mahesh jain jyoti

Mathura

Joined January 2017

“जीवन जैसे ज्योति जले ” के भाव को मन में बसाये एक बंजारा सा हूँ जो सत्य की खोज में चला जा रहा है अपने लक्ष्य की ओर , गीत गाते हुए, कविता कहते और छंद की उपासना करते हुए । कविता मेरा जीवन है, गीत मेरी साँसें और छंद मेरी आत्मा । -‘ज्योति’

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बोल बंजारों के
7 चालीसा

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श्री कृष्ण कथा सार

!!श्री कृष्ण !! *श्री‌ कृष्ण कथा सार* द्वितीय सोपान अंक - २० ००० *शिव आगमन* ००० कथा कृष्ण की बड़ी अलौकिक , सरस सुहानी रे । म... Read more

श्री कृष्ण कथा सार

!!श्री कृष्ण !! *श्री कृष्ण कथा सार* द्वितीय सोपान अंक- १९ ००० नामकरण ००० मल्हार- घटुअन डोलैं, यशुदा के आँगना जी , ऐजी इनके... Read more

श्री कृष्ण कथा सार ः सवैया

!!श्री कृष्ण !! *श्री कृष्ण कथा सार* प्रथम‌ सोपान अंक - ११ *** *सवैया* ******* नौबत बाज रही नँद द्वारन, गूँजत गोकुल में शहनाई... Read more

श्री कृष्ण कथा सार ..नंदोत्सव

!!श्री कृष्ण!! *श्री कृष्ण कथा सार* ००० *रसिया* ०००००० गूँजी लाला की जयकार , गोकुल की कुंज गलिन में । गोकुल की कुंज गलिन में... Read more

दूर जाना है

गीतिका...! ००० *दूर जाना है* ***** कभी तो सोच ले मन रे ,कहाँ तेरा ठिकाना है । सभी कुछ छोड़ कर तुझको, यहाँ से दूर जाना है ।। * ... Read more

दुर्मिल सवैया

उद्धव से...! ००० जब से वह छोड़ गये हमको सुध भूल गयीं तब से तन की । उर में‌ अब एक न फूल खिले,कलियाँ सब सूख गयीं मन की ।। अभिलाष न... Read more

कुण्डलिया छंद

कुण्डलिया छंद......! ००० माया का संचय किया , किये बुरे बहु काम । वैभव एकत्रित किया, बिसराया हरि नाम ।। बिसराया हरिनाम , बंद कर न... Read more

अभी अधूरा अभिनंदन है

*अभी अधूरा अभिनन्दन है* ००००००००००००००००००० !! गीत !! ००००० दीपक अभी नहीं जल पाया , माँ के मन की आशा का । अभी अधूरा अभिनन्दन है... Read more

एक चिंगारी बहुत है

एक गीतिका ...! -------------------------- (आधार छंद रजनी- मापनीयुक्त मात्रिक (२१२२ २१२२ २१२२ २) समांत- अता, पदांत- है । ०००००००... Read more

पानी आँखों में भर लेना

गीत ००० *पानी आँखों में भर लेना* ----------------------------------- जब सावन में बदरी बरसे, मन मिलने को तड़फे तरसे, जो च... Read more

तुझको नारी शक्ति नमन !

नमन *********** तुझको नारी शक्ति प्रणाम । * ईश्वर का सुविचार है नारी , सृष्टी का आधार है नारी, शक्तिपुंज अवतार है नारी, दुर्ग... Read more

हनुमान भजन

!! श्री राम !! श्री सीता सप्तशती *** 🌹हनुमान भजन 🌹 ०००००००००००००० मेरे प्यारे बाबा हनुमान । सदा किया करते हो बाबा, सिया राम क... Read more

श्री राम वंदना

!! श्री राम !! श्री सीता सप्तशती अंक- १८५ * 🌻 श्री राम वंदना 🌻 ०००००००००००००० श्री चरणों में हे रघुनंदन ! प्रभु अमिय सिंधु लह... Read more

सीता स्तुति

!! श्री राम !! श्री सीता सप्तशती 🌹 श्री सीता स्तुति 🌹 ००००००००००००००० जनक सुनयना की हे लाड़ो, शत-शत तुम्हें प्रणाम‌ है । जहाँ व... Read more

श्री सीता सप्तशती

।।जय श्री राम‌ ।। ----००0००--- *श्री सीता सप्तशती* (काव्य-कथा) ********** *त्रियोदश सोपान* { श्री राम प्रभु से मिलन एवम् भूमि... Read more

