Mandeep Gill Dharak

Mohali

Joined November 2018

मैं गाँव धड़ाक , जिलां साहिबजांदा अजीत सिंह नगर (मोहाली) मे रहता हुँ। मैं ज्यादातर पंजाबी भाषा में कविता लिखता हुँ। अभी मैने हिन्दी में लिखना सुरू किया है। आप से अनुरोध है कि मेरी कविता पढ़ कर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें इस लिए मैं आपका आभारी रहूंगा।
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1- कारवाँ (पंजाबी साँझा संग्रह)
2-साँझिया सुरा (पंजाबी साँझा संग्रह)
3- काव्य सुनेहा (पंजाबी साँझा संग्रह)
4- कलमां दा सफर (पंजाबी साँझा संग्रह) my

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गुरपुरब बनानक का

आओ जन्म दिवस मनाएं बाबे नानक का, घर - घर में संदेश पहुचाएं बाबे नानक का। जबर -ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ यारों उठानी है, ग़रीब और भू... Read more

फ़ौजी वीर  जवान,

देश लिए है जानें वारदे फ़ौजी वीर जवान, घर -बार का मोह त्यागते फ़ौजी वीर जवान। कभी कभी ही मना पाते परिवार के साथ त्योहार, देश की... Read more

नव वर्ष

लो बई यारों फिर नया साल आ गया, पुराना किसी को हँसा और किसी को रुवा गया। होना था जो हो गया, भूल जाओ अब बीते को, सिख लो सबक... Read more

बिछड़ गए लाल गुरूयों के

बिछड़ गए लाल गुरूयों के, बिछड़ गईया माएँ, चढ़ -चढ़ आए सिरसा, चढ़ती घटाएँ और चलती तेज हवाएँ। बाणी पढ़ते, बाँट कर छकते, सिक्ख गुरूयो... Read more

पानी का गंभीर होता संकट

पानी हमें कुदरत की तरफ से बखस्या ऐसा अनमोल अमृत है जिस के करके ही धरती पर जीवन पाया जाता है, पानी की अनुपस्थिति करके ओर ग्रहों पर जी... Read more

संभालों पर्यावरण

संभालों पर्यावरण ,ना तुम प्रदूषण फैलाओं। अपना और अपनों का यह जीवन बचाओं। मिल कर बचाए वृक्ष ,धरती,हवा और पानी को, ज़रूरत है इस की... Read more

बुत लगाए और कहीं गिराए जाते हैं

बुत कही लगाए और कहीं गिराए जाते है, इस तरह भी लोगों को मुद्दे भुलाएं जाते हैं। नाम ले कर भगवान का तो कभी शैतान का, फिर अपनों से... Read more

माँ ( माँ से बढ़कर कोई रिश्ता हैं नहीं )

माँ के बिना यह दुनियां है नहीं , माँ से बढ़कर कोई रिश्ता है नहीं। माँ की ममता है सबसे निराली, जिसको मिले वो है भाग्यशाली। ... Read more