भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास।
प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक – लेखन कार्य।
पूर्व में “नई दुनिया” एवं “राजस्थान पत्रिका “समाचार-पत्रों व ” सरिता” में रचनाएँ प्रकाशित।
जयपुर के पाक्षिक पत्र “कायस्थ टुडे” एवं फेसबुक ग्रुप्स “विश्व हिंदी संस्थान कनाडा” एवं “प्रयास” में अनवरत लेखन कार्य।
लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन।

“माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।”
जय वीणा पाणि माता!!!

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ग़ज़ल - बदगुमानी बदल दे

न किस्मत लिखे मुंह जबानी बदल दे कभी तो ख़ुदा ज़िन्दगानी बदल दे। लो आए खुशी के ये दिन और रातें जो रातें थीं काली आसमानी बदल दे।... Read more

ग़ज़ल - सलीका ज़िन्दगी का

मुहब्बत में मज़ा तो दिल की क़ुर्बानी से आया है कि मिटने की कसम है दिल तो मनमानी से आया है। पियो तुम जाम आँखों से कि मयखाने में... Read more

ग़ज़ल- "रिझाती है मुझे"

ज़िन्दगी तू क्यों सताती है मुझे। गीत यादों के सुनाती है मुझे। आसमां में संग तारों के कभी चांद बन कर तू रिझाती है मुझे। व... Read more

ग़ज़ल

आसमां उस रात कुछ ज़्यादा हसीं हो जाएगा। चाँद भी करके शरारत शबनमी हो जाएगा। छा उठेगीं ख़ुशबुएं जब रात रानी की वहां नूर तेरे रू... Read more

हुई जीत विश्वास की

भारत पुत्र हुआ है विजयी सारे शत्रु हुए हैं आहत। जीत सदा सत्य की होती आज हुआ यह सच साबित। सद्सेवा में मग्न सत्पुरुष बना शत्... Read more

दो मुक्तक

मुक्तक (1) हुई सत्य की जीत है चहुंओर है हर्ष। होगा पुनः प्रारंभ अब भारत का उत्कर्ष। दुर्भावनाओं के व्यंग्यवाण बहुत झेले, क... Read more

ज़िन्दगी ग़ज़ल लगने लगी है

बन मुहब्बत का वो साज बजने लगी प्यार की धुन से आवाज़ सजने लगी। ज़िन्दगी के खियाबां में गुल प्यार के क्या खिले सारी दुनिया महकन... Read more

नज़ारा बाद का.....

सभी वादे निभाने जा रहे हैं कि वो मूरख बनाने जा रहे हैं। नया क्या देखने को अब मिलेगा उसी हरकत को तो दुहरा रहे हैं। वही हल्ला... Read more

मुक्तक

(1) मात्राभार - 24 मत देने का आपका, बहुत बड़ा अधिकार। बुद्धि और विवेक संग, चुनें योग्य सरकार। यदि चयन में आपने, कर दी लापरवाह... Read more

ग्रीष्म

🌸🌸 तपती धूप अगन बरसती खोजती छाया 🌸🌸 रवि प्रचंड है संतप्त बैशाख तीक्ष्ण रश्मियां 🌸🌸 प्यासी वसुधा शुष्क हैं तरुवर है त्राहि... Read more

वह लड़की

कुछ समय पहले घर में "फिश एक्वेरियम" आया था। उसमें सात मछलियां डाली थीं। उनमें एक सबसे सुन्दर मछली को हमने "परी मछली" नाम दिया था। बद... Read more

कर सकता नहीं

💮💮💮 चाह तेरी नज़र की इन्कार कर सकता नहीं, अश्कों से लबरेज ये अब्सार कर सकता नहीं। 💮💮💮 सुबह का है आफ़ताब कि चाँद है तू रात का, ... Read more

जहाँ माँ मुस्कुराती है

दिलों जां वार कर वो ज़िन्दगी सबकी बनाती है ज़हर पीकर वो सबको ही सदा अमृत पिलाती है। कड़ी तपती दुपहरी हो कि मौसम तेज़ बारिश का ... Read more

माँ

ये माँ की दुआ का असर है ग़म क्या है मुझे ना ख़बर है। देखे जिस जगह सिर्फ ख़ुदा माँ की उस जगह भी नज़र है। जिसके सिर पर न वो हा... Read more

ले लो फिर अवतार

ले लो तुम अवतार मैया ले लो फिर अवतार भक्तों की पीड़ा को मिटा दो कर दो बेड़ा पार ले लो तुम अवतार। नारी के पग पग पर काँट... Read more

