Manoj Arora

Jaipur

Joined January 2018

सम्पादित पुस्तकें
1. तरुण के स्वप्न, 2. गाँधी शिक्षा, 3. विवेकानन्द का जीवन और सन्देश,
4. विवेकानन्द का शिक्षा दर्शन, 5. स्वामी विवेकानन्द आनन्दमयी यात्रा-एक सचित्र जीवनी, 6. विवेकानन्द ने कहा था…..
7. रामायण प्रसंग (स्वामी विवेकानन्दजी के व्याख्यान पर आधारित)
8. महाभारत प्रसंग (स्वामी विवेकानन्दजी के व्याख्यानों पर आधारित)

लिखित पुस्तकें
1. स्वतन्त्रता सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले 2. वीर क्रान्तिकारी
3. आजादी के रणबाँकुरे लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक
4. सरदार पटेल व्यक्तित्व एवं कृतित्व, 5. चित्तौड़ की गाथा गोरा बादल
साहित्यिक एवं पत्रकारिता गतिविधियाँ
* पिछले आठ वर्षों से अलग-अलग समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं में लेख तथा समीक्षाएँ प्रकाशित।
प्रकाशित समीक्षाएँ
* विभिन्न विषयों की करीब सवा दो सौ पुस्तकों की समीक्षाएँ प्रकाशित
संपादन भागीदारी
निदेशक-सनातन प्रकाशन, जयपुर
ई मेल : ms.manoj_arora@rediffmail.com
सम्पर्क : +91-9928001528, +91-7339944621

Books:
13

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पुस्तक समीक्षा-‘कटघरे’ (कहानी-संग्रह)

पुस्तक-कटघरे कथकार-डॉ. डेजी समीक्षक-मनोज अरोड़ा पृष्ठ-139 मूल्य-250 कटघरा केवल वह नहीं होता जो न्यायालय प्रांगण में लगा होता ह... Read more

पुस्तक समीक्षा-महीन धागे से बुना रिश्ता

पुस्तक-महीन धागे से बुना रिश्ता ‘कहानी-संग्रह’ कथाकार-सीमा भाटी समीक्षक-मनोज अरोड़ा किसी ने सही कहा है कि इन्सान के अन्दर अनन्त ... Read more

आखर-आखर मोती (गीतिका-संग्रह) समीक्षा-मनोज अरोड़ा

आखर-आखर मोती (गीतिका-संग्रह) गीतिकाकार-डॉ. साधना जोशी ‘प्रधान’ प्रकाशक-कॉ-ऑपरेशन पब्लिकेशन्स, जयपुर समीक्षक-मनोज अरोड़ा, जयपुर ... Read more

पुस्तक-समीक्षा अनुगूंज ‘कविता-संग्रह’

पुस्तक समीक्षा-मनोज अरोड़ा पुस्तक - अनुगूंज ‘कविता-संग्रह’ कवयित्री- उर्वशी चौधरी पृष्ठ- 112 मूल्य-200 प्रतिध्वनि तो सबके... Read more

हिमाद्री वर्मा डोई द्वारा रचित मन के अल्फाज-पुस्तक समीक्षा-मनोज अरोड़ा

मन के अल्फाज (कविता संग्रह) कवयित्री-हिमाद्री वर्मा डोई पुस्तक मूल्य-एक सौ पचास रुपये पुस्तक समीक्षा-मनोज अरोड़ा मैंने संमदर... Read more

प्रणु शुक्ला द्वारा सम्पादित बाल नाटक-पुस्तक समीक्षा-मनोज अरोड़ा

बाल नाटक सम्पा. प्रणु शुक्ला पृष्ठ - 124 मूल्य - 225/- बालक जो दृश्य देखते हैं, उन्हीं से सीखते हैं। भले वह घर-आँगन का माहौल ह... Read more

दर्द की परछाइयाँ-पुस्तक समीक्षा

कवयित्री - शकुन्तला अग्रवाल ‘शकुन’ प्रकाशक - कॉ-ऑपरेशन पब्लिकेशन्स मूल्य - 175/- हिन्दी साहित्य जगत में प्रसिद्ध साहित्यकारो... Read more

