लेखन में रूचि
अनेक सह संकलनों में रचनायें संकलित
प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित एवं आकाशवाणी के विभिन्न केंद्रों से प्रसारित

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*गीतिका*

समन्दर प्यास कब किस की कभी देखो मिटाता है हमेशा प्यास तो पावन नदी का जल बुझाता है वफा के नाम पर मिटना उसे कब रास है... Read more

*गज़ल*

जान जाने के हैं' आसार खुदा जाने क्यों आप से हो गया' है प्यार खुदा जाने क्यों बात जिनमें हो तुम्हारी ही तुम्हारी केव... Read more

गज़ल

*गज़ल* ईद का यह खुशनुमा त्यौहार है हर तरफ बस प्यार केवल प्यार है इश्क जब कर ही लिया क्या सोचना हाथ आती जीत है ... Read more