meenu yadav

Joined January 2017

मीनू यादव
स्नातकोत्तर (हिंदी )
टी.जी. टी .(अध्यापिका )
मेरे लेख और कविताएँ कई अखबार , पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं l

Copy link to share

पुष्प का अभिमान

पुष्प का अभिमान मैं वो पुष्प हूँ ; जो महकता हैं अपने लिए .. दूसरे की परवाह नहीं , उपवन की खूबसूरती उनसे नहीं l मैं वो पुष्प हू... Read more

माँ ऐसी ही होती हैं.....

माँ ! माँ हैं !जगत जननी हैं ! कहने को ब्रह्मा - रचयिता , विष्णु पालनहार और शिव संहारक हैं .... लेकिन माँ इन तीनों देवों से ऊपर ह... Read more

मेरा सपना

एक दिन मैंने सपना देखा , उसमे मैंने खुद को देखा .. मैं भारत की वीर सिपाही , पहनी थी मैंने खाकी भाई ! एक हाथ बंदूक लिए , दूजे मे... Read more

विश्वास

विश्वास आँखों से छलकता है , दिल में धड़कता है , रिश्तों में जकड़ता है , अपनों को पकड़ता है , विश्वास ! विश्वास !... धोखों से बचता... Read more

क्या है कविता ???

कविता कविता ! क्या है कविता ??? कवि की कल्पना..... या जीवन का सार है कविता ! ज़मीन का फलक से मिलन है कविता ! सावन की पहली बारिश ... Read more

नन्हा मेहमान

बड़ी मुद्द्तों के बाद .. हैं दिन यह आया ... कोई नन्हा मेहमान है घर मेरे आया ... किलकारी से उसकी , भर उठा मेरा आँगन.. जहाँ आज ... Read more

ये बच्चे!!

ये बच्चे नादान.... गुरु की महिमा ये न जाने , अपने को भी न पहचाने बिन बात मुस्काते हैं .. आकर्षण से भर जाते हैं जीवन की डगर समझ... Read more

हम बच्चे कब बड़े होंगे ?????

हम बच्चे कब बड़े होंगे ????? मन मर्जी का काम करेंगे .. परीक्षा से हम नहीं डरेंगे .. मार्क्स पर मार नहीं खाएँगे... हम बच्चे जब ... Read more

आकाश में स्वछंद विचरते ये पंछी !

आकाश में स्वछंद विचरते ये पंछी ! धरती से अंबर को नापते ऊँची और ऊँची उड़ान भरते अक्सर मुझे नींद से जगाते हैं इनके मधुर गीत... Read more

ये कलम !

ये कलम ! हरदम कुछ कहती हैं .. हाथ में आने पर लिखने को मचलती है l भावों के मनको को कागज़ पर उकेरती है ये कलम ! कुछ .... इसकी ता... Read more

बारिश की झडी

टिप टिप बारिश की झडी -सी लगी हैं मौसम की एक ये हैं कड़ी शाख को छुं नवल कर देती भू की सुगंध नथुनों तक भर देती रोम रोम को महका ... Read more

बुलंद हौसला

दौड़े तो हम भी इस कदर , पैरों में छाले पड़ गए छलाँगे लगाई चट्टानों से , घुटने छिल गए आकाश की तो छोड़ो दोस्तों ! ज़मी के भी लाले प... Read more

ये साख से झड़ते पत्ते

ये साख से झड़ते पत्ते ये साख से झड़ते पत्ते कुछ कहना चाहते है ,मुझसे शायद फलसफा जिंदगी का सुनना चाहते है ,मुझको ये साख से झ... Read more

मेरा मन

मेरा मन कविता करने को मचलता है , क्या लिखूँ ! यही सोच घबराता है सोचा मुख्य अध्यापिका पर लिखूँ , उनके चलने के ढंग पर, उनकी साड़ी... Read more

दादा जी

दादा जी किताब मँगा दो , मैं भी पढ़ने जाऊँगी l सेक्टर पाँच में स्कूल खुल गया , अपना नाम लिखाऊँगी l पढ़ -लिखकर में दादा ... Read more

किताबें बोलती हैं ...

