Mahesh Tiwari

Joined January 2017

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हम गीत तुम्हारे सुन सुन कर

🍁रफी साहब की स्मृति को नमन🍁 हम गीत तुम्हारे सुन सुनकर जीवन की कश्ती खेते हैं जब याद तुम्हारी आती है ये दो नैना रोते हैं आ जाओ तुम... Read more

खामोश मोहब्बत क्या कहना

ये हया ये पलकें झुंकी हुई मासूम निगाहें क्या कहना दिल की लब पे लाने से गुरेजा खामोश मोहब्बत क्या कहना ये कैसा है दीवा... Read more

शीत

अब तो शीत में भी शीत की ठंडक नहीं होती सर्द लहरे हैं कुहरा है मौसम है वही सब कुछ मगर फिर भी शीत में शीत सी ठंडक नहीं होती हाँ गर्... Read more

''रफी साहब की आवाज़ का जादू''

''रफ़ी साहब की आवाज़ का जादू''.. तेरी आवाज में वो जादू है तिलस्मी नीद तारों की टूट जाती है....... किसी ने वाकई सच ही कहा- उनक... Read more

एहसास

फूल से कोमल मन काँच से नाजुक मन मन से कोमल एहसास एहसास से नाजुक आश एहसास से ही मन खिल उठे एहसास हुआ दिल बिखर गये एहसासों से ही... Read more

तू क्या है

तू क्या है- जिन्दगी अक्सर मुझसे सवाल करती है कुछ समझनें समझानें की कोशिशें बार बार करती है नज्म में सिमटे हुए उलझे हुए अल्फाज या... Read more

आनन्द का आनंद

वो जिन्दादिल फनकार हमसे दूर कितने हो गया आनन्द का आनंद अनुराग सफर में खो गया आखिर क्यूँ इस तरह अनुराग हुआ अजनबी वीरान हुआ प्रेमनग... Read more

संगीत के गुलशन के बहार हैं रफी साहब

दिल की धड़कनों का करार हैं रफी साहब दुनियाँ में मोहब्बत की मिसाल हैं रफी साहब हर वक्त लिए चेहरे में फूलों सी मुस्कुराहट संगीत के गुलश... Read more

मैं तुझसे जुदा नहीं

कोई मेरे खयाल में तेरे सिवा नहीं तू मुझसे अलग है लेकिन मै तुझसे जुदा नही घुट घुट के कब तलक यूँ जीते रहेगे हम कह दे दिले बीमार की तेर... Read more

गजल लिखते लिखते

ये क्या याद आया गजल लिखते लिखते क्यूँ थम सी गई है कलम चलते चलते सोचा था यादों में लायेंगे न उस कल को आ ही गया वो मंजर थमते थमते ... Read more

अजनबी

हम अजनबी थे शहर अजनबी था किसे अपना कहते कोई नहीं था पता पूँछते हम किससे रह गुजर का किसको थी फुरसत कौन इतने करीब था महज देखने को थे द... Read more

बेटियों से ही जहाँ

बेटियों से ही तो सारा जहान है बेटियां ही घर आँगन की शान हैं बेटियां न होती होते कहाँ नादानो ये जमीं वो आसमां सारा जहाँ वीरान है ... Read more