Meenakshi Verma

Joined November 2018

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माँ

एक अरसा हुआ तुझसे बिछड़े माँ अब वो स्पर्श नहीं मिलता ना कोई छूता है प्यार से माथा मेरा ना उलझे बालों को सँवारता है कोई आखेँ... Read more