MA B Ed (sanskrit) My published book is ‘ehsason ka samundar’ from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

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हमारे गांव की पनिहारन

हमारे गांव की पनिहारन , नित गगरी में भरती सावन। ????? देश की संस्कृति झलकती , जब पनघट पर पानी खींचती। पेड़-पौधों को वो रोज सी... Read more

माँ

????? माँ होती बेहद सामान्य महिला, जो बच्चों से नहीं करती गिला। माँ का दिल होता बहुत ही बड़ा, प्रेम,त्याग,वात्सल्य से पूर्ण भ... Read more

नारी दिव्य स्वरूप

????? (1) नारी में दिव्य स्वरूप का दर्शन, उन्नति प्रगति कल्याण का साधन। नारी समाज की एक निर्मात्री शक्ति, ये धारण,पोषण,संवर्द... Read more

माता-पिता ईश्वर के समान

???? वृद्धाआश्रम में छोड़ गया, ये कैसा संतान। माता-पिता की फिर भी, बसती है इन्हीं में जान। ? माता-पिता तो रूप हैं ईश्वर ... Read more

प्रातःकाल

???? प्रातःकालीन प्रथम सूर्य किरण, मंत्र मुग्ध बