◆नाम:- मनीलाल पटेल (मनीभाई)
पिता का नाम:- श्री नित्यानंद पटेल
माता का नाम :- श्रीमती द्रौपदी पटेल
भार्या का नाम:- श्रीमती मीना पटेल
बच्चों के नाम:- जानसी और जीवंश
◆जन्मतिथि :- 28/10/1986
जन्म स्थान:- भौंरादादर,लंबर, बसना, महासमुंद
◆शिक्षा:- एम ए” हिन्दी व अंग्रेजी साहित्य”
एम एस सी ” वनस्पति विज्ञान”
◆प्रकाशित कृतियों का विवरण:-
हाईकु की सुगंध(प्रतीक्षित)
◆प्राप्त सम्मान विवरण :- अर्णव कलश एसोसिएशन से कहानी, निबंध, एकांकी,रिपोर्ताज लेखन, साक्षात्कार आदि लेखन में उल्लेखनीय योगदान हेतु प्रशस्ति पत्र।
कृति कला एवं साहित्य परिषद, सीपत द्वारा कृति साहित्य सम्मान 2017
अखिल भारतीय अघरिया समाज केंद्रीय समिति- रायगढ़ (छ.ग.) से साहित्य सम्मान 2017

◆निवासिय पता:- भौंरादादर,लंबर, बसना, महासमुंद(छ.ग.) 493558
◆संपर्क सूत्र :- 7746075884,9340373299,
◆ ईमेल पता :- mlptl281086@gmail.com

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ममतामयी माँ

ममतामयी माँ (कविता) लाई दुनिया में पीड़ा सहकर। बचपन बीता माँ-माँ कहकर। स्वर्गानंद लिया गोद में रहकर। आशीष रहा उनका मुझ पर... Read more

शुभ दीवाली

🎇शुभ दीवाली🎇 1) धरा चमकी कार्तिक मावस में शुभ दीवाली। 2) बंधी तोरण घर आंगन सजा शुभ दीवाली। 3) रंगोली बनी हरा लाल बैंग... Read more

चलो मनाएं , शिक्षक दिवस आज।

शिक्षक से है ज्ञान प्रकाश । शिक्षक से बंधती है आस। शिक्षक में करुणा का वास। जिनके कृपा से चमके अपना ताज। चलो मनाएं , शिक्षक दिव... Read more

खेल खेल में

इस खेल खेल में धुलता है मन का मैल जीने का तरीका है ये, तू खेलभावना से खेल। खेल महज मनोरंजन नहीं एक जरिया है ,सद्भावना की। जग... Read more

चोका:- जमीन

मैं जमीन हूँ मात्र भूखंड नहीं जो है दिखता। मुझमें पलते हैं वन ,खदान मरूस्थल,मैदान ताल, सरिता खेत व खलिहान अन्न भंडार बसी ज... Read more

*ओ मेरे यार*

*ओ मेरे यार* (हाइकु कविता) ✍मनीभाई"नवरत्न" १८ मई १८ ई °°°°°°°°°°°°°°°° आंखे हैं चार~ मुंडेर पर खड़ी ओ मेरे यार। देखे स... Read more

वो ठेलावाला

*वो ठेलावाला* (हाइकु कविता) ✍मनीभाई"नवरत्न" १८ मई १८ ई °°°°°°°°°°°°°°°°° कड़ी धुप में~ सर टोपी पहना वो ठेलावाला। बर्फ ... Read more

रिमझिम सावन में

रिमझिम सावन में, ये कैसी लगी अगन? सुलगे ,सुलगे हैं ...अब तो मेरे तन मन ..... बूंदों की झनकार.... जैसे पायल की छमछम। चेहरे में ग... Read more

व्रत सावित्री विशेष

*व्रत सावित्री विशेष* वट पूजन ~ परिक्रमा करें स्त्री बन सावित्री। सूत के धागे~ पति दीर्घायु भव स्त्री की कामना। ज्येष्ठ... Read more

हाइकु

मनीभाई के हाइकु.... ◆◆◆◆●●●●●●◆◆◆◆ स्वर्ण बिछौना  बिछाये धरा पर रवि की रश्मि। ◆◆◆◆●●●●●●◆◆◆ आ चढ़ा जाये अस्तित्व की हाजिर... Read more

आज अकेले में

◆आज अकेले में◆ ••••••••••••••••••••• वो बालू की सड़कें जिसमें चले ईंट की मोटर हमने खाये बर्फ गोले जिद्दी बन रो-धोकर सब ढूंढता ह... Read more

आया नया साल

खुद से आज ,.  वादा करले . मन में अपनी ,  इरादा भर ले . खुश रहें , दूजे को खुश रखें . जीने का ढंग ,    सादा कर ले . आया नया साल... Read more

