Manvendra Singh

Joined December 2018

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निर्लज्ज

आत्मग्लानि होती है एक चीज जो निर्लज्जों को नहीं होती निकल पड़ते हैं दुनिया को सिखाने पर रत्तीभर भी उसके अंश उनमें नहीं होती । ... Read more

पुनः जोड़िए जीवन प्रकृति से

पुनः जोड़िए जीवन प्रकृति के तरीके से हमारा अस्तित्व बचेगा सिर्फ उससे जुड़ने के सलीके से । हवा, पानी, मिट्टी धूप, धूल, बरसात ... Read more

बदला अखबार, ना बदले लोग

जितनी तेजी से अखबार बदला अखबार के साथ समय बदला और अखबार के लोग बदलें । उतनी तेजी से मासूम लोग नहीं बदले उनकी धारणा नहीं बदली ... Read more

चुनाव परिणाम पर

हमारे प्रधानमंत्री राजकुमार पर बहुत तंज कसते रहते हैं सो ऐसे चुनाव परिणाम पर आर.... राजकुमार के एक गाना के तर्ज पर ही राजकुमार द्व... Read more