madhu bhagat

Joined February 2017

I am perusing my graduation from Banasthali Vidyapith. I like to read novel and magazine.I believe in hard working.I always want to be a writer,not great,but whatever I write that touch the heart of readers.I learns to everyday of my life.

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मुस्कान

इतिहास को लिख डाला उन्होंने शब्दों से बातें कर हास्य रच डाला उन्होंने न जाने कितने दर्द छुपे थे उन आखों में फिर भी हर गम क... Read more

आज उन पन्नों को पलट रही हूं क्या कहते है वो, आज आपको सुना रही हूँ ।

आज उन पन्नों को पलट रही हूं क्या कहते है वो, आज आपको सुना रही हूँ । सोने की चिड़िया पर थी निगाहें किसी की ख़ामोशी बन गयी हम... Read more