हैप्पी न्यू ईयर

लम्हा-लम्हा फिसल चला है ,समय की डोर। छोड़ो भी जाने दो ,आ गई   उजली भोर । दिल तो खुशियां चाहे ,ज्यादा ज्यादा मोर । आज अभी जो मिला ... Read more

हैप्पी न्यू ईयर

आ गई नयी सुबह......लेके मन में आशा.. जाने दो निराशा...... बोलो प्रेम की भाषा.. होगी पूरी ,नये साल में...तेरी मेरी अभिलाषा.... जान... Read more

क्रिसमस गीत

रंग बिरंगी शाम है , जो ईश्वर के नाम है । आए थे मिलने हमें, इसी दिन यीशु हैप्पी हैप्पी क्रिसमस टू यू , मेरी मेरी क्रिसमस टू यू... Read more

गीता

गीता महज ग्रंथ नहीं, है यह जीवन धर्म । अमल कर उपदेश को,जान ले ज्ञान मर्म। गीता से मिलती , जीने का नजरिया। सुखमय बनाती जो अपनी दिन... Read more

कलियुग में गीता

गीता ग्रंथ है पवित्र , गीता ज्ञान का सागर । श्री कृष्ण ने सुनाई अर्जुन को ,वह युग था द्वापर । समय बदल गया पर, बदली ना गीता की महिम... Read more

गीता सार

नाहक तू शोक मनाय , डरता तू अकारन। आत्मा अजर अमर बंधु, कौन सकता मारन? जो होता अच्छा होता, मत कर तू संताप। खोखला कर दे मनुवा ... Read more

मैं तुमसे हूँ दूर

हां मैं हूँ ,तुमसे दूर पर मैं हूँ, बेकसूर । मुझे परवाह है तुम सबकी इसीलिए मैंने ये कदम ली मुझे दगाबाज ना समझना मैं हालात से... Read more

कानूनी साक्षरता

कानूनी साक्षरता °°°°°°°°°°°°°°°° मनीभाई रचित ? ••••••••••∆••••••••• अन्याय जब हद से बढ़ जाए , बेईमानी सर पे चढ़ जाए । समाज मे... Read more

चमकने वाली हर एक चीज मोती नहीं होती

चमकने वाली हर एक चीज मोती नहीं होती । शर्म हया में आके आंखें भी चमक जाती है ।। टपकती पानी की बूंदे सदा बारिश नहीं होती । गम के बा... Read more

चल लिख कवि ऐसी बानी

चल लिख कवि , ऐसी बानी । नहीं दूजा कोई, तुझसा सानी । चल प्रखर कर, अपनी कटार । गर मरुस्थल में लाना है बहार। अब देश मांगता, तेरी क... Read more

मैं बादल हूँ

मैं बादल हूं ,तुम मेरी सरिता। मैं शायर हूं ,तुम मेरी कविता । तुम खुदा हो ,सबसे जुदा हो। तुम मेरे कुरान, तुम्हीं मेरे गीता ।। त... Read more

ऐ बाबुल

ऐ बाबुल! बिटिया को भेजें क्यों ससुराल ? देख ले बिटिया की ,क्या हो गई है हाल ? ऐ बिटिया !कभी तो जाना होगा पिया के द्वार। दुनिया ... Read more

वो बेबाक कवि है

कभी कल्पना की पर लगाये। कभी भटके को डगर दिखाये। कभी करें हंसी ठिठोली , कभी करें क्रांति की बोली। वह कोई नहीं समाज का उगता रवि है... Read more

श्यामू की दीवाली

श्यामू की दीवाली ★★★★★★★ श्यामू एक गरीब लड़का है।वह उसकी मां का एक मात्र सहारा भी। श्यामू की मां पड़ोस के घर में झाड़ू पोछा लगात... Read more

जाने जाँ

दुख की घड़ियां है ,दो पल की। फिर क्यों तेरी ,आंखें छलकी ।। याद ना कर ,बातें कल की .... जाने जां  ...जाने जां ... जानेजां ...जाने... Read more

करवा चौथ

करवा चौथ व्रत विशेष...... एक चांद, मेरे चांद से , आज क्यों नाराज है ? जरूर आज उसका, मेरे चांद से कम साज है। शरमा के छुपा वो काल... Read more

षड ऋतु

षड ऋतु (हाइकु) 1/ बसंत ऋतु कोयल की पुकार उमड़े प्यार। 2/ ग्रीष्म की ऋतु सूर्य तेज तर्रार गर्मी की मार। 3/ वर्षा की ऋतु धरा... Read more

समता बिन मानवता

समता बिन मानवता •••••••••••••••••••••• यह सोच हैरान हूं कि इंसान है सबसे बेहतर । हां मैं परेशान हूं इंसान माने खुद को श्रेष्ठ... Read more