किताबें बोलती हैं .... किताबें बोलती हैं .... छिपी कहानियाँ हज़ारों इसमें डोलती है .. कहीं है दर्द की आहें , कहीं है प्यार की राह... Read more

माँ

माँ माँ में गर्भ से निकलकर देखूँगी संसार न लो जीवन मेरा तुम .. होगा बड़ा उपकार ! उठो ,लड़ो इस दुष्ट समाज से करो इसका संहार ... Read more

सपनों की उड़ान

सपनों की उड़ान मुट्ठी बंद कर ली कल्पना की उड़ान की पहली मुट्ठी खोल ली स्कूल के नाम की खान पढ़ूँगी? गाँव या शहर ! क्या पढ़ूँगी... Read more

कभी कभी मेरे दिल में .. ये ख्याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में .. ये ख्याल आता है माँ न होती इस दुनिया में .. तो क्या होता !!!!! न गुल खिलते ... न बगिया महकती ... बेरंग... Read more

बड़ा शुभ दिन है आज

बड़ा शुभ दिन है आज मेरे घर में है लक्ष्मी का वास.. शुभ कदमों से उसके .. मेरा जीवन हुआ आबाद .. बड़ा धन वान हूँ मैं ! वो घर मे... Read more

अक्सर याद आता है.....

अक्सर याद आता है..... वो ममतामयी अचपन ! माँ का आँचल , बाबुल की डांट.. वो रूठना ..मटकना ... बिन बोले माँ का .. सब कुछ समझ लेना ... Read more

गर्मी की छुट्टियाँ बीती .....

गर्मी की छुट्टियाँ बीती , अब पड़ने की है बारी, कभी प्रोजेक्ट ,तो कभी है परीक्षा , अंकों की है मारामारी गर्मी की छुट्टियाँ ... Read more

एक गुल

. एक गुल बगीचे में गुलज़ार हुआ गुल .. ज़्यादा ही खिला ,मुस्कुराया .. पूछते सखा उसके - क्यों खिले हो इस कदर ????? जीवन तो दो पल ... Read more

अक्सर याद आता है

अक्सर याद आता है अक्सर याद आता है..... वो ममतामयी अचपन ! माँ का आँचल , बाबुल की डांट.. वो रूठना ..मटकना ... बिन बोले माँ का ..... Read more

नई किरण रोशनी की ....

नई किरण रोशनी की .... जब गरम हवाएँ गालों को सहलाने लगे , नन्हें कदमों को जलाने लगे , चिड़ियाँ उड़ने की बजाएँ.. बसेरे में छिपने ल... Read more

सर्दी के दिन आए रे .

सर्दी आई रे ..... गर्मी बीत गई रे भइया .. सर्दी के दिन आए रे .. सूटकेस में बैठे स्वेटर .. ज़ोर -ज़ोर चिल्लाए रे l कैप्री, शॉर्ट्स... Read more

भगवान बचाओं

भगवान बचाओं .... देखो कलयुग ऐसा आया , भगवानों का भी घर है बनाया , इससे काम नहीं चला तो उसमे ताला भी लगवाया .... भगवान तो ... Read more

फलशफा -ए-इश्क

1 हमने ज़िन्दगी से वफ़ा की , कबख़्त ज़िन्दगी बेवफा निकली l हमे बीच मजधार छोड़ , वो किसी और की हो चली l l 2 राह में खड़े थे हम फरि... Read more

हिंदी हिंदुस्तान की शान .......

हिंदी हिंदुस्तान की शान ....... बढ़ाए इसका चहुँ ओर मान , पहनकर वर्णो की ये माला , बाँधकर शब्दों के ये घुँघरू , वाक्यों से कर ... Read more

'कैसी विडम्बना मेरे भारत की '

'कैसी विडम्बना मेरे भारत की ' कैसी विडम्बना मेरे भारत की ………… यहां कन्या लक्ष्मी का अवतार , फिर भी वो मरती है बे-हिसाब कराते ह... Read more

बदलती सोच

बदल रही है सोच हमारी नया नज़रिया आया है … बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारा सबने मिलकर लगाया है रीति -रिवाज की बंदिश तोड़ उसे आगे बढ़ा... Read more

हमारी बिटियाँ

हमारी बिटियाँ कल तक मेरी गोद में खेली , आँचल संग कर ठिठोली l कभी हटाएँ , फिर छिप जाये , करें आँख मिचौली! मेरी राजकुमारी देखो ... Read more

भँवर

भँवर लगता है किसी भँवर में हूँ अनचाहे शहर में हूँ अनजाने लोगों की नज़र में हूँ डर लग रहा है कहा जाऊँ ! न माँ का आँचल है न ... Read more