Manjeet Pahasouriya

गांव पहासौर जिला झज्जर हरियाणा (भारत)

Joined December 2017

म्हारी संस्कृति म्हारा स्वाभिमान संगठन
में कोषाध्यक्ष पद पर कार्यरत हूं।
हरियाणवी संस्कृति बचाना और आगे बढाना हमारा लक्ष्य है।
अगर आप भी हमारी इस मोहिम हमारा साथ देना चाहते हैं तो सम्पर्क करे।

सम्पर्क सूत्र:-
मो०:- 9467354911
ईमेल:- pt.manjeetpahasouriya@gmail.com

Books:
म्हारी संस्कृति म्हारा स्वाभिमान

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28 रागनी चंद लम्हों की या जिंदगानी मनजीत पहासौरिया

*क्यूं ना रटता ॐ नाम नै , के बुध्दि मलिन तेरी बन्दे* *चंद लम्हों की या जिंदगानी , तूँ तजदे हेरा फेरी बन्दे..!!टेक!!* अपणा आपा भु... Read more

27 रागनी याद करै श्री अटल बिहारी नै। मनजीत पहासौरिया

सभी देशवासियों को सच्चे देशभक्त नेता पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेई की 94 वीं जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ... Read more

26 रागनी श्याम रंग तेरा काला, कोये कहै सै मुरली आला, मनजीत पहासौरिया

*श्याम रंग तेरा काला, कोये कहै सै मुरली आला,* *तू सबका सै रुखवाला, मै करणा दर्शन चाऊ सूं..!!टेक!!* यशोदा का लाल कहै, फिरै चोर की... Read more

25. रागनी कोशिश मनजीत पहासौरिया

_{{{ कोशिश }}}_ __________________________ *कोशिश करके देख, कोशिश बड़ी बताई,* *कोशिश करी जिसने, वे नाम कमागे भाई..!!टेका!!* ... Read more

24 रागनी किस्सा ब्रह्मज्ञान मनजीत पहासौरिया

*वेद पढ़ा ना लेख लिखा, ये दोष धरण लागे,* *बिना ज्ञान ये नर, इतना क्यू अभिमान करण लागे..!!टेक!!* मन मै कपट रहै भटक, राम बणा चावै ... Read more

23 रागनी किस्सा सेठ ताराचंद मनजीत

अब सेठानी दयावती चंद्रगुप्त से पुछती मनशां के यहां तेरा जीवन केसे बिता तो चंद्रगुप्त एक बात के द्वारा क्या कहता है। रागनी न... Read more

22 रागनी किस्सा ब्रह्मज्ञान (सतगुरु की सेवा करकै) मनजीत पहासौरिया

*छोड़दे बुरे काम बन्दे, सत्संग में आया कर,* *सतगुरु की सेवा करकै, गुण ईश्वर के गाया कर..!!* सतगुरू का नाम रटजा, भरम गात का आप मि... Read more

21 रागनी किस्सा गोपीचंद भरतरी (घरा चाली जा अपणे) मनजीत पहासौरिया

अब गोपीचंद अपनी माता को समझाता मनै जोग धारणा कर लिया है। और बार बार कहने पर भी गोपीचंद घर जानेने से साफ मना कर देता और कहता है,,, ... Read more

20 रागनी किस्सा गोपीचंद भरतरी( मै कहरी तू घरा चाल), मनजीत पहासौरिया

अब गोपीचंद की मां गोपीचंद से बार बार महल मे आने को कहती है। गोपीचंद घर चलने से इंकार कर देता है और दोनों के किस प्रकार से सवाल जवाब ... Read more

19 रागनी तेरी सुरत बसी, दिल मै, कृष्ण मुरारी, मनजीत पहासौरिया

*तेरी सुरत बसी, दिल मै, कृष्ण मुरारी,* *दोड़ै चले आओ, याद करै, मीरा तुम्हारी..!! टेक!!* दिल पै क्या क्या, बीत रही है, आग लगी तन... Read more

18 रागनी किस्सा चंद्रकिरण मनजीत पअहासौरिया

अब राजा मदनसेन कान पड़वा लेता है और भगमा बाण धारण करके कंचनपुर की और चलता है। रास्ते मे एक बुढ़िया आरणे चुग रही थी। तो बाबाजी के भेष... Read more

17 रागनी हरिद्वार में टोहवण खातिर तनै देशी बामण आया.. लेखक मनजीत पहासौरिया

*पीकै भंगिया कित सौवै भोले , ना मनैं कति पाया,* *हरिद्वार में टोहवण खातिर तनै देशी बामण आया..!!टेक!!* तेरी खटक में आया सूं मैं ,... Read more

16 रागनी किस्सा ताराचंद सेठ लेखक पं मनजीत पहासौरिया

अब मनशा सेठ का सारा परिवार इक्कठा हो गया तो सेठ ताराचंद चंद्रगुप्त के साथ घर चलने त्यारी करते है तो चलते वक्त लड़का चंद्रगुप्त हाथ ... Read more

