MA B Ed (sanskrit) My published book is ‘ehsason ka samundar’ from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

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किसान

:दर-दर ठोकर खा रहा, है लाचार किसान। शासन प्रकृति से सदा,मिला उसे दुख दान।। जितनी सरकारें बनी, किया नहीं कुछ काम। दिखलाया सपने ... Read more

मच्छर

मच्छर है खच्चर बहुत, जड़ूँ उसे दो चाट। मुझे अकेला देख कर, झट से लेता काट।। -लक्षमी सिंह Read more

नीति युक्त दोहे

विष अमृत सम भाव से,कर लेता जो पान। इस जग में शिव की तरह, उसको योगी मान।। ठोकर खाये हर कदम, सहा भाग्य का लेख। बाँट रहे फिर भी... Read more

सावन

सावन सोना- सा लगे, मोती-सी हर बूँद। धरती अंबर से मिली, अपनी पलकें मूँद।। सावन बरसाने लगा,निर्मल जल की धार। बूँद-बूँद जीवन भरा... Read more

राखी/भैया क्यों आये नहीं

प्रात काल उठते सुनी, जब कागा की बोल। भैया आयेगें लगा, हृदय गया फिर डोल।१। उड़ -उड़ कागा आंगना ,बहुत मचाया शोर। सुन उसकी वाणी... Read more

रिश्वत

बड़ा गज़ब का देखिए, ये रिश्वत का खेल। लेते हैं रिश्वत मगर, कभी न जाते जेल।१। घूस मांगते प्यार से, चूसे तन का रक्त। पर अपने व... Read more

प्रश्नों का अंबार

मन में भर कर मत रखें, प्रश्नों का अंबार। धीरे धीरे से सुलग, बनता है अंगार।। मन में जितने प्रश्न हैं, उस पर करो विचार। उचित... Read more

सावन के पर्व-त्योहार

***************** सावन लाया है सखी, कई पर्व – त्योहार। छिपा हुआ हर पर्व में, जीवन का आधार।।१ सावन पावन माह में , है हरियाली तीज... Read more

सुषमा स्वराज

प्रबल प्रखर मृदुभाषिणी,श्रेष्ठ सुषमा स्वराज। अमिट छाप निज छोड़ कर, चली गई हैं आज।। सरल सौम्य व्यक्तित्व में, खिली मधुर मुस्का... Read more

अखंड भारत

भारत माँ के शीश से, हटा पुरातन पीर। लहर तिरंगा कह रहा,अपना है कश्मीर।। सपना अखण्ड हिन्द का , अब होगा साकार। आज राष्ट्र को मिल... Read more

मित्र

बुरे वक्त में ही दिखे, सबके असली रंग। केवल सच्चा मित्र ही, रह जाते हैं संग।। टाँग खींचती दोस्ती, कुछ मीठी नमकीन। केवल खुशियाँ ... Read more

प्रिय प्रेम

प्रियवर अपने हाथ से, रचे महावर पाँव। धन्य हुई मैं तो सखी, पाकर ऐसा ठाँव।। प्रेम इसी का नाम है, मिटे अहं का भाव। राधा कृष्णा ... Read more

कब मैंने चाहा सजन

कब मैनें चाहा सजन, मिले नौलखा हार। देना है तो दिजिए, थोड़ा समय उधार।। समय तुझे मिलता नहीं,पल भर बैठे पास। कैसे समझोगे भला, म... Read more

चुनाव

लोकतंत्र इस देश का, दिया हमें अधिकार।। अपना नेता खुद चुने,ले मत का हथियार।। हर मतदाता वोट दे,लेकर निर्मल भाव। बटन दबाना सोच ... Read more

आँसू

होता दिल में दर्द जब, बढ़े हृदय की ताप। मोती बनकर बह चले,आँसू तब चुपचाप।।१ आँसू की होती नहीं, कोई भी पहचान। गम हो चाहे हो खुश... Read more

गर्मी

अब गर्मी बढ़ने लगी, इतना रखना ध्यान। नित पानी छत पर रखें ,बचे परिन्दा जान।। दिल्ली वासी ने किया, जाने कैसा पाप। प्रचंड गर्... Read more

