I am Retd. Principal from Delhi Govt and write in both HINDI &English.I actively write in the social media and am actively involved inmany literary groups on Facebook. I am actively involved in social work and child welfare.
I am a very simple hearted person with literary inclinations.
I believe our culture and country is the best.

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वीर सपूत देश के

वीर सपूतों बढे चलो ,देश तुम्हारे साथ है हम सब भी तुमसे ही हैं, चाहें तुम्हारा हाथ हैं। तुम ही हो सबके नायक, डरो नहीं तूफ़ानों से... Read more

जनमदिन की शुभकामनायें मोदीजी

शत आयु हो तुम्हारी विपदा भी तुमसे है हारी अनवरत आगे बढे चले पूरी करो आशायें हमारी। तुमसा कोई न देखा जग में सूर्य समान चमको ... Read more

दोहे

पसंद अपनी अपनी दोहा विधा में एक प्रयास समीक्षारथ: अँधियारे में हैं फँसे , सारे हम इंसान सूरज अपने ज्ञान का, चमका दो भगवान. ... Read more

समय

२२१२...२२१२...२२१२..२२१२ आधार छंद -- हरिगीतिका समांत - आ, पदांत - कर चल दिए धुन श्री राम चंदर कृपालु..... कैसा समय यह आ गया , ख... Read more

जन्माष्टमी

जन्माष्टमी की बहुत बधाई अंधियारे को चीर कर , करने को उजियारा प्रकाश की किरणें फैलाने, आया बंसी वाला मधुर तान बंसी की सुन कर, म... Read more

मजबूर बचपन

बचचे सचचे होते मन के द्वेष भाव न मन में धरते मिलजुल कर रहते हैं सारे हँसी खुशी से मिलकर रहते। खेल खिलौने भाते इनको रंगीन ग़ुब... Read more

तिल तिल टूट रही हूं

तिल तिल टूट रही हूँ मैं खुद से छूट रही हूँ मैं सब कुछ बिखरता जा रहा कुछ भी समझ न आ रहा। जाने कहाँ हुई है चूक हो पाती न क्यूँ... Read more

नारी

नारी खूब करें अपमान नारी का , झूठे वादे झूठी क़समें नारे बाज़ी भी करते हैं , कैसी हैं थोथी ये रसमें। आपस में जो बात भी करते,... Read more

देर भले ही हो जाये

देर भले ही हो जाये अंधेर सदा नहीं रहना है मिलकर इसे उजाड़े जड़ से नहीं इसे अब सहना है। अनाचार का कर विनाश अब सदाचार अपनाना ह... Read more

आदित्य

आदित्य ने भी खूब है ठानी करने की आज मनमानी उछल उछल कर खूब सताता भागें पीछे दादी नानी। छुप जाता बादलों के पीछे चौंका देता आँख... Read more