में कुछ... Read more

एड्रनलिन रश वाली झुरझुरी

दिलीप ने चलती गाड़ी से शराब की बोतल सड़क पर पटकी। नशे में कार चला रहे उसके दोस्त हफ़ीज़ ने उसे टोका। “ऐसे बोतल नहीं फेंकनी चाहिए! जानव... Read more

23 मार्च शहीद दिवस नमन

*) - बसंती चोला मैला ना हो... ...तो विदेशी लिबास में ढक लिया, पीढ़ियों को आज़ाद करने... अदने से पिंजरे का कश लिया! गैरों की बिसा... Read more

भूमिका या परिणाम?

परिचय में एक व्यापारी हैं जो फिल्मों, साहित्य में रूचि लेते हैं। वो एक स्थानीय फिल्म बना रहे हैं जिसमें खुद ही हीरो बन गये हैं। उन्ह... Read more

रहनुमा अक्स (नज़्म)

पिघलती रौशनी में यादों का रक़्स, गुज़रे जन्म की गलियों में गुम शख़्स, कलियों की ओस उड़ने से पहले का वक़्त। शबनम में हरजाई सा रंग आया... Read more

“काश मैं अमिताभ बच्चन का अंतर्मन होता…” (हास्य)

मैंने एक कहानी लिखी और मेरा अपने अंतर्मन से वार्तालाप शुरू हो गया। अंतर्मन - “छी! क्या है ये?” मोहित - “कहानी है और क्या है?” ... Read more

एक सीमान्त

नम्रता को उसके गायक पति शिबू भोला ने डेढ़ घंटे बाद फ़ोन करने की बात कही थी। बेचैनी में उसने जैसे डेढ़ घंटे के 5400 सेकण्ड्स पूरे होते ह... Read more

विचारों पर विचार

कहानी लिखते समय कभी-कभी एक दुविधा का सामना करना पड़ता है। एक विचार को आधार बनाकर एक कहानी (या लेख) गढ़ी गयी। उस विचार से बहुत से अन्य ... Read more

जासूस सास (हास्य)

लक्ष्मी कुमारी स्वेटर बुनने से तेज़ गति से अपनी बहु पर विचार बुन रही थीं। वैसे उनकी बहु शताक्षी ठीक थी….बल्कि जैसी कुलक्षणी, कलमुँही... Read more

काल्पनिक निष्पक्षता

"जगह देख कर ठहाका लगाया करो, वर्णित! तुम्हारे चक्कर में मेरी भी हँसी छूट जाती है। आज उस इंटरव्यू में कितनी मुश्किल से संभाला मैंने..... Read more

सामाजिक समस्याओं में अंतर

समस्या जीवन का अभिन्न अंग है। कुछ पाना है, कुछ करना है…सांस तक लेते रहना है तो भी कोई ना कोई समस्या मुँह बाये तैयार रहती है। हाँ, वी... Read more

कला में संतुलन की कला

“लाइफ इज़ नॉट फेयर”, ये प्रचलित कहावत है। मैंने पहले कई बार कलाकारों की दयनीय स्थिति पर बात रखी है। आज एक अलग सिरे से विचार रख रहा हू... Read more

प्रतिक्रियाओं पर प्रतिक्रिया (हर कलाकार के लिए लेख)

हर प्रकार के रचनात्मक कार्य, कला को देखने वाले व्यक्ति की प्रतिक्रिया अलग होती है। यह प्रतिक्रिया उस व्यक्ति की पसंद, माहौल, लालन-पा... Read more

हम सब (आंशिक) पागल हैं!

मानसिक रूप से अस्थिर या गंभीर अवसाद में सामान्य से उल्टा व्यवहार करने वाले लोगों को पागल की श्रेणी में रखा जाता है। समाज के मानक अनु... Read more

रंग का मोल

आज भारत और नेपाल में हो रहीं 2 शादियों में एक अनोखा बंधन था। दिव्यांशी अपने सांवले रंग को लेकर चिंतित रहती थी। सारे जतन करने बाद... Read more

किसका भारत महान?

पैंतालीस वर्षों से दुनियाभर में समाजसेवा और निष्पक्ष खोजी पत्रकारिता कर रहे कनाडा के चार्ली हैस को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की घोष... Read more

कुपोषित संस्कार

वर्ष में एक बार होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, हवन के बाद अपने अपार्टमेंट की छत पर चिड़ियों को पूड़ी-प्रसाद रखने गया तो 150 पूड़ियाँ देख क... Read more

यादों की तस्वीर

आज रश्मि के घर उसके कॉलेज की सहेलियों का जमावड़ा था। हर 15-20 दिनों में किसी एक सहेली के घर समय बिताना इस समूह का नियम था। आज रश्मि क... Read more

तेरे प्यार के बही-खाते

जुबां का वायदा किया तूने कच्चा हिसाब मान लिया मैंने, कहाँ है बातों से जादू टोना करने वाले? तेरी कमली का मज़ाक उड़ा रहे दुनियावाले..... Read more

कलरब्लाइंड साजन

“देखना ये सही शेड बना है? आना ज़रा…” “मैं नहीं आ रही! जब कोई काम कर रही होती हूँ तभी तुम्हे बुलाना होता है।” अपने कलाकार पति आश... Read more

झुलसी दुआ

सरकारी नौकरी की तैयारी में कई वर्ष बिताने के बाद सोमेश का चयन अग्निशमन कर्मी पद पर हुआ। जहाँ घरवालों में जोखिम भरी नौकरी को लेकर सवा... Read more

खाना ठंडा हो रहा है!

साँसों का धुआं, कोहरा घना, अनजान फितरत में समां सना, फिर भी मुस्काता सपना बुना, हक़ीक़त में घुलता एक और अरमान खो रहा है... ...और ... Read more

पैमाने के दायरों में रहना...

पैमाने के दायरों में रहना, छलक जाओ तो फिर ना कहना... जो जहां लकीरों की कद्र में पड़ा हो उस से पंखों के ऊपर ना उलझना... किन्ही मर... Read more

समूह वाली मानसिकता

प्राकृतिक और सामाजिक कारणों से हम सभी की पहचान कुछ समूहों से जुड़ जाती है। उदाहरण के लिए एक इंसान की पहचान कुछ यूँ - महिला, भारतीय, अ... Read more

जीवन में विलेन ढूँढने की आदत

कॉमिक्स लेखन में एक कहावत है, “विलेन भी अपनी नज़रों में हीरो होता है।” खलनायक अपनी छोटी भूल से लेकर जघन्य अपराधों तक का इतनी चपलता से... Read more

इंटरनेटिया बहस के मादक प्रकार (व्यंग लेख)

दो या अधिक लोगों, गुटों में किसी विषय पर मतभेद होने की स्थिति के बाद वाली चिल्ल-पों को बहस कहते हैं। वैसे कभी-कभी तो विषय की ज़रुरत ह... Read more

"…और मैं अनूप जलोटा का सहपाठी भी था।"

*कलाकार श्री सत्यपाल सोनकर पिछले शादी के सीज़न से ये आदत बनायी है कि पैसों के लिफाफे के साथ छोटी पेंटिंग उपहार में देता हूँ। पेंटि... Read more