Mamchand Agawal Vasant

Jamshedpur

Joined November 2018

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मैंने जितने छंद लिखे हैं

मैंने जितने छंद लिखे हैं प्रियवर तेरे नाम करूँ | कोरे कागज पर लिख कर के दिलबर तुझे सलाम करूँ | कभी भवानी,कभी राधिका और कभी सी... Read more

मैंने जितने छंद लिखे हैं

मैंने जितने छंद लिखे हैं प्रियवर तेरे नाम करूँ | कोरे कागज पर लिख कर के दिलबर तुझे सलाम करूँ | कभी भवानी,कभी राधिका और कभी सी... Read more

चुप रहो साथियो

चीख है,पुकार है फिर भी सन्नाटा है, नैतिकता के गाल पर अनैतिकता का चाँटा है | सत्य की जबान पर आततायी पहरा है | चुप रहो साथियो ... Read more

भज ले राम-राम,जय राम

सत्ता ने है छला अभी तक, नया नहीं कुछ भाई। कभी धूल को फूल बनाया, कभी अचल को राई। किसने हमको कब-कब लूटा, कैसे हाय,बतायें नहीं दू... Read more

अब राम बचाये

चिड़ियों पर बाजों ने हमला,बोल दिया अब राम बचाये। गौरैया की साँसे अटकी,मैना भी अब नहीं सुरक्षित अपने ही जब लगे लूटने,कैसे कोयल भी ... Read more