अटल जी नहीं रहे !

🕉 ••••• अटल जी नहीं रहे ••••• स्तब्ध नहीं नि:शब्द हूँ मैं अश्रुओं का अंतिम लब्ध हूँ मैं मात्र एक दर्श... Read more

हे राम मेरे प्राण !

🚩 । । ओ३म् । । * * * * * * * हे राम मेरे प्राण ! * * * * * * * जय - जयकार रहे तेरी सदा अयोध्या के राजा करूँ तेरे गुणों का... Read more

पश्चाताप !

।। ॐ ।। (यह कविता आठ जुलाई सन् दो हज़ार पन्द्रह को लिखी गई) * पश्चाताप ! * कोरी जाँच-पड़ताल नहीं न मनभाती बात । ऐसा - ऐ... Read more

बिरह बरस रहा है

🕉 * * * बिरह बरस रहा है * * * तेरी यादों की शबनम अलसायी हुई दिल की नाज़ुक पत्ती बल खायी हुई दिल की नाज़ुक पत्ती . . . . ... Read more

ज़ख़्मों के फूल

✍ * * * ज़ख़्मों के फूल * * * सुकूँ गया जहान का मील के पत्थर हिल गए वो गए तो गए सौगात में कुछ नग़मे मिल गए गुम हो गईं ... Read more

पुकार

🕉 * * * * * पुकार * * * * * आओ मोहन मोहन आओ पलक बिछाऊं करूँ सुआगत ब्याकुल मन मन नहीं मानत कूकर जात बहुत खिजावत हुई अत... Read more

राधा के पैरों के निशान

🕉 * राधा के पैरों के निशान * जो चाँद - तारे न रहे हवा भी इक दिन रुक गई खो जाएंगे तब दिन और रात जो भी होंगे उस घड़ी तेरा ना... Read more

राखी

🕉 * * * राखी * * * आननपोथी रची निजपीठिका सुन्दर सहज सुबोध सुदर्शन-मनमोहन जी स्वीकार करो तुम्हें भेजा है मित्र-अनुरोध तुम... Read more

मदन - पीर

🕉 * * * मदन - पीर * * * प्रेम बसा लो नयनों में चंचलता चित्त के द्वार धरो हे मृगनयनी हे मधुबाले मेरा प्रणय - निवेदन स्वीकार ... Read more

नींव के पत्थर

(जिन भव्य भवनों, ऊंची अट्टालिकाओं, महलों - राजप्रसादों के शिखर - कंगूरे आकाश से बातें कर रहे हैं, उन्हीं की नींव के पत्थरों को समर्प... Read more

रामानुज

🕉 * * * रामानुज * * * मतिभ्रष्ट और कामी पिता नृप स्वामी अवध्य नहीं खलकारी हे दाशरथि ! शरण तुम्हारी हे दाशरथि ! शरण तुम्ह... Read more

माँ, मेरी माँ . . . !

🕉 * * * माँ, मेरी माँ ! * * * ------------------ अवाक् देखता मैं तेरे हाथ को विमान की तरह से नीचे ... Read more

और हम उदास हैं . . . !

✍ * * * एक बार फिर से यादों की पोटली में से एक गीत प्रस्तुत है ; यह गीत ५-३-१९७३ को लिखा गया था । * * * * और हम उदास हैं . . ... Read more

बस एक शब्द, माँ !

🕉 * * * बस एक शब्द, माँ * * * आसकिरण जन्मी शुभ-लाभ प्रथम बार मिले शाला ऊंची प्रेम की घुटने कई-कई बार छिले उर - अंचल बरस... Read more

मेरी न सुनो सुन लो भावी की

🕉 * मेरी न सुनो सुन लो भावी की * खिलते हैं अब भी फूल सुधे सुगंध कहीं धर आते हैं सावन पतझर एकसाथ अश्रु झर-झर जाते हैं खिल... Read more

उनके हिरदे धाम मेरा

🕉 * उनके हिरदे धाम मेरा * खिलते हैं फूल बसंत बहार जिनकी कृपा से उनके अधरों पर नाम मेरा गौरी-शिवा को राम-सिया को मंदिर के... Read more

विश्वास लुटेरे !

* * * विश्वास लुटेरे * * * दिखती नहीं पहली-सी ताकत भुजाओं में सपनीली आँखों का पानी घुल गया हवाओं में यूँ तो दिखते हैं अब भी... Read more

खोए हैं उनके नैना कहाँ !

🕉 * खोए हैं उनके नैना कहाँ * खूब चमकती रही बिजलियाँ बिन बरसे ही बादल गया बुझ रहा दिल मेरा खोए हैं उनके नैना कहाँ बात उन्... Read more

लालकोट से डंका !

🕉 *•••| लालकोट से डंका |•••* आर्यावर्त न रहा न जम्बूद्वीप शेष है जो बच रहा है भारत उस पर भी क्लेश है ल... Read more