पुस्तक समीक्षा-प्लासी का युद्ध

बंगाल की लूट पर आधारित है ‘प्लासी का युद्ध’ प्रसिद्ध कहावत है ‘घर का भेदी, लंका ढाए’ उसी प्रकार दूर देशों से आए अंग्रेज कभी भारत को... Read more

संघर्ष-पुस्तक समीक्षा

अधिकतर कविताओं में देशसेवा की खातिर सरदह पर डटे जवानों के जीवन-संघर्ष को प्रस्तुत किया है कवि राजकुमार मीणा ने..... जिन्दगी का दू... Read more

तुम कौन हो?-पुस्तक समीक्षा

समाज में फैली भ्रांतियों पर करारा प्रहार करती हैं श्री अहमद सुमन की कहानियां कथाकार को समाज में अहम् स्थान तथा विशेष ख्याति हासिल... Read more

नारी-उत्थान में स्वामी विवेकानन्द की भूमिका

हमारा भारत देश इसलिए महान माना गया है, क्योंकि सर्वप्रथम यहां की धरती पर सबसे अधिक महापुरुषों ने जन्म लिया। दूसरी बात जो नारी के प्र... Read more

पुस्तक समीक्षा-अवध की लूट

पुस्तक : अवध की लूट लेखक : केशव प्रसाद गुरु साहित्य में शामिल ऐतिहासिक ग्रंथ अनमोल रत्न हैं, जिनकी कीम... Read more

आखिर क्यों असहाय हो जाते हैं हम...???

शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जो अपने पारिवारिक कार्यों, मित्रों, या फिर जहाँ से उसे थोड़ा-बहुत लाभ होता हो, को प्राथमिकता नहीं देता ... Read more

पुस्तक समीक्षा : तिनके उम्मीदों के

पुस्तक : तिनके उम्मीदों के कहानीकार : कविता मुखर कहते हैं कि संसार में जीवन जीना भी एक कला है, लेकिन यह निर्भर उस इन्... Read more

पुस्तक समीक्षा : अंत भले का भला

पुस्तक : अंत भले का भला कथाकार : कुसुम अग्रवाल वर्तमान समय में अगर बालकों को अच्छाई एवं सच्चाई की डगर पर कोई अग्रसर कर सकने म... Read more

पुस्तक समीक्षा : ओ मनपाखी

पुस्तक : ओ मन पाखी कवयित्री : डॉ. रत्ना शर्मा कविता जीवन के विविध पक्षों का व्यावहारिक और कलात्मक अंग है। इसलिए एक ओर जहाँ उसम... Read more

पुस्तक समीक्षा-चिंतन के क्षितिज

पुस्तक : चिंतन के क्षितिज लेखिका : राज चतुर्वेदी विद्वानों ने जहाँ चिंता को नुकसानदेह माना है, वहीं चिंतन को शुभ तथा शिखर तब पह... Read more

पुस्तक समीक्षा-राजाजी की कथाएं

पुस्तक-राजाजी की कथाएं अनुवादक : एस.भाग्यम शर्मा भारत के प्रथम गवर्नर जनरल राजगोपालाचारी (राजाजी) को केवल तमिल साहित्य के लिए ही ... Read more

पुस्तक समीक्षा-मयूर पीड़ा

कवयित्री : पृथा वशिष्ठ प्रत्येक इन्सान के हृदय में विचार चलते रहते हैं कुछ स्वयं के लिए तो कुछ औरों के लिए। कुछ बीते इतिहास के प... Read more

पुस्तक समीक्षा-जीने का हक ‘कहानी-संग्रह’

कथाकार : रामगोपाल राही इक्कसवीं सदी को पार करते हुए आज भी काफी स्थानों पर अट्ठारहवीं सदी की रूढि़वादी संस्कृति में नारी को सबला न... Read more

पुस्तक समीक्षा : ‘सलवटें‘ काव्य-कृति

पुस्तक-सलवटें ‘काव्य-कृति’ कवि-जयपाल सिंह यादव समीक्षक-मनोज अरोड़ा पृष्ठ-132 मूल्य - 225/- प्रकाशक-साहित्य चन्द्रिका प्रकाशन, जय... Read more

