ग़ज़लकार, कवि, कराटे कोच, समाज सेवी, स्टेनोग्राफर

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मित्रपाल शिशौदिया "मित्र"

आ गया है क्या जमाना आजकल आदमी झूठा फसाना आजकल कर रहा है वो सितम हर बात पर लग रहा हक पर निशाना आजकल बात दौलत की ... Read more