हूँ वो शाइर

हूँ वो शाइर जो अजाबों की अज़ल लिखती हूँ अश्कों के हर्फों से मैं दर्दे ग़ज़ल लिखती हूँ। तुम मुझे चाहे समझ लेना धरा की माटी मैं ... Read more

ग़ज़ल---- ज़ख्म किसी को दिखाना नहीं।

राज़ दिल के किसी को बताना नहीं है भरोसे के लायक जमाना नहीं। रहम उन पर करो जो हैं बेबस पड़े तुम कभी भी दुखी को सताना नहीं । ... Read more

बदलते परिवेश में पिता और पुत्री

राजा जनक व उनकी दुलारी सुपुत्री सीता आज भी भारतीय संस्कृति में पिता व पुत्री के मध्य स्नेह, प्रेम व वात्सल्य के सामंजस्य के अद्विती... Read more

साहित्य और सावन

कजरारी काली घटाएं... उमड़ते घुमड़ते बादल.... रिमझिम बुंदियां..... भीना भीना मौसम..... सावन शब्द ही अपने आप में बड़ा मनभावन है। म... Read more

देश सेवा

आज स्वतंत्रता प्राप्ति के इतने लंबे अंतराल के पश्चात यदि हम देश के प्रति लगाव आस्था व निष्ठा के परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण करने चलें... Read more

बरखा

हाइकू श्यामल घटा दमकत दामिनी घन बरसे। ओ घनप्रिया मेघाच्छादित नभ आयी बरखा। श्रावण मास नाचे सौदामिनी बरसे नैना। ... Read more

"अंधविश्वास "

एक ही घर के कुल ग्यारह सदस्य जिसमें बच्चे भी सम्मिलित है न जाने किन अंधविश्वासों व आडम्बरों से ग्रस्त हो कर एक साथ काल के गाल में स... Read more

कुंभ के मेले में

मेरा सत्य यात्रा संस्मरण बात लगभग आज से बाईस-तेईस वर्ष पूर्व की है। मेरा मायका उज्जैन (मध्य प्रदेश) में होने के कारण मैं ... Read more

वह टेलिफ़ोन की घंटी

सत्य घटना (स्वयं मेरे साथ घटित सत्य वृत्तांत) कहते हैं कि परलोक सिधार कर भी अपने प्रियजनों की आत्मा हमें कभी छोड़ कर नहीं जात... Read more

मुक्तक

(1) जिसका बहुमत उसी की *सत्ता दिखलाए वह अपनी प्रभुत्ता उससे पंगा लिया तो जैसे आ पड़ा मधुमक्खी का छत्ता। (2) अतुल *सुंदरी... Read more

मुक्तक

मुक्तक जिसका बहुमत उसी की *सत्ता दिखलाए वह अपनी प्रभुत्ता उससे पंगा लिया तो जैसे आ पड़ा मधुमक्खी का छत्ता। (2) अतुल... Read more

ग़ज़ल "टूटे दिल को

क्यूँ अश्कों से भीगा तेरा चहरा लगता है देखे न सुने न ज़माना ये बहरा लगता है। 🌾🌾 वो चोटें जो एवज वफ़ा के खाई थीं मैंने उनका घा... Read more

जन्मकुंडली

आज चोपड़ा जी आरती बिटिया को विदा कर के निश्चिंत हो गये थे। हों भी क्यों न यह शादी उनकी इच्छानुसार हुई थी। रमेश अरोरा के होनहार सुपुत... Read more

दीप और बाती

लौ उसकी यूँ देखी इठलाती तो पूछा उठा दीप री बाती तू क्यूँ इतना इतराती श्रयण तो दिया है मैंने ही तुझे अपने अंतस में वरना ते... Read more

ॐ सूर्याय नमः

दिया तुम्हें मालिक ने यह नगीना अनमोल दे रहा जो हर इक को उसके हिस्से की/धूप /ऊष्मा /ताप बेमोल/बगैर नाप-तौल किस में है इतना दम ... Read more

स्वागत है अभिनन्दन

आओ! स्वागत है अभिनन्दन!! माँ ले खड़ी है हल्दी चंदन! पिता करे अगवानी नन्दन! जन जन का है तुमको वन्दन! आओ! स्वागत है अभिनन्... Read more

मेंहदी

नेह प्रेम की प्यारी मेंहदी, है हम नारियों का सौभाग। रचती रहे यूँ ही हाथों में, जुग-जुग जीता रहे सुहाग।। देख सखी ये तेरी-मे... Read more

