Mohammad Azam

Belthra Road, Ballia, U.P.

Joined August 2017

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तकदीर का सैलाब

गिला तुमसे नहीं तकदीर से है जो खुशियां तो लाती है, पर ग़मो के सैलाब के साथ जिसमे डूबते उतलाते रहते हैं मेरे ख़्याल ये सैलाब हर चीज़... Read more

मैं (घमंड)

टूटे रिश्ते संवारना मुश्किल नहीं नए रिश्ते बनाना मुश्किल नहीं मुश्किल है तो बस "मैं" को हराना माफ़ कर देना माफ़ी मांग लेना मुश्क... Read more

एक खास दोस्त

ज़िन्दगी में दोस्त तो कई हैं पर तुम कुछ खास में से हो तुम्हारा ज़िक्र आता है पर महफ़िल में नहीं तुम्हे याद करता हूँ पर सिर्फ तन्ह... Read more