Sumeet Srivastav

Joined September 2016

सुमीत श्रीवास्तव
निवास – कानपुर , उत्तर प्रदेश
मुख्यतः ग़ज़ल और मुक्तक लिखते हैं श्रृंगार रस में । कई मंचो पर काव्यपाठ का अनुभव है ,

Copy link to share

कृष्ण कन्हैया

किशन कन्हैया , बंसी बजैया । ठुमक ठुमक चलें, रास रसैया । खा कर माखन कहते थे तुम । मैं नही खाया ,मोरी मैया नाग कालिया के सर पर तु... Read more

कुछ किया जाये ,ग़ज़ल

आज अपने मुकद्दर को फिर बनाया जाये | किसी गरीब तक निवाला पहुँचाया जाये || रियायते मिलती हैं यहाँ सिर्फ अमीरो को , सरकार गरीब का कर... Read more