Mohit Negi Muntazir

Srinagar, Uttrakhand

Joined July 2018

मोहित नेगी मुंतज़िर एक कवि, शायर तथा लेखक हैं यह हिन्दी तथा उर्दू के साथ गढ़वाली में भी लिखते हैं तथा गढ़वाली के एक प्रसिद्ध कवि हैं। इनका जन्म 12 नवम्बर 1995 को उत्तराखंड के सौंराखाल गांव में हुआ। इन्होंने अपनी शिक्षा श्रीनगर उत्तराखंड से की। तथा पिछले 5 वर्षों से निरन्तर साहित्य सेवा में लगे हैं।

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ये तो मिलते रहते हैं - मोहित नेगी मुंतज़िर

धन और दौलत नाम और शोहरत ये तो मिलते रहते हैं जीने के अंदाज़ तरीके ये तो मिलते रहते हैं। इतनी बस दरख़्वास्त हमारी आप हमारे घर आओ म... Read more

बूढ़ी सांसें (कविता) - मोहित नेगी मुंतज़िर

बूढ़ी सांसें चल रही थीं सहारे लाठी के मैं हथप्रभ था झुका हुआ था शर्म से और सोचता था काश! मैं कुछ कर पता... मगर अफ़सोस... Read more

तुझको जीवन से जाने न दूंगा कभी | मोहित नेगी मुंतज़िर

तुझको जीवन से जाने न दूंगा कभी हाथ फैला न ख़ैरात लूंगा कभी। मेरी हसरत है ऊंचाई दूंगा तुझे ज़ीस्त में कुछ अगर कर सकूँगा... Read more