डॉ.मनोज कुमार
शिक्षा : पीएचडी
पेशा: कंसलटेंट बायोकेमिस्ट नरेंद्र मोहन हॉस्पिटल गाजियाबाद
प्रकाशन: देश के पत्र पत्रिकाओं में अनवरत रूप से जैसे: अंतरराष्ट्रीय पत्रिका “सेतु” (अमेरिका) का जून 2017 अंक, हिंदी मासिक पत्रिका “ट्रू मीडिया”,, मशाल(साझा-काव्य संग्रह) ,वर्तमान अंकुर ,विजय न्यूज़ करंट क्राइम दिल्ली मेट्रो और गज केसरी युग में रचनाएँ प्रकाशित वर्तमान पता: नरेंद्र मोहन हॉस्पिटल एंड हार्ट

Copy link to share

कहाँ हो बेटा

कहाँ हो तुम शून्य में मुस्कुराहट को ढूढता एक पिता जिसने सुबह तक देखी हो उसकी चंचलता को एक पल में विवश हो गया चाहता हैं कुछ ... Read more

बिखरते सपने

एक खंडहर में कंक्रीट की बहुमंजिली इमारत जिसमे रोज दफ़न हो रहे है लाखों सपने किसी के घर के रोज ध्वस्त हो रहे है लाखों अरमान क... Read more

समरसता

मेल जोल भाईचारा से समरस जगत बनाये हम प्रेम और सदभाओं का चल सौ सौ कमल खिलाये हम कोई छोटा बड़ा नहीं है मेल जोल से रहना ऊँच नीच... Read more

कनॉट प्लेस

दिल्ली का दिल कनॉट प्लेस एक वृत्त पर सीमित सफेद खंभों पर टिकी इमारतें जो याद दिलाती हमारी गुलामी की चौराहे के धूरी पर घूमत... Read more

तलाक़

तलाक़ तलाक़ तलाक़ एक लब्ज़ जो कर देता है पल भर में रिश्तों को तार तार काँप जाती है रूह सुनकर औरतो के साथ हो रहा एक खिलवाड़ सद... Read more

लोकतंत्र

लोकतंत्र गुलाम है परिवारवाद का वंशवाद का सदियों से और आज भी मिली आजादी किसे? सोचो जरा तुम्हें या... Read more

किराये की कोख़

एक कोख़ किराये की जिसमें पलता है भ्रूण किसी और का मज़बूरी किसी की भी हो पालती है नौ महीने तक सींचती है अपने खून से भरतीं है उसमें... Read more

नशामुक्ति

भारत भर में हो सफल, नशामुक्ति अभियान | मानव की श्रृंखला से, बढ़ा बिहारी मान ||1|| रहा देश में सर्वदा, आगे राज बिहार | मि... Read more

जिन्दगी

जिन्दगी आओ जी लें जिन्दगी हर अभाव हर तनाव में मुश्किलों की छाँव में संघर्षो के गाँव में आओ जी लें जिन्दगी सुख शान्ति के साथ म... Read more

दिखावा

इंसान दिखावे में परेशान हैं कोई गाड़ी कोई बगला कोई पैसा दिखाने में परेशान है कोई सोना कोई चाँदी कोई हीरा दिखाने में परेशान है क... Read more

पुस्तक मेला

पुस्तक मेला अजब का है खेला ये है पुस्तक मेला कहीँ पर दुकानें सजी पुस्तकों की कहीँ पर लगा लेखकों का झमेला यह है पुस्तक मेला यह है... Read more

बेटियाँ

कब तक बंद करोगे चार दिवारी में इन्हें अपने झूठी मान झूठी शान के लिये मार देते हो इनको आने से पहले क्या है इनका दोष बता दो एक ... Read more

मेरा मंदिर

नया साल नई सुबह नये उत्साह के साथ मंदिरों में उमड़ती भीड़ कतारों में न जाने किस चीज की तलाश में घर मे... Read more