प्रकाशन साहित्यिक गतिविधियाँ एवं सम्मान – अनेकानेक पत्र-पत्रिकाओं में आपकी गज़ल, कवितायें आदि का प्रकाशन | प्रकाशित साहित्य – गुलदस्त ए ग़ज़ल (साझा काव्य-संग्रह), काव्य सुगंध भाग-3(साझा काव्य-संग्रह),कलाम को सलाम (साझा काव्य-संग्रह), प्रेम काव्य सागर (साझा काव्य-संग्रह), अनुकृति प्रकाशन, बरेली त्रैमासिक पत्रिका ‘अनुगुंजन’में सतत प्रकाशन |पहला गजल-संग्रह ‘कागज़ पर जिंदगी’ प्रकाशाधीन |

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हाले-दिल गैरों से खुलकर के बताया न गया

हाले-दिल गैरों से खुलकर के बताया न गया ज़ख़्म ऐसा था किसी तरह् छुपाया न गया टूटे रिश्तों में यकीं फिर से जगाया न गया फ़ासिला द... Read more

राहो-मंज़िल सभी की जुदा देखिये

राहो-मंज़िल सभी की जुदा देखिये आदमी आदमी से ख़फ़ा देखिये झांकिए मत गिरेबां हमारा मियाँ इक दफ़ा आप भी आइना देखिये इश्क़ की आग से ब... Read more

आइना खुद को दिखाना आ गया

आइना खुद को दिखाना आ गया राब्ता सच से निभाना आ गया जब से हम करने लगे हैं शायरी दर्द की महफ़िल सजाना आ गया आसमानी सोच उसकी हो... Read more

अक़ीदत झूठ की करता नहीं मैं

अक़ीदत झूठ की करता नहीं मैं बदी के रास्ते चलता नहीं मैं मुझे आता है लड़ना मुश्किलों से किसी भी हाल में डरता नहीं मैं रखा करता ... Read more

शब्दों और भावों का रण

हृदय का अभिमान ढूंढ़ता अधरों का जलपान ढूंढ़ता शब्दों और भावों के रण में रोज़ नया मैं गान ढूंढ़ता नए-पुराने प्रतिमानों से कुछ अपन... Read more

ज़िन्दगी हमको बिताना आ गया

ज़िन्दगी हमको बिताना आ गया रोते रोते मुस्कुराना आ गया ज़ख्म देने में लगे इंसान सब आजकल कैसा ज़माना आ गया माँ मिली जो घर के बाँ... Read more

तिश्नगी दिल की वो बढ़ाते हैं

तिश्नगी दिल की वो बढ़ाते हैं दुश्मनी हमसे ज्यों निभाते हैं बेहयाई तो देखिये उनकी ज़ख्म देते हैं मुसकुराते हैं लूट लेते हैं वो... Read more

किसी का टूट जाये दिल कभी वो बात मत कहिये

किसी का टूट जाये दिल कभी वो बात मत कहिये मुहब्बत पाक बंधन है इसे ख़ैरात मत कहिये सुबह से शाम तक इक आपकी ही फ़िक्र रहती है मुहब्बत... Read more

न फैला हाथ तू अपना ज़रा सम्मान पैदा कर

न फैला हाथ तू अपना ज़रा सम्मान पैदा कर हमेशा सर उठा के जीने का अभिमान पैदा कर लुटा दे ज़िन्दगी हिंदोस्तानी आन की ख़ातिर मेरे भाई त... Read more

बेवफ़ा है ज़िन्दगी और मौत पर इल्ज़ाम है

बेवफ़ा है ज़िन्दगी और मौत पर इल्ज़ाम है मौत तो इस ज़िन्दगी का आखिरी आराम है लोग जाने क्यों भटकते हैं खुदा की ख़ोज में खोजिये ग़र माँ ... Read more

अगर तुम साथ चल दो तो सफ़र आसान हो जाये

अगर तुम साथ चल दो तो सफ़र आसान हो जाये तुम्हे पाकर के हम सबसे बड़े धनवान हो जाये वज़ाअत और सीरत में तेरी जादूगरी ऐसी तुम्हे जो देख... Read more

वो मेरी हस्ती मिटाने को चला

वो मेरी हस्ती मिटाने को चला फूंक से पर्वत उड़ाने को चला यूँ नहीं था ख़ास मक़सद चलने का सिर्फ अपनी ज़िद निभाने को चला पैरहन उजला ... Read more

कहो कैसे जिए इस ज़िन्दगी को

कहो कैसे जिए इस ज़िन्दगी को ज़रूरत आपकी है आशिकी को मिटाकर फ़ासले आराम दे दो बहुत मुश्किल है सहना बेरुखी को बहाकर आसमां आँसू मु... Read more

भुलाता जा रहा है सादगी को

भुलाता जा रहा है सादगी को ये क्या होने लगा है आदमी को जिधर देखो अँधेरा ही अँधेरा चलो हम ढूँढ लाये रोशनी को उठाता हाथ है औरत ... Read more

हमें कब तलक आजमाते रहोगे

हमें कब तलक आजमाते रहोगे गिराते रहोगे उठाते रहोगे बचाओगे कैसे मुहब्बत से दामन अगर आप नज़रें मिलाते रहोगे कि बेकार हो जायेगी स... Read more