Meena Bhardwaj

Joined September 2016

Copy link to share

“गुजारिश”

गेसुओं में फिरती अंगुलियों की गर्माहट , दबे सुर में लोरी की गुनगुनाहट । आँखों में जलन सी भरी है , एक अंजुरी भर नींद की भेजो ना ।।... Read more

“यकीन”

यकीन तो बहुत है तुम पर , सतरंगी सपनों का मखमली अहसास सुर्ख रंगों की शोखियाँ ; मैनें बड़े जतन से तुम्हारे अंक में पूर दिए हैं तु... Read more