तितली

तितली रानी आ गयी, लेकर रंग हजार। फूल फूल पर डोलती, करती उससे प्यार।। -लक्ष्मी सिंह Read more

कलंक

शुद्ध श्वेत से वसन पर,लिपट गया जब पंक। धोने से धुलता नहीं, ऐसा लगा कलंक।। १ काजल से काला अधिक, जीवन भर का डंक। काजल धुल जाये... Read more

चैत्र माह नववर्ष

चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा, सब के लिए विशेष। सूर्य-चंद्र आधार पर, नया वर्ष इस देश।।१ प्रकृति में चारों तरफ, छाया शुभ संदेश। नव ... Read more

तारे

श्वेत धवल किरणें लिए, निकले चाँद- सितार। रोज दिवाली है गगन, सजते दीप हजार।।१ टिम-टिम कर हँसते मगन, तारों का संसार। हँस-हँस सब... Read more

संयम

श्रम ,संयम की वंदना, करता जा तू कर्म। कर्म करे किस्मत बने, जीवन का यह मर्म।। जीवन के हर क्षेत्र में, संयम है अनिवार्य। मंजिल... Read more

हस्तशिल्प

हस्तशिल्प अद्भुत कला, रचनात्मक उत्पाद। जिसमें होती है मिली,रक्त-स्वेद का खाद।। १ हस्तशिल्प है हाथ के, कौशल से तैयार। रीति रिव... Read more

आवास

तिनका-तिनका जोड़कर, बनता है आवास। भाव एक सम हो जहाँ, सुख-शांति का निवास। । छोटा चाहे हो बड़ा, हो अपना आवास। खुशियों से परिपूर्... Read more

नारी

यहाँ शुरू से ही रहा, समाज पुरुष प्रधान। नारी को हरपल मिला,पुरुष बाद स्थान।। हो जिस घर औ” देश में,नारी का सम्मान। रहता घर खुशहा... Read more

सत्य

सदा विजय हो सत्य की, हो असत्य की हार। रहे तनिक भी भय नहीं, साहस जिसके द्वार।। पाप तिमिर सब मिट गया, फैला सत्य प्रकाश। आततायी ... Read more

महाशिवरात्रि

अति शुभ मंगलमय दिवस,आज महाशिव रात। शिव शंकर दुल्हा बने,अद्भुत है बारात।।१ शिव गौरा व्याहन चले, सकल देवता संग। भूत प्रेत पिशाच... Read more

वीर-जवान

सीमा पर डट कर खड़े, रहते वीर जवान। मातृभूमि के वास्ते, हो जाते कुर्बान।। गोली खाकर जो खड़े, रहते सीना तान। बहे देश हित के लिए... Read more

भारत का एयर स्ट्राइक

बंद कलम को मिल गई, ताजी नई खुराक। कानों में जैसे पड़ा, छप्पन इंची धाक।। मंगल ही मंगल रहा, शुभ मंगल है आज। गढ़ दुश्मन का हिल ग... Read more

देश- विरोधी तत्व

साँप-सपोलों की तरह, देश विरोधी लोग। करो शीघ्र उपचार कुछ, खतरनाक यह रोग।। खत्म जड़ों से कीजिये,देश विरोधी तत्व। धर्म जाति के ... Read more

सनम

आज अभी इस बात का, करते हैं इजहार। तू ही दिल धड़कन सनम, तू ही मेरा प्यार।। मैं नदिया की धार हूँ, बहती तेरे संग। रोक सको तो रो... Read more

श्रृंगार रस

विधा-दोहा 20/7/2019 श्रगार-रस ******** भाव रूप उर में बहे, जो बनकर रस धार। सभी रसों का मूल रस, रसपति है श्रृं... Read more

पुलवामा शहीद दिवस

आँखों से आँसू बहे, कलम रक्त की धार। हुआ आज कश्मीर में, वीरों का संहार।। १ इंच - इंच ताबूत में, आया माँ का पूत। भस्म करो आतंक... Read more

मित्र

मद मादक मदमस्त सा,घुला साँस में इत्र। मन मन्दिर महका गया, मोहक मनहर मित्र।। कैनवास पर फैलते, रंग बिरंगे चित्र। भाग्य कर्म ... Read more