उसी का ये ज़माना है

इरादा ये कि अब रूठे हुए रब को मनाना है, दिलों में आस औ उम्मीद के दीपक जलाना है। तमन्ना झूम कर नाचे सफलता भी कदम चूमे, हमें हर... Read more

दोहे

मात पिता का कीजिए, सदैव आदर मान। जिनसे हमको है मिला, इस जीवन का दान।। अहंकार से तुम सदा, बचना मेरे यार। रावण की गति क्या... Read more

" जय श्री राम "

श्री राम जय राम जय जय राम हर सुख दुख में लूं तेरा ही नाम। तू ही है मेरा जीवन दाता तू ही हमारा भाग्य विधाता तू ही बनाए मेरे बिग... Read more

तुमको नमन

आज शहादत पर उन वीरों की कितनों के झुकते हैं शीश। देश के लिए बलिदान हो गये स्वतंत्र भारत जिनकी है बख्शीश। स्मरण है किस क... Read more

सतरंगी मीठे फल प्यारे

लाल रंग का गोल सेब है हरे रंग का है अमरूद। पीला पीला मस्त आम है और हरे भरे गुच्छे अंगूर। नारंगी होता है संतरा और चीकू क... Read more

नमन तुमको

आओ हम उस वीर धरा का विश्व से परिचय कराएं। गौरवशाली भारत वैभव का परचम फिर लहराएं।। अविच्छिन्न था देश हमारा सकल विश्व में था ... Read more

इस बार होली में

💠 भरी हों नेमतें खुशियों की अब हर एक झोली में करें हम बैर औ नाराज़गी रुखसत अब डोली में। 💠 चलाओ आज पिचकारी अनोखे प्रेम रंगों की... Read more

काष्ठकार हैं कहलाते

कोई कहे बढ़ई कोई कहता है खाती कोई हमको कहता है सुतार लकड़ी है हमारी रोजी रोटी हम कहलाते हैं काष्ठकार 🌿🌿🌿🌿 मिला हमें पूर्वजों स... Read more

राम का घर

कुंभ समाप्ति पर अयोध्या, में होगी संतन भीड़। बने राम मंदिर ही वरना, यहीं हमारा नीड़। हर हृदय में बसे राम लला, दुखी क्यों... Read more

कान्हा संग होली

पूजा की थाली सजी लड्डू गोपाल संग रोली अक्षत भोग भी है अबीर गुलाल संग। संग-संग होलिका के बैर को जलाना है प्यार और स्नेह के रंगों ... Read more

तुम सा कोई नहीं

पूजनीया माँ की जयन्ती पर प्यारी माँ को सस्नेह समर्पित 🙏🙏 माँ तुम सा न कोई कभी था और कभी न हो सकता इक इक पल का प्यार तुम्हा... Read more

एतबार मांगा था

हमने दिल का करार मांगा था अपने हिस्से का प्यार माँगा था। भूले थे हम तो सब गिले शिकवे तू भी हो खुश गवार माँगा था। सहरा में फ... Read more

चुनमुन हूँ मैं

मैं छोटी सी चुनमुन हूँ ऊधम खूब मचाती हूँ हर दम मस्ती करती रहती चाहे जहाँ गिर जाती हूँ। कभी गिरूं मैं पलंग पर से कभी गिरूं चलत... Read more

हास्य-व्यंग्य "कन्यादान की जगह वरदान"

बुद्धि जीवी हैं तो कभी सोच कर देखिए कि यदि "कन्यादान" के स्थान "वरदान" होता काश! तो क्या माहौल होता घर-घर का। हर घर अखाड़ा, हर घर... Read more

कैसे खेलूं होली

फागुन आया लेकर सखी फिर से होली का त्योहार। कैसे खेलूं होली जब बिछुड़ा है मेरे तन-मन का शृंगार।। सरहद पर वे खेल गये दुश्मन... Read more

गरीब बेटी

अंतड़ियाँ जब कुलबुलाती हैं तब बुझानी होती है एक असह्य अगन जो कई दिनों से उधार चल रही कई-कई उदरों की जन्म दाता हो जाते व... Read more

रिश्तों में कैंची

रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय। टूटे से फिर न जुड़े, जुड़े गांठ पड़ जाय।। वह समय बीत गया जब अपने तो... Read more

कुछ भी नहीं

गर चाहो तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है। है भुजबल की शक्ति कठिन कुछ भी नहीं है । ताकत ही उड़ने की देती है गवाही पंखों में जो जज्बा ... Read more