नहीं करते

आज एक गीतिका ......! ००००० *नहीं करते* ००००० जिनके दिल में स्वार्थ भरा है ,वे उपकार नहीं करते । नहीं पता हो लक्ष्य जिन्हें वे, ... Read more

झूला झूलें रे किशोरी

*झूला झूलें रे किशोरी* ००००००००००००००० डारन पै झूला डार, किशोरी झूलें हरे-हरे, किशोरी झूलें बागन में । डारन पै झूला डार ।। ० स... Read more

श्री सीता सप्तशती

।।जय श्री राम‌ ।। ----००0००--- *श्री सीता सप्तशती* (काव्य-कथा) ********** *एकादश सोपान* { सीता का वन प्रवास एवम् कुश-लव जन्म}... Read more

घिरे घन

*घिरे घन* ०००००० उमड़ घुमड़ घन घिरे गगन में‌, जैसे मन सरसाते हैं । यौवन के बादल ऐसे ही , हर जीवन में छाते हैं ।। * झुलसी हुई धर... Read more

श्री सीता सप्तशती

।।जय श्री राम‌ ।। ----००0००--- *श्री सीता सप्तशती* (काव्य-कथा) ********** *षष्ठ सोपान* { श्री‌ भरत जी से चित्रकूट में मिलन } ... Read more

गीता नें अध्याय जोड़ दो

*गीता में अध्याय जोड़ दो* ******************** सतयुग बीता त्रेता बीता , द्वापर युग की बात छोड़ दो । गीता में अध्याय जोड़ दो ।। ... Read more

डर नहीं जाता

*डर नहीं जाता* *०-०-०-०-०-०-०* न कहलाता कभी वो बुत तराशा ग़र नहीं जाता । इबादत भी नहीं होती नवाया सर नहीं जाता ।। ० रवानी हो ... Read more

*माँ*

*माँ* ००० माँ ते बड़ौ न कोई जग में, मैया सृष्टि की आधार । सृष्टि की आधार रे मैया सृष्टि की आधार ।। * नौ महिना तक कोख बसावै, फिर... Read more

श्रमिक

श्रम‌दिवस पर विशेष (वर्ष १९८४ में सृजित एक रचना) -०-०-०-०-०-०-०-०-०-०-०-०- *श्रमिक* ******** सिसक रहा संसार श्रमिक का तुम उस... Read more

लाड़ली लाड़ो

*लाड़ली लाड़ो* ************* लाड़न ते पारी लाड़ो ल्हौरी अति लाड़ली है, लाड़ कूँ लड़ाय मेरे मन कूँ लुभाय रे । मीठी तुतलाय बोल गोद... Read more

सुनो ये आवाज

*सुनो ये आवाज* ************** मन में उमंग होय तन में तरंग उठें, होवत हैं लीन दोउ बीज रुप जात है । फूटत है बीज सूक्ष्म चीर कै धरा... Read more

सत्य जीवन का

गीतिका...! ------------- *सत्य जीवन का* -०-०-०-०-०-०-०- (आधार छंद चौपाई , समांत आना, अपदांत ) ००००० आता जब उसका परवाना । चलता... Read more

श्री सीता सप्तशती

!!जय श्री राम!! ------------------ *श्री सीता सप्तशती* ****************** { तृतीय सोपान } -------------------- ( श्री सीता स्व... Read more

करें कुछ नया

गीतिका....! *करें कुछ नया* (आधार छंद-गीतिका ,मापनी-२१२२ २१२२ २१२२ २१२) *** बीज मन के बंजरों में रोपना होगा नया । फिर बहारें आ स... Read more

गीत मेरा

*गीत मेरा* ********* गीत पल छिन जिन्दगी के साथ में चलता रहा । मैं जला तो संग मेरे दीप बन जलता रहा ।। * रूप ,रस,मकरंद से संबंध ह... Read more

नहीं

एक गीतिका.....! (मापनी- १२२ १२२ १२२ १२) ***** *नहीं* ***** कभी दिल किसी का दुखाना नहीं । छिपा दर्द दिल का सुनाना नहीं ।। * न... Read more

कुण्डलिया छंद

*एक कुण्डलिया* *************** धरती पर जीता सदा, धरती पर मर जाय । कर्म भोग हित जीव फिर, पुनि धरती पर आय ।। पुनि धरती पर आय, योनि... Read more