परछाई

चाहे कितना भी अधिक, श्वेत मनुज का अंग। उसकी परछाई मगर, होती काली रंग।। -लक्ष्मी सिंह Read more

विरह वसंत

पिया नहीं आये सखी,क्यों आ गया बसंत। दहके टेसू-सा बदन,तृष्णा भरे अनंत।। १ कोयलिया कुहके सखी, सुध बुध लेती छीन। बौराई हूँ आम सी,त... Read more

मकरंद

गुंजित सुमनों के अधर,जब नेहों के छंद। केसरिया के रंग से, झड़ते हैं मकरंद।। १ कवि वसंत पर लिख रहे, कविता दोहा छंद। हर्फ - हर्फ... Read more

चाॅक्लेट

मै लाई बाजार से, इक चाॅक्लेट बार। स्वाद भरा इतना अधिक , जैसे माँ का प्यार।। १ चाॅक्लेट डे से हमें, बहुत अधिक है प्यार। क्योंक... Read more

प्रिय विरह - २

स्मृति प्रेम की नींद में, सुख क्रीड़ा का ध्यान। सुख चपला की छटा, हर लेती है ज्ञान ।। १ अश्रु भीगते नित नयन, अविरल जल की धार। ... Read more

चूड़ियाँ

युग बदला, बदला नहीं, चूड़ी का श्रृंगार। इस युग में भी चूड़ियाँ, मिलते कई प्रकार।। १ फैशन के युग में बने, नित नूतन आकार। हर य... Read more

जुगनू

जुगनू जगकर रात भर, क्या करता हैं खोज। खुद ही खो जाता सुबह, क्रम चलता हर रोज।। १ भरी दुखों से जिन्दगी, नहीं अँधेरा साथ। मैं ज... Read more

हास्य दोहे

कविता दिल्ली आ गई, छपी खबर अखबार। हमने पढ़कर ये खबर, लिख दी फिर दो-चार।। कविता है मनमोहिनी, बड़ी रसीली नार। जिसको पाने के ... Read more

मरीचिका

मरीचिका हँसती रही, लगा मनुज को बेंत। मृत भू में जल ढ़ूढता,सच है केवल रेत।। १ मन मेरा भरमा गया, इक आशा की फाँस। मरीचिका केवल... Read more

फिजा

लेकर आई है फिजा, मेरे प्रिय को आज। मैं दिल की कैसे कहूँ, अाये मुझको लाज।। १ दीपक उर में प्रेम की, फिजा हुई सतरंग। बगिया मेरी... Read more

नित्य-नियम

नित्य दिवस उठ कर करें, सर्व प्रथम यह काम। देख स्वयं निज हाथ को, लेना प्रभु का नाम।। १ प्रात काल उठकर करें, नित भू को स्पर्श। ... Read more

उम्मीद

सब कुछ खो जाये अगर, मत खोना उम्मीद। सपने आते हैं तभी, जब आती है नींद।। एक सजग इंसान ही, करता है उम्मीद। बिन कारण खोता नहीं... Read more

क्रोध

चार नरक के द्वार हैं,काम,लोभ ,मद,क्रोध। जीवन उसका है सफल,जिसको इसका बोध।।१ क्रोध दूसरों में करे, सिर्फ क्रोध संचार। करे शांति... Read more

बेटियाँ

एक पुत्र को जन्म दूँ, रही सभी की चाह। दो बेटी की माँ बनी, मुझे नहीं परवाह।। १ मुझे मिली जब बेटियाँ, समझ न आई बात। जग ने ताने ... Read more

गणतंत्र

आज बहुत पावन दिवस, आया है गणतंत्र। अमर तिरंगा देश का, गाओ गौरव मंत्र।। १ आज दिवस गणतंत्र है, जिस पर हमको गर्व। देशभक्ति बलिदा... Read more

दुख

दुख के आँचल में छिपा, सभी सुखों का सार। सघन सजल सब भावना, है जिसका आधार।। ऊपर है भगवान तो, नीचे दुख का ढेर। चमके सूरज नित गगन, ... Read more

नारी शक्ति

हे! मृदु स्वर लहरी बदल, कर भीषण संहार। लाज बचाने के लिए , करो तेज तलवार।। १ कोमलता को त्याग दो, धर रणचंडी रूप। जीभ तृप्त कर ... Read more