पुस्तक समीक्षा-शजर थकते नहीं ‘काव्य-कृति’

हृदय को छूती कविताएँ......... कवयित्री-राज गुप्ता पुस्तक-शजर थकते नहीं पृष्ठ-196 प्रकाशक-साहित्य चन्द्रिका प्रकाशन, जयपुर ‘चल... Read more

पुस्तक समीक्षा-वसीयत ‘उपन्यास’

भाषा बोलना और उस पर लेखन-कार्य करना दोनों का अलग-अलग महत्व है। आम बोलचाल के शब्दों को लेखनी में शामिल करना अपने-आपमें बेमिसाल होता ह... Read more

‘भाषण’ लघुकथा

एक मोहल्ले के कुछ युवकों ने मिलकर रक्तदान समिति बनाई और शहर के निजी ब्लड बैंक के सहयोग से एरिया सामुदायिक हॉल में रक्तदान शिविर का अ... Read more

लघुकथा-दृष्टिकोण

संगीता अपने पन्द्रह वर्षीय भाई निशांत को साथ लेकर एक रेस्टोरेंट में गई। वहा लड़के-लड़कियों की पहले से काफी भीड़ थी, कोई मोबाइल की बातें... Read more

प्रेरक कथा ‘बोल का मोल’

विजय और कैलाश दो दोस्त थे, दोनों ही आपस में घनिष्ट मित्र थे। परंतु कुछ बातों को लेकर उनमें आपस में कुछ मतभेद रहता था। विजय जहाँ जमीन... Read more

एक पहल-जनहित में जारी

हमारा भारत देश बुद्धिजीवियों का देश रहा है, जिसमें खासकर हर किसी की सोच देश को बुलंदियों की ओर ले जाने की रही है। परंतु विचारणीय बात... Read more

नया शहर हो गया-पुस्तक समीक्षा

अगर ये कहा जाए कि कवि को वरदान प्राप्त है कि वह लम्बी-चौड़ी गाथा को चंद लफ्जों में समाज के समक्ष प्रस्तुत कर देता है तो कोई अतिश्योक... Read more

सत्याग्रह का दर्शन-पुस्तक समीक्षा

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने राष्ट्रभाषा के प्रश्न पर गहन चिंतन किया, साथ ही भारतवासियों के हित के लिए जो अंग्रेजों द्वारा यातनाएँ झ... Read more

मैं नारी हूँ-पुस्तक समीक्षा

नारी को वंदन इसलिए किया जाता है, क्योंकि नारी जगजननी है। संत-महापुरुषों को जन्म देने वाली नारी है, वीरों को देश पर कुर्बान करने वाली... Read more

आजादी का हक-पुस्तक समीक्षा

दुनिया में हर इन्सान की कोई न कोई कहानी होती है, किसी की कहानी समाज के सामने आती है तो वह विशेष रूप में प्रदर्शित होती है तो कोई परद... Read more

तलाश जिन्दगी की-पुस्तक समीक्षा

कहते हैं कि इनसान के जीवन सफर में तलाश कभी समाप्त नहीं होती। ये तलाश ही है जो बचपन में युवावस्था की कल्पना करवाती है और ये तलाश ही ह... Read more

साहित्य के प्रति युवाओं का कम होता प्रेम

वर्तमान युग को मशीनी युग कहा गया है जहां हर व्यक्ति शॉर्ट रास्ते को चुनना पसन्द करता है। अगर साहित्य की बात करें तो 90 फीसदी युवा व ... Read more

शब्द मुखर है-पुस्तक समीक्षा मनोज अरोड़ा

कविता की पहचान या शब्दों का चयन करना किसी जौहरी की तरह हीरे की परख करने से कम नहीं होता; और बात अगर साझा संग्रह की हो तो सम्पादक के... Read more

भारत में बालश्रम : एक अभिशाप-पुस्तक समीक्षा मनोज अरोड़ा

देश में बाल मजदूरी का बढऩा गरीबी तो है ही, इसके साथ-साथ मुख्य कारण है उन बालकों के अभिभावकों का अशिक्षित होना। अक्षरज्ञान न होने के... Read more