*माँ मेरा अधिकार है*

*माँ मेरा अधिकार* -------------------------- आँचल‌ में‌ ममता का सागर, छलके वात्सल्य की गागर, गोदी में‌ बैकुंठ बसा है,माँ तू सीता... Read more

दर्द किसान का

*दर्द किसान का* ----------------------- अन्न को उगाता है जो, खेतों में चलाता हल, खून को जलाता है वो, बहाता पसीने को । चाँदी को ब... Read more

होरी

*होरी ....!* ******** अब तौ धर दै ढोल मृदंग, खेलियो परकै फिर होरी । परकै फिर होरी, खेलियो परकै फिर होरी ।। * खूब भंग तैनै अबकै ... Read more

होली

*होली* --------- निकला‌ करते हैं दिलों‌ के गुबार होली में । बिछुड़े मिलते हैं आपस में यार होली में ।। * निकल पड़ी है घर से नौजव... Read more

प्रेम-पाती

प्रेम का प्रतिदान ************ प्रेम की पाती पवन, पढ़ रहा होकर मगन , पा रहा प्रतिदान । चिर प्रतीक्षित गंध से, मुग्ध मन मकरंद से,... Read more

होली बरसाने की

।।जय श्री राधेकृष्ण।। -------------------------- आज श्री राधारानी के बरसाने धाम में रँगीली होली हो रही है । इस अवसर पर प्रस्ततुत ... Read more

विनती

ब्रज भाषा में वंदना ----------------------- *विनती* ******* विनय करहू कर जोर री, रवि मोरे दमकै अँगना । करियो कृपा की कोर री, शश... Read more

हुआ दर्द से प्यार

*हुआ दर्द से प्यार* ------------------------ तुम्हीं बताओ कैसे तोड़ूँ किये हुए अनुबंध ? - आँखें खोलीं , मिली पाॅव को दलदल की... Read more

*लगी नज़रिया रे*

गीत.....! ---------- *लगी नज़रिया रे* *************** सूने-सूने मन के पनघट, रीती पड़ीं गगरिया रे । किस बैरी की लगी रूप को, जान... Read more

गीत

गीत ***** *हुआ दर्द से प्यार* ------------------------ तुम्हीं बताओ कैसे तोड़ूँ किये हुए अनुबंध ? आँखें खोलीं , मिली पा... Read more

कुकुभ छंद

कुकुभ छंद...! (30 मात्रा भार , 16-14 पर यति , चरणांत दो गुरु) ******** मात शारदे हंसवाहिनी,श्वेत वसन हैं तन धारे । अक्षमाल वीणा ... Read more

भरें भंडार

* भरें भंडार * *********** दीप आशा के जलायें दूर ये अँधियार हो । सुरसरी के नीर सा पावन दिलों में प्यार हो ।। * हर तरफ फैले अँधे... Read more

*बात पनघट की*

ब्रज भाषा में एक रचना ....! (पनघट पर एक नारी अपनी सखी से कह रही है अपने मन की बात । संदर्भ पुराना है ।गीत भी पुराना है ।अब तो पनघट ... Read more

बात पनघट की

ब्रज भाषा में एक रचना ....! (पनघट पर एक नारी अपनी सखी से कह रही है अपने मन की बात । संदर्भ पुराना है ।गीत भी पुराना है ।अब तो पनघट ... Read more

महारास

*महारास* ******* बिरज में रास रचावत श्याम ! * बदरी ओट शरद कौ चंदा, मंद मंद मुसकावै, यमुना के तट ब्रज गोपिन संग, बंसी श्याम बजाव... Read more

महारास

*महारास* ******* बिरज में रास रचावत श्याम ! * बदरी ओट शरद कौ चंदा, मंद मंद मुसकावै, यमुना के तट ब्रज गोपिन संग, बंसी श्याम बजाव... Read more

विकट तेरी महिमा

????? * विकट तेरी महिमा * ****************** विकट तेरी महिमा जग ने जानी है , ओ जगदम्बे मात ! * कियौ महिषासुर नै अभिमान , इन्... Read more

हिन्दी

☘?☘?☘ ? हिन्दी ? ************ पखवाड़ा हिन्दी मना , करते हैं गुणगान । पर फिर पूरे सालभर, रखें न इसका ध्यान।।1 *** पखवाड़े को ... Read more