15 रागनी किस्सा ताराचंद सेठ लेखक पं मनजीत पहासौरिया

अब ताराचंद चन्द्रगुप्त को अपने घर ले आते है। धर्ममालकी यह बात पता तो आगे क्या होता है,,,, *साधू आल्ला बाणा तारकै, धर दिया एक ओड़*... Read more

14 रागनी जिला झज्जर गाम पहासौर जणा दिया हरियाणे मै:- मनजीत पहासौरिया

*जिला झज्जर, गाम पहासौर, जणा दिया हरियाणे में,* *विकास कुमार नै नाम कमाया, धर्म के ग्रन्थ सुणाणे में..!!टेक!!* चार मार्च सन उन्य... Read more

13 रागनी मतना पिवै शराब पिया :- लेखक मनजीत पहासौरिया

*राम राम मित्रौ* जैसा कि हमारे समाज मे आज नशे का कहर छाया है! इसी पर आधारित आपके बीच मे छोटी सी रचना , जिसमे एक शराबी का हाल दृश्या... Read more

12 रागनी किस्सा हीर रांझा लेखक:- मनजीत पहासौरिया

किस्सा हीर रांझा """"''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''"""'"" *ब्याहली आल्ला ढंग द... Read more

11 रागनी नवरात्रि भजन मनजीत पहासौर

*🚩🚩जय माता दी🚩🚩* """"''"''''''''''''''''''''''''''''''''''''"""""""""""""''' एक माँ दुर्गा का भगत , माँ के व्रत करने के बाद माता क... Read more

10रागनी किस्सा जमल फत्ते (होली स्पेशल) मनजीत पहासौरिया

*पीकै दारु खेलै होली, कोन्या शर्म आई तन्यै,* *के सारा शहर सुना होगा, खेलन ने मामी पाई तन्यै..!!टेक!!* कितनी सूथरी साड़ी थी, कर द... Read more

9 रागनी किस्सा होली स्पेशल मनजीत पहासौरिया

{{{{{होली स्पेशल}}}} *आजा घर तै बहार, मन्यै रंग लाणा भाभी री,* *आया होली का त्योहार किसा सरमाणा भाभी री..!!टेक!!* छोटे देवर क... Read more

8 रागनी किस्सा स्कृति बचाओं अभियान

तर्ज:- मेरे नैयना सावन बहदो फिर भी मेरा मन प्यासा, *नंगा नाच होवै चौगरदै, या कोड कहाणी होगी ।* *सबनै मिलकै म्हारी , संस्कृति ज... Read more

7 रागनी किस्सा :- भोला भंडारी-मां पार्वती

जैसा कि सुनने में आया है मां पार्वती जी और बाबा भालेभंडारी की छोटी छोटी बातों पर नोंक झोंक हो जाती थी एक समय की बात है जब पार्वती बा... Read more

6 रागनी किस्सा:- भोला भंडारी - मां पार्वती

एक समय की बात है मां पार्वती की बाबा भाळे भण्डारी से रहण सहण को लेकर नोक जोक हो जाती है तो मां पार्वती क्या कहती है बाबा भोळे भंडारी... Read more

5.किस्सा:- सिंगार रस (लेखक मनजीत पहासौरिया)

*दिनधौली मै लूट लिया एक गिरकाणी नै,* *चाल्या करगी बरैण जब वा पाणी नै..!!टेक!!* भाले का था भगत मै, काटे बोगी मेरे अगत मै जाण पाट... Read more

4. किस्सा :- ब्रह्मज्ञान (लेखक मनजीत पहासौरिया)

*ज्ञान बिना बन्दे ना दिखै कोये राही* *लिया जा तो लेले राम नाम सुखदाई ...!!टेक!!* माया की बणी सै ऐसी लकीर ना बच सक्या कोए संत फक... Read more

3. किस्सा:-कृष्ण सुदामा(लेखक मनजीत पहासौरिया)

*वार्ता :-* जब सुदामा श्री कृष्ण जी को घर जाने की बात कहते है तो द्वारकादीष कुछ समय और रूकने के लिऐ बार बार विन्नति करते है। तो सु... Read more

2. किस्सा :- भग्त पूरणमल (लेखक मनजीत पहासौरिया)

*वार्ता:-* जब राणी नूणादे ने पूर्णमल के रंग रूप तथा जवानी को देखा तो अपनी सुध बुध भूल गई और पूर्णमल को चौपड़ सार खेलने पर मजबूर करत... Read more

1. सुर्यकवि पंडित लखमीचन्द जी यो श्रृद्धांजलि अर्पित

*ब्रह्मा कहूँ के विष्णु कहदूँ के कहूँ शिव भगवान तनै,* *सूर्यकवी श्री लख्मीचंद जी यो पूजै सकल जहान तनै ..!!टेक!!* पन्द्रा सात उ... Read more