वायदा-एक मजाक

वायदा- एक मजाक (?मनीभाई रचित) क्यों गड़े मुर्दे उखाड़ते हो साहब ? वो तो हमने मजाक में कह दिया ताकि तसल्ली हो जाए कि क्यों च... Read more

राजनीति और भ्रष्टाचार

राजनीति और भ्रष्टाचार पहिये हैं एक गाड़ी के । सेवा है राजनीति देशभक्तों का खेल है ये अनाड़ी के ।। सफेद लिबास में मत जाना, नजर... Read more

आक्रोश

मनी भाई की पहली निबंध •••••••••••••••••••••••••••••••••• . "आक्रोश " ¤¤¤¤¤¤¤¤ • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • • ... Read more

रोटी की तलाश

रोटी की तलाश •••◆◆◆◆••••• (?मनीभाई रचित) °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° मुझे उस रोटी की तलाश है , जिसे अभी-अभी अमीर के कुत्ते न... Read more

सच की राहें

यह किसने कह दिया कि सच की राहें मुश्किल है ? जबकि झूठ और फरेब से कुछ भी नहीं हासिल है । बहक जाते ,कुछ पल के लिए पाने को चंद... Read more

तांका

मनीभाई की तांका ●●●●●●●●●● नाचते देखा देव विसर्जन में लोगों को मैंने लिए फूहड़पन डीजे केे तरानों में। (कलयुगी भावभक्ति विशेष) Read more

जीवन क्षणभंगुर

आया है तो , जाएगा जरूर । जीवन तो है यारा, क्षणभंगुर। कौन जाने मौत कहां, कितनी दूर ? जीवन तो है यारा , क्षणभंगुर । क्या है सपना... Read more

जाग रे मनुवा

जाग रे मनुवा जाग रे ,   खोल दे नैनन  पट को । अंतर्मन में बसे प्रतिक्षण, काहे ढूढें घट घट को ।। मान रे मनुवा जान रे ,    छोड़ तू धर... Read more

अनमोल हैं बेटियाँ

चहकती हैं , महकती हैं,  बनके मुनिया। तेरी खूबसूरती से ,खूबसूरत है दुनिया। रंगीन कर दे समां को , ये फुलझड़ियां। अनमोल है बेटियां x... Read more

हे नारी!

हे नारी!तू क्यों शर्मशार  है। समाज से भला क्यों गुहार है? मत मांग, इससे कोई दया की भीख । वो सब बातें जिनमें पुरूष का वर्चस्व,... Read more

ओजोन परत

मनीभाई की कविता ओजोन परत ★★★★★ (16 सितंबर विश्व ओजोन दिन विशेष) ●●●●●●●●●●●●●●●●π सूरज है आग का गोला । जलता है ,बनकर शोला ... Read more

गुम हो रही हिन्दी

अंग्रेजी दिवस, फ्रेंच दिवस या फिर मनाते चीनी दिवस न देखा ,न सुना, न जाना सिवाय हिन्दी के हिंदुस्तान में । हिंदी बनी घर की दासी ... Read more

गुरू पूर्णिमा

हाइकु गुरू पुर्णिमा विशेष •••••••••••••• सर्वविदित गुरूओं की महत्ता पग वंदन। ••••••••••••••• मिटे दुविधा ग... Read more

ड्रग्स रोक

26 जून मादक द्रव्यों के इस्तेमाल और अवैध व्यापार पर रोक दिवस पर मनी भाई की विशेष कविता :- ••••••••••••••••••••••••••••••••... Read more

मानव और पर्यावरण

कुदरत ने बनाकर भेजा, हम मानव को रक्षक। आज स्वार्थी बन करके, हम हो गये हैं भक्षक। प्रकृति का नियम यही, सुरक्षा और... Read more

ध्वनि प्रदूषण

ध्वनि प्रदूषण 〰〰〰〰〰〰〰〰 प्रार्थना मन से ,अजान दिल से की जाये तो सारी मन्नतें पूरी हो जाती है। तो फिर रब का घर दूर है... Read more

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य जीवन है। स्वास्थ्य ही धन है। स्वास्थ्य से परे ना उन्नति,अमन है।          स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ समाज  । स्वस्थ स... Read more

अन्न की कीमत

कविता ??? अन्न की कीमत 〰〰〰〰 एक एक दाना बचा ले। जो खाया खाना पचा ले। क्यूँ बर्बादी करने को तुला है? स्वार्थी बन इंसान... Read more

खुद को है

जिन्दगी के हरेक  दंगल में......... .....................लड़ना खुद को है। .....................भिड़ना खुद को है। .................. Read more

सीमेंट के जंगल

कौन कहता है? हमने तोड़ा नाता जंगल से, क्या हमें पता नहीं कि जंगल में मंगल होता है । बेशक!हमारे स्वभाव से न झलके अपनी जंगलियत... Read more