Manu Mudgal

Joined October 2019

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वक्त

मुझे गर तुमने वो एक लफ्ज़ ना कहा होता। मैं आज भी वही मौज़ और तू किनारा होता।। था वहम तुझे खुदा होने का खुद पे बहोत। तो यूं ही मैं... Read more