Madhuri Swarnkar

Joined November 2016

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गजल

इस जिन्दगी मैं क्या है दरिया सी रवानी है मौजो को बता देना लगती ये सुहानी है ।। अल्फ़ाज पुराने हैं , अंदाज नये से है हो कुछ भी म... Read more

वजूद

---वजूद--- पेड़ पर अटकी पतंग , कितनी कोशिश करती है ,छूटने की रिहा होने की , पर हर बार स्वयं के भरसक प्रयास के बावजूद हार जा... Read more