लक्की सिंह चौहान

बनेड़ा,भीलवाड़ा

Joined November 2016

नाम:- लक्की सिंह चौहान (लवनेश)
पता:- बनेड़ा(राजपुर) जिला:- भीलवाड़ा, राजस्थान
शिक्षा:-बी.ए. (हिंदी,संस्कृत तथा राजस्थानी)
रूची:- साहित्य पढ़ना व लिखना, दोस्तो के साथ समय व्यत्तीत करना, ऐतिहासिक स्थलो पर भ्रमण तथा विभिन्न भाषाओ का ज्ञान अर्जित करना।
दूरभाष:-08058873007
प्रथम काव्य प्रकाशन:-”बेटियां” साहित्यपीड़िया द्वारा

मैं कोई लेखक या कवि नही हूँ, और नही साहित्य का प्रख्यात पंड़ित। बचपन की यादो को भविष्य के लिए संजोने की एक प्रेरणा सी दिल में जगी। सन 2010 में टेलिविजन पर एक फिल्म ”बागवान” देखी। उसे देखकर मुझे लिखने की प्रेरणा मिली, और मैने लिखने के कार्य का आग़ाज किया। इस फिल्म ने मेरे ऊपर इतना प्रभाव डाला की, मुझे लिखने पर मजबूर कर दिया।
इस फिल्म को देखने के बाद मैं सोच के सागर को खोजने के लिए निकल पड़ा। स्कूली शिक्षा प्रणाली में चलित हिंदी कि पुस्तिका में से कई लेखक व लेखिका की रचना तथा उनके संक्षिप्त जीवनी को पढ़ा। लेकिन मेरे लिए मुझे सोच का सागर नही मिला।
तब एक रोज टेलिविजन पर आ रहे एक धारावाहिक ”तारक मेहता का उल्टा चश्मा” देख रहा था। उस धारावाहिक मे मुझे दोस्तो के बीच असीम प्रेम देखकर दोस्ती पर लिखने का विचार आया। मैने उस धारावाहिक के दो किरदारो से प्रेरणा लेकर दोस्ती पर लिखने की शुरुआत की। उन दोनो का आपसी प्रेम व भाईचारा देखकर मैने दोस्ती पर लिखने का मानस बना लिया।
जब कभी भी मैं उस धारावाहिक को देखता हूं, तो उन दो किरदारो के स्थान पर स्वयं खुद को और अपने दोस्तो को पाता हूं। इस तरह कल्पना करते करते कब दोस्ती कि कल्पना कि दूनिया मे चला गया, इसकी इंतला ही नही हुई।
तब से मैं अपने जीवन में व्यतित दोस्तो के साथ के पलो पर लिख रहा हूं। बचपन के दोस्तो का साथ आज भी जब कभी मिलता है तो, नई प्रेरणा व अनुभव का संचार सा मन मे होता है।

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दोस्ती का असर

आज भी जब कभी फूर्सत में अपनी जिंदगी के बीते पलो को ताजा करता हुँ तो, मेरे हदय की जमीं पर मेरी वह दोस्त अपना हस्ताक्षर जरुर करती है, ... Read more

दोस्ती का स्वरूप

जो भी आता है, रुला कर चला जाता है, कितनी बेवफा ये दोस्ती, जिंदगी में मिली है। उस दोस्त के बाद कोई भी दिखाई नही, जो गले लगा कर द... Read more

पुरानी दोस्ती

सूखे पेड़ की डालियो पर फूल आते है, इतने अरसो बाद जिंदगी में दोस्ती के स्थूल आते है। पुरानी बहारो की घटा झूम झूम आते है, इस पेड़ पर ... Read more

माँ

माँ मुझे अपने आँचल में, लपेट कर सो जाती है। दूनिया की बुरी नजरो से, मेरी हिफाजत हो जाती है॥ माँ तेरी दुआ में बड़ा ही असर है, म... Read more

दोस्तो की याद

अब यारो के बहाने नही अच्छे लगते, उनकी बातो के फ़साने अच्छे नही लगते। जब से लक्की काम पर चला है, यारो के मिलने के ठिकाणे नही अच्छे ... Read more

राजस्थानी

सम्पूर्ण विश्व में है जिण'री, एक अलग ही पहचान, संविधान में क्यूं नही मिल'रयो, इण ने सम्मान। गंर आपणी पगड़ी री, आन ने बचाणी है, तो ... Read more

एक दोस्त जिसका बचपन से साथ है

दो दोस्तो की कहानी ये कैसी, प्रेम भाव से गढ़त ये ऐसी। प्रेम भाव से दोस्त बनाया, प्यार प्रीत से इसे बहलाया॥ लक्की की यारी, ....... Read more

बचपन के यार जो रूठ गए तो........!

बचपन को फिर से दौहराने कौन आयेगा, भूल गए गंर उन लम्हो को तो याद दिलाने कौन आऐगा। न रखो तुम दूरियाँ दोस्तो के बीच, गंर बिगड़ गई ... Read more

बेटियां

पिता के जीवन का स्वाभिमान होती है, बेटियां, सब घर वालो की जान होती है, बेटियां। परमात्मा के आशिष के रूप मे, लक्ष्मी का अवतार होती... Read more

यारो की याद

ज़हाँ का सबसे ख़ूबसूरत रिश्ता है दोस्ती जहाँ मे सबसे ज्यादा भरोसेमंद है दोस्ती मुझ को छोड़कर बाकी दोस्तो की बादशाहत लेकर क्या कर... Read more

जिंदगी

कहने को तो बहुत छोटा शब्द है, लेकिन सागर के सम्मान विस्तृत और गहरा अर्थ अपने अंदर समेटे हुए रखता है। जिंदगी के मायने प्रत्येक व्यक्त... Read more

दोस्त के इंतजार मे

कभी फिकर नही की दोस्ती कि, फिर भी आस लगाये बैठे हे। हम अपने जिग्री जान दोस्त का, इंतजार लगाऐ बैठे है। जानते हे नही कोई मोल मेरी ... Read more

स्कूल का दोस्त

जब विक्की था, दोस्ती एक सपना थी, जब दोस्ती हुई, विक्की एक जमाना हुआ। जब विक्की साथ मे था, तो उससे दूर रहना अच्छा लगता था, आज विक्... Read more

मायड़ भाषा

मायड़ भाषा करे पुकार, जणा कोई माँई का लाल। जो राजस्थानी को मान करा दे, 22वीं सूची मे सम्मान दिला दे॥ आपका अपना लक्की सिंह चौ... Read more

कर्म छूटन की उपाई

कर्म छूटन की यही उपाई, कार सेवा गुरु घर के मांही। गुरुदेव ने श्री मुख से फरमाई, कार सेवा करो मेरे भाई॥ आपका अपना लक्की सिंह... Read more

माई बेस्ट फ्रैंड ''रौनक''

दोस्त सखा मित्र फ्रैंड या जिगरी चाहे जो भी कह लो, हदय के अंतस में आता है एक ऐसा व्यक्तित्व जो विश्वास के तराजू में तुलता है... Read more

माई बेस्ट फ्रैंड ''रौनक'' :- II

ऐसे ही ओर कई पल स्मृति में ताजा है, जो औस की बूंद के समान अनछूऐ है। जिनके कारण मोहित की दोस्ती, मेरी ''दोस्ती कि दूनिया'' की रौनक बन... Read more