महावीर उत्तरांचली

नैनीडांडा (पौड़ी गढ़वाल) व दिल्ली

Joined January 2017

एक अदना-सा अदबी ख़िदमतगार

Books:
आग का दरिया (ग़ज़ल संग्रह); प्रतिनिधि ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); प्रतिनिधि रचनाएँ (विविध पद्य रचनाओं का संग्रह); प्रतिनिधि लघुकथाएँ (लघुकथा संग्रह); लोकप्रिय कहानियाँ (कथा संग्रह); महावीर कविराय (कुण्डलिया संग्रह)

Awards:
अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित

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वो महामुनि ज्ञान सागर

है दया करुणा की गागर वो महामुनि ज्ञान सागर संत है सबसे निराला वो ही मंदिर और शिवाला मुस्कुराता ज्ञान सागर...... है दया कर... Read more

दोहे भगवान महावीर वचन

भगवान महावीर की, बात धरी संदूक। मानवता को त्यागकर, उठा रहे बंदूक // १. // अपने घट में झाँककर, खुद से कर पहचान। इस विधि हर इक ज... Read more

22 दोहा पहेली

मुझे न कोई पा सके, चीज़ बड़ी मैं ख़ास। मुझे न कोई खो सके, रहती सबके पास //१. // छोटी-सी है देह पर, मेरे वस्त्र पचास। खाने की इक... Read more

तिले धारू बोला, प्यारी फ्योंळी (रोमान्टिक गढ़वाली गीत)

तिले धारू बोला, प्यारी फ्योंळी तेरी मुखड़ी यन चमकी, जन या रात जुन्याळी ओsss...होsss... तिले धारू बोला... लाखूं-हज़ारूं मा इक तू ह... Read more

योग

करते रहे जो योग जीवन बने निरोग परिश्रम करो सदैव कोई लगे न रोग सादा हो खान-पान भागे तमाम रोग भौतिक सुखों को त्याग ... Read more

विचित्र अनुभूतियाँ

रात मेरे कवि हृदय में उपजीं कई विचित्र अनुभूतियाँ— देख रहा हूँ कुंठित भाव संकुचित हृदय आँखों में अश्रुधार लिए बैसाखियाँ थाम... Read more

आदि सृष्टि से

एक कण से दूसरे कण तक.... एक प्राण से दूसरे प्राण तक.... पुरातन चेतन से नवचेतन तक.... न टूटने वाली निरन्तर सतत प्रक्रिया है आदि स... Read more

किस मशीनी दौर में रहने लगा है आदमी

किस मशीनी दौर में रहने लगा है आदमी ख़ून के आँसू फ़क़त पीने लगा है आदमी सभ्यता इक दूसरा अध्याय अब रचने लगी बोझ माँ-ओ-बाप को कहन... Read more

वक़्त

वक़्त तेज़ी से बदल रहा है लेकिन बदलते वक़्त में भी यह समझना आवश्यक है कि अपनी जड़ों को छोड़ देने से वृक्ष का अस्थित्व ख़त्म हो जा... Read more

झींगुरों की सदा गूंजती है

रात कुछ और गहरी हुई है झींगुरों की सदा गूंजती है दूर होकर मिरे दिल ने जाना कौन मुझमें हमेशा रही है? चश्मा, मोज़ा नहीं ढूंढ़ ... Read more

जैसे चन्दन वन देखा है

निर्मल शीतल मन देखा है जैसे चन्दन वन देखा है दीखे तुम ही साँझ-सवेरे मैंने जब दरपन देखा है बंधन में पंछी ने जैसे इक उन... Read more

फूल अरबी आयतों जैसे खिले

रात पूनम की बड़ी अच्छी लगे फूल अरबी आयतों जैसे खिले नक़्श दिल पे हो रही है शा'इरी रोज़ मौसम इक ग़ज़ल मुझसे कहे आपकी दरिया दिल... Read more

भूली-बिसरी यादें हैं कुछ

भूली-बिसरी यादें हैं कुछ और पुराने वादें हैं कुछ जीवन इक कड़वी सच्चाई लेकिन मीठी यादें हैं कुछ तन्हा-तन्हा-सी बरसों से ... Read more

जब तक दर्द का अहसास रहा

जब तक दर्द का अहसास रहा रिश्ता तुमसे कुछ ख़ास रहा हालात कभी बदले ही नहीं पतझड़ या फिर मधुमास रहा साथ न मेरा छोड़ोगे तुम ज... Read more

जी को नहीं है पलभर चैना

जी को नहीं है पलभर चैना बैरन से क्यों लागे नैना मोहे तोरी याद सतावे अमवा पर कूके जब मैना मुख से अपने कुछ तो बोलो शहद से... Read more

ज़िन्दगी आजकल

ज़िन्दगी आजकल आबसारे - ग़ज़ल क्यों बनाते रहे रेत के हम महल अम्न हो चार सू क्यों न करते पहल देखकर हादिसे दिल गया है ... Read more

आपने क्यों की हिमाकत

आपने क्यों की हिमाकत दिलजले से की महब्बत कह दिया मुझको फ़रिश्ता ख़ूब बख़्शी मुझको इज़्ज़त भर गया दामन ख़ुशी से आपने जो की इन... Read more

राह गर दुश्वार है

राह गर दुश्वार है हाथ में पतवार है सच की ख़ातिर दोस्तो मौत भी स्वीकार है शे'र है कमज़ोर तो शा'इरी बेकार है चुभ रहा है... Read more

ज़बानें हमारी हैं

ज़बानें हमारी हैं, सदियों पुरानी ये हिंदी, ये उर्दू, ये हिन्दोस्तानी ज़बानें हमारी हैं.... कभी रंग खुसरो, कभी मीर आए कभी शे... Read more

कविता की नदिया

शब्द कहें तू न रुक भइया कदम बढ़ाकर चल-चल-चल-चल कविता की नदिया बहती है करती जाए कल-कल-कल-कल कविता की नदिया बहती है.......... क... Read more

क्या कहूँ इंसान को

क्या कहूँ इंसान को क्या हो रहा है हर घड़ी ईमान अपना खो रहा है गिर गया है ग्राफ़ मानवता का नीचे अपने नैतिक मूल्य मानव खो रहा है ... Read more

याद शहीदों की जब आई

याद शहीदों की जब आई, आया आँखों में पानी। हम एक पल भी न भूले, वीर शहीदों की क़ुर्बानी।। याद शहीदों की जब आई....... सन सत्तावन के ... Read more

स्वर्णिम अध्याय है माँ

आदि श्रृष्टि का स्वर्णिम अध्याय है माँ करुणा-ओ-ममता का पर्याय है माँ धर्म-कर्म की सारगर्भित व्याख्या में जीवन गीता का स्वाध्याय... Read more

साईं, आन पड़े हम तेरे धाम

साईं सलोना रूप है, साईं हरि का मान देह अलौकिक गंध है, प्रेम अमर पहचान // दोहा // साईं, साईं, आन पड़े हम तेरे धाम साईं, साईं... Read more

बाबा हम शिरडी आये

बाबा हम शिरडी आये, तेरे दर्शन करने साईं-साईं जपते-जपते, कष्ट लगे हैं मिटने बाबा हम शिरडी आये..... दूर-दूर से लोग हैं आते, अपनी... Read more

तू मेरा साईं, तू मेरा राम है

तू मेरा साईं, तू मेरा राम है। तेरी पूजा निसदिन मेरा काम है।। हो.....हो.....हो..... नहीं तुझसे बड़ा है संत कोई.... और गुरु कोई....... Read more

ख़ुश-हाल, ख़ुश-हाली—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) इक दिया नाम का ख़ुश-हाली के उस के जलते ही ये मालूम हुआ —कैफ़ी आज़मी (2.) ना-शनास-ए-रू-ए-ख़ुश-हाली है तब-ए-ग़म-नसीब जब म... Read more

बद-गुमानी—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) आपस में हुई जो बद-गुमानी मुश्किल है निबाह दोस्ती का —हफ़ीज़ जौनपुरी (2.) तुम रहे पाक-साफ़ दिल हर दम मैं रहा सिर्फ़ बद-ग... Read more

रोटियाँ—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) डाल दीं भूके को जिस में रोटियाँ वह समझ पूजा की थाली हो गई —नीरज गोस्वामी (2.) है मुश्किल दौर सूखी रोटियाँ भी दूर हैं हम ... Read more

तकलीफ़—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) शहर में है इक ऐसी हस्ती जिस को मिरी तकलीफ़ बड़ी है —राजेन्द्र नाथ रहबर (2.) बड़ी तकलीफ़ देते हैं ये रिश्ते यही उपहार दे... Read more

किरदार—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) इस के सिवा अब और तो पहचान कुछ नहीं जाऊँ कहाँ मैं अपना ये किरदार छोड़ कर —भारत भूषण पन्त (2.) व्यवस्था कष्टकारी क्यूँ न ह... Read more

निशानी—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) दास्ताँ-गो की निशानी कोई रक्खी है कि वो दास्ताँ-गोई के दौरान कहाँ जाता है —शाहीन अब्बास (2.) उन की उल्फ़त में ये मिला हम... Read more

खेल—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली (1.) इस का छुपाना खेल नहीं है राज़ और वो भी उन का राज़ —मोहम्मद मंशाउर्रहमान ख़ाँ मंशा (2.) ... Read more

"उग"–"उगाते"—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) ये वही गाँव हैं फ़सलें जो उगाते थे कभी भूक ले आई है इन को तो नगर में रख लो —प्रेम भण्डारी (2.) हम साँप पकड़ लेते हैं बीन... Read more

"बज"–"बजाते"—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) याद इक हीर की सताती है बाँसुरी जब कभी बजाते हैं —मुमताज़ राशिद (2.) कभू करते हो झाँझ आ हम से कभी झाँझ और दफ़ बजाते हो ... Read more

लपेटे—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) कफ़न से मुँह लपेटे मेरी हसरत दिल-ए-वीराँ के कोने में पड़ी है —बयान मेरठी (2.) उस पे कल रोटियाँ लपेटे सब कुछ भी अख़बार स... Read more

ख़ुद्दार—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) तबीअत इस तरफ़ ख़ुद्दार भी है उधर नाज़ुक मिज़ाज-ए-यार भी है —जिगर मुरादाबादी (2.) नहीं टूटे कभी जो मुश्किलों से बहुत ख़ु... Read more

उलझन—संकलनकर्ता: महावीर उत्तरांचली

(1.) इलाही ख़ैर हो उलझन पे उलझन बढ़ती जाती है न मेरा दम न उन के गेसुओं का ख़म निकलता है —सफ़ी लखनवी (2.) ज़ामिन मिरी उलझन के ... Read more

मेरे साईं की वाटिका में, प्यार के फूल खिले हैं

मेरे साईं की वाटिका में, प्यार के फूल खिले हैं सुगंध में जिसकी खोकर, सब दीवाने झूम रहे हैं जय हो-जय हो-जय हो, साईं बाबा की ....... Read more

जबसे साईं से लौ लगाई है

जबसे साईं से लौ लगाई है हर ख़ुशी मेरे दर पे आई है हर ख़ुशी मेरे दर पे....... मैंने बाबा से कुछ भी माँगा नहीं बिन कहे हर म... Read more

घर ये शिरडी का जग से निराला है रे

दर ये साईं का अपना शिवाला है रे घर ये शिरडी का जग से निराला है रे घर ये शिरडी का ....... थी अंधेरों में गुम ये मेरी ज़िंदगी ... Read more

साईं तेरा हमसफ़र है

साईं तेरा हमसफ़र है फिर तुझे काहे का डर है फिर तुझे काहे का....... भक्ति का है वह उपासक भक्त ही उसका शिखर है //१.// फिर ... Read more

शिरडी में बसते हैं, भगवान दिवाने

शिरडी में बसते हैं, भगवान दिवाने प्रश्न है आस्था का, तू माने या न माने बाबा में दिखते हैं, भगवान दिवाने साँच को है आँच क्या, ... Read more

मानव की सेवा कर बन्दे, यह बाबा का कहना है

मानव की सेवा कर बन्दे, यह बाबा का कहना है मिल-जुलकर हर मानव को यहां, प्यार-प्रेम से रहना है मिल-जुलकर हर मानव को....... प्यार... Read more

दिल में बाबा तस्वीर तुम्हारी है

मेरे दिल में बाबा, तस्वीर तुम्हारी है कैसे करूँ बयाँ मैं, ये बात निराली है....... कैसे करूँ बयाँ मैं ....... जो तेरे दर प... Read more

हे साईं के चरणों तले, श्रद्धा की अलख जले

हे साईं के चरणों तले, श्रद्धा की अलख जले भक्ति में डूबे, भक्तजनों से, बाबाजी रोज़ मिले हे साईं चरणों तले....... शिरडी के गा... Read more

अल्लाह-जीसस साईं राम

अल्लाह-जीसस साईं राम सबके पूरण करता काम साईं है सुखों का धाम ईश्वर का यह प्यारा नाम साईं है सुखों का धाम ....... साईं के ... Read more

यादकर साईं राम की

न हो मायूस साईं के दर पे बदल जाएँगी तस्वीरें मिट जायेंगे ये दुःख सारे, बदल जाएँगी तकदीरें // शे'र // अपने भीतर, तू निरंतर, लौ ... Read more

हर पल साईं बोल ऐ बन्दे

भेद जिया के खोल ऐ बन्दे हर पल साईं बोल ऐ बन्दे साईं - साईं .......साईं - साईं ....... साईं - साईं .......साईं - साईं ....... भ... Read more

ग़रीबों—संकलनकर्ता: महावीर उत्तराँचली

(1.) ये शाह-राहों पे रंगीन साड़ियों की झलक ये झोंपड़ों में ग़रीबों के बे-कफ़न लाशे —साहिर लुधियानवी (2.) अमीर लोगों की कोठियो... Read more