मिथिलेश कुमार शांडिल्य
भूतपूर्व वायुसैनिक, RT-157 batch

कनिष्ठ कार्यपालक -भेल अनुसन्धान एवं विकाश

शिक्षा- एम. ए. , एमबीए

ग्राम- आंती
जिला-नवादा (बिहार)
बर्तमान निवास- बैंगलोर

फेसबुक लिंक-facebook.com/mithlesh.kumar.pragyaputra
ट्विटर लिंक- twitter.com/mithiiaf

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चलो हम थोड़े से इंसान हो जाएँ

तुम सीता और शेखर, हम सलमा और सुलेमान हो जाएँ तुम थोड़े हिन्दू और हम थोड़े मुसलमान हो जाएँ, चलो हम थोड़े से इंसान हो जाएँ हरी सलवा... Read more

स्वर्गीय श्री अनंत कुमार को श्रद्धांजली

तुम अनंत थे, तुम अनंत हो, तुम अनंत रहोगे. सस्य श्यामला भरतभूमि के तुम श्रीमंत रहोगे. Read more

क्या विकाश पगला गया है?

सफर की शुरुआत जिन्दगी अपने साथ सपनों की सतरंगी दुनिया लेकर आती है| चाहे वो अमीर के घर आए या फकीर के घर|खुशियां बराबर मनायी जाती ह... Read more

सन्देश

दुविधाओं के जाल काटकर , खुद को नयी दिशा दिखला, तूफानों में बुझे नहीं जो, वो आशा के दीप जला पथ कांटों को चुभने दो, पीड़ा होगी ... Read more

हे माँ, तुम्हें नमन है.

माँ, निर्झर का पानी है; अमिट कहानी है, माँ, सस्य श्याम धरती की तुम ही तो रानी है, माँ, जलती दुपहरी में पीपल का छाँव है, माँ, सा... Read more

कलियुग की द्रौपदी

आओ मुरारी अब, द्रौपदी बचाओ तुम्हीं; पक्ष या विपक्ष हो, सबों में दु:शासन हैं घर हो, गली हो या फिर शासन- प्रशासन हो पांडव... Read more

पढ़े लिखे नादां

अक्सर मुझसे पढ़े लिखे नादां पूछते हैं, क्यूँ हो बेचैन, परेशां पूछते हैं? मैं तो मस्त मिथिलेश हूँ , धुन के पक्के; पर वो, मेर... Read more

पूज्य पिताजी

उंगलियाँ पकड़कर जो चलना सिखाया , फिसलते कदम को संभलना सिखाया , न जाने वही आज नाराज क्यूँ हैं. जलती दुपहरी सा मेरा बदन था ; लग... Read more

शिकवे गिले

सारे शिकवे गिले भूला के कहो, जो भी कहना है मुस्कुरा के कहो. ओ मेरे जाने जहां , जाने ज़िगर, तू ही तू है जहां तलक है नजर तेरे याद... Read more

मैं हूँ हिन्दुस्तान

मैं जंग लगी तलवार नहीं , मैं बेबश लाचार नहीं, मैं सर से पैर बबंडर हूँ चल पडूँ तो मस्त कलंदर हूँ बस इन्तेजार उस पल का है जब लगे सब... Read more