भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास।
प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक – लेखन कार्य।
पूर्व में “नई दुनिया” एवं “राजस्थान पत्रिका “समाचार-पत्रों व ” सरिता” में रचनाएँ प्रकाशित।
जयपुर के पाक्षिक पत्र “कायस्थ टुडे” एवं फेसबुक ग्रुप्स “विश्व हिंदी संस्थान कनाडा” एवं “प्रयास” में अनवरत लेखन कार्य।
लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन।

“माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।”
जय वीणा पाणि माता!!!

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ग़ज़ल

मासूमों का कातिल है तू ओछा है औ जाहिल है तू हरकत से बाज़ न आएगा धूर्त बदी की मंजिल है तू जिसमें मौतें ही बहती हों उस दरिय... Read more

सरहद पे जवान

खड़े सरहद पे जो जवान हैं मेरे भारत की दृढ़ चट्टान हैं। जिनके फौलादी होते हैं सीने भुजबल में जिनकी दमखम है जिनकी कठिन त्याग तप... Read more

कब तलक

अब नहीं शेरों का यूं बलिदान ज़ाया जाएगा अब न वीरों की शहादत को भुलाया जाएगा। ऐ पड़ोसी तू न अपनी ओछी हरकत पर अकड़ क्या है तेरी ह... Read more

वह होती है माँ

कहा किसी ने मुझसे कि बेटा हर टेढ़ी मुश्किल में इस जग में किससे रखे तू आशा बिन सोचे समझे मैं बोली माँ......... पूछा गय... Read more

सैनिक

भारत का हर इक सैनिक शिलात्मज भारत का हर बांकुरा है चट्टान हहराता है उनसे तो काल भी आ तू रणभूमि में करते हम आव्हान ओ तुच्छ अ... Read more

युद्ध

घर में गमगीन माहौल है। सब बेचैन हैं । सबका मन भारी है। "कौन आ रहा है दादी ?" नन्हा रघु बोला। "अरे रघु अपने पापा ।" तुरन्त बहन ... Read more

बसंत पर मुक्तक

💮💮💮 पात पुराने बिछुड़े डाली- डाली नव पल्लवों ने बिखेरी हरियाली हुई पद आहट ऋतुराज वसंत की कुहू कुहू बोले कोयलिया काली । 💮💮💮 छ... Read more

हसरतों को गले से लगाते रहे

तीर खा कर सनम मुस्कुराते रहे हम मुहब्बत में खुद को मिटाते रहे। एक भी तो न साबित सच हो सका जो भी इल्ज़ाम मुझ पर लगाते रहे। ... Read more

माँ तुझे नमन

तू स्पर्श है तू जीवन है इस संसार में मेरे अस्तित्व का अहसास है तू तू कुसुम है तू सुगंध है आदि-अंत जग हो सुरभित वह महकती ... Read more

काश !

ऋतु वसंत में वो मूंदते हैं अँखियों को काली रातों में आस किरण के संजो स्वप्न कि खुलेंगी पलकें तो शायद होगी कोई नव वासंती भो... Read more

सखि! बसंत आया है।

झर-झर झरे वो पात पुराने नव पल्लव स्वर खिलखिलाया है प्रेम राग हर शाख ने गाया ऋतुओं ने सेहरा सजाया है सुना है सखि! बसंत आया है। ... Read more

सुन ले मूरख

भारत वीरों के गर्जन सम्मुख, सिंह दहाड़ भी फीकी है ओ मूर्ख पड़ोसी तूने क्या यह तुच्छ बात भी नहीं सीखी है। ओछी हरकत छोड़ अधम त... Read more

सूरज

दिया तुम्हें मालिक ने यह नगीना अनमोल दे रहा जो हरेक को/धूप /ऊष्मा /ताप बेमोल/बगैर नाप-तौल किस में है इतना दम उसके न्याय पर क... Read more

तुम्हारे बिना

अगर आए कयामत तो तेरे पहलू में दम निकले बड़े बेताब लेकर ख्वाब ये नज़रों में हम निकले । तिरा ही ख्वाब रातों में हैं दिन में भी त... Read more

ज्वाला प्रचंड हूँ

अब बीत चुका वह समय जब मेरी दुनिया थी घर आंगन। हालातों ने किया विवश है तब मैंने संभाला रणआंगन। मर्यादा की ओट लिए मैं अग्नि ... Read more

आओ खुशियाँ बाँटें

हज़ारों खिल गये गुल फिर भी यह गुलशन तरसता है कि लाखों पत्थरों के बीच इक हीरा तरशता है। सुखाओ फूंक कर इंसानियत तुम उनके छालों को ... Read more

"जान बची तो लाखों पाए"

बात बहुत पुरानी नहीं है। 24 नवंबर 2018 की बात है। मैं अपने पति देव के साथ झुंझनू (राजस्थान ) से एक समारोह में भाग लेने के बाद जयपुर ... Read more

कहाँ गए वो दिन

उफ ये कारी बदरिया.... ऐसे मुझको क्यूँ रिझाए। देख इसे क्यूँ बार बार मुझे.... अपना कोई याद आए। झांकना भी चाहे मन.... यादों के झर... Read more

कुछ अच्छा हो जाए

वक्त से जो न तू सबक ले, जो न करे गुरूर तू नष्ट। अहंकार का नशा दिखा कर, हो रहा है तू क्यों पथ-भ्रष्ट। जो तू आज कर रहा प्राणी,... Read more

लो फिर बारिश आई

सावन का महीना, न धूप न पसीना। आ गई तू बरखा प्यारी, रिमझिम रिमझिम तेरी फुहारी। तेरे आने पर हर बार, जाग उठती हैं यादें सारी... Read more

ओ प्यारी चुनमुन!!!

नीले आकाश से उतरी है तू वह नन्ही परी, जिसने की मेरी, जीवन बगिया हरी-भरी। मासूम है तू प्यारा है तेरा चेहरा सलोना, खुशियों... Read more

पति की सेहत के लिए

हे परमेश्वर तू दया रखना, अपने भक्त पर कृपा रखना। जो भी होगा अच्छा ही होगा, तेरा आशीष भी तुझ सा होगा। स्वास्थ्य लाभ शीघ्र हो ज... Read more

"सिया का राम को हृदय संदेश"

नयन झुक गये बोल रुक गये तुम्हें देख मैं हुई हूँ निःशब्द । कैसे करूं मैं प्रेम प्रदर्शित राम सम्मुख सिया है स्तब्ध । अप्रतिम प... Read more

नारीत्व

नारी का नारीत्व है होता तभी सच्चे अर्थों में परिपूर्ण जब किसलय सा हो अंकुरित उसकी कोख में नन्हा भ्रूण नारी का मुदित मुख बता... Read more

फिर आ गये...

शुरू हुई सर गर्मी चुनाव की ऋतु आ गयी मोल भाव की सौदेबाजी चल रही जोर से हर दल गुजरे डर के दौर से घड़ी आ गई बड़े तनाव से शु... Read more

उपकार

दुख ही है जिनका संसार, जो जीवन से जाते हार। कभी न उनसे कटु बोलना, कर देना इतना उपकार। ओ दुनिया का पालनहार, करना हम प... Read more

जीवन

जीवन नैया भीषण है तूफान पड़े आघात अस्तित्व की खातिर संघर्ष निरंतर......... रिश्तों के पुष्प जीवन की बगिया बाग को सींचो उप... Read more

नेकी को पहचानो

छल और प्रपंच से छलनी किया गर यार का हृदय यूँ दिल दुखाने से दोस्ती कभी निभती तो नहीं है। मंदिर में आंखें मींच कर सब रख दी ... Read more

अग्नि फेरा

🌋 वैदिक मंत्रोच्चारण के संग है साक्षी यह अग्नि पावन पाणिग्रहण कर अग्नि फेरे दो प्राण और एक हो जीवन। सप्त पदी अग्नि के चह... Read more

सौर मंडल हितचिन्तक हमारा

ग्रह-नक्षत्रों संपूरित सौर मंडल हमारा रहता सक्रिय निरन्तर स्व संचालित सारा। ब्रह्मांड में ये नक्षत्र रहते गतिमान प्रभावित इन... Read more

अनुनय

हे माते कलियुग भरी विषाक्तता दूषित समाज विकृत संस्कृति हे भगवती ! कल्याणी! हर पग हर क्षण है तेरा अस्तित्व अपरिहार्य कंट... Read more

बंदिश

बंदिश है न कोई रोक टोक न ही कोई जहरीला निवाला बुराइयों पर लगाए जो रोक वह है बंदिश नाम का ताला सही ढंग से इसे अपनाओ रखो न किसी... Read more

तन्हाइयाँ

देखिये रोई बहुत शहनाइयाँ बहुत तड़पाएगी ये रुसवाइयाँ। नींद रातों को न अब मिलती गले आग दिल में लगा रही पुरवाइयाँ। सुबह की ज... Read more

सूनी हवेली

सूनी पड़ी ये हवेलियाँ बन्द पड़े ऊँचे ये द्वार मैं हूँ विरहन नार अकेली पिया गये करने व्यापार। करूं मैं निख शिख तक स्वर्ण गहनो... Read more

तमन्ना

दुनिया दर्दों की इक रवानी है हँस कर उम्र फिर भी बितानी है। दे दो मुस्कान तुम उस लब को भी जिसकी रोती - सी ज़िन्दगानी है। ब... Read more

तुम क्या जानो

समझेगा वही इसको जो दीवाना किसी का कभी हुआ भी है भला ये जमाना किसी का। रहते हैं जो हवेलियों में ठाठ-बाट से उनको न सुहाता है... Read more

माँ तेरी याद

मैं थक कर होती जब चूर, नींद भी होती कोसों दूर। तब तेरे हाथों की छुअन सी जैसे, बचपन में पहुंचा जाती है। तेरी लोरी की गूंज मीठ... Read more

विश्वास

विश्वास का नाम ही है जिन्दगी । अविश्वास है मृत्यु समान। एक सूक्ष्म सी सुन्दर डोर है विश्वास। कितनी सुदृढ़ है यह किसी को न... Read more

प्रेम-एक अलौकिक अनुभूति।

ईश्वर द्वारा प्रदत्त वह अलौकिक अनुभूति जो आदिकाल से प्राणी मात्र के पारस्परिक संबंधों को प्रगाढ़ करने में सबसे अधिक मजबूत डोर का कार... Read more

धैर्य

हौले हौले खेना प्राणी अपनी जीवन नैया हम हैं कौन चलाने वाले खेवनहार कन्हैया। धैर्य सदा तुम रखना संतोष कभी न खोना भैया चाहे मिले... Read more

सीखा विवेकानंद से

जो लगे हैं अपने उद्धारों में न घर ही उनका हुआ न घाट। करने वालों की हुंकार बहुत कर देंगे वे इक क्रांति विराट। बह जाएं बड़े-बड़... Read more

"क्षण भर जीवन मेरा परिचय।"

वे अपना परिचय कुछ इसी तरह से दिया करते थे - - "मिट्टी का तन मस्ती का मन क्षण भर जीवन मेरा परिचय।" जी हाँ, मैं यह सुप्रसिद्ध कवि व स... Read more

विवाह गीत

आओ गजानन जी घर में पधारो जी सकल देवों के संग स्वागत तिहारो जी बाजे शहनाई गाओ मंगल बधाई बिटिया के ब्याह की शुभ घड़ी आई। दादा ... Read more

सफलता का रहस्य

सौ बुराइयों के ऊपर सिर्फ एक अच्छाई हावी है। अंधेरों से भरा है जहाँ तो क्या उम्मीद की एक किरण ही काफी है। हौसलों की ताकत से तो ... Read more

ग़ज़ल - हैं बहुत

हम तो खुशियों के दीवाने हैं बहुत। गम भुलाने के बहाने हैं बहुत। बैठिए नज़दीक किसी बुज़ुर्ग के खुशियाँ पाने के ठिकाने हैं बहुत... Read more

"पाप-पुण्य "

पाप-पुण्य का लेखा-जोखा प्राणी तेरा लिखा जाएगा। कर्म भले या बुरे जो करेगा दंड अवश्य ही तू पाएगा। यही है वह कथन जो हम आदिकाल स... Read more

झूठा दर्प

बन हिमशिला वारि इठलाया हूँ मैं भी अब तुझ सा दृढ़ पाषाण देखकर यह शिला खंड उवाच्.. होकर मुझसा भी न हो सकता सुदृढ़ सदृश मेरे ... Read more

क्या गाएं तेरी महिमा

तुम समग्र सृष्टि निर्मात्री सकल विश्व की स्नेह दात्री हो तुम त्याग ममत्व की मूरत नारी तुम हो धरा सी धीर अव... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल हम तो ग़म में भी खुशियाँ हज़ार देख लेते हैं हम तो सहरा में फसले बहार देख लेते हैं। नींद आती है तुमको तो महलों में यार... Read more

ग़ज़ल

इस दिल ने किया प्यार पहली बार आप से हाल ए दिल नज़रें कह रही दिलदार आपसे। न तो तुम हमें न हम तुम्हें पहचानते ही थे नज़र नज़र म... Read more