प्रणव भास्कर तिवारी शिववीर

राम सनेही घाट बाराबंकी

Joined October 2018

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माँ

माँ कविता आपके ही भीतर मेरी प्यारी माँ, धड़का पहला धड़कन मेरा। पहला मुख दिखा आपका जब, पहली बार खुला नयन मेरा।। मेरे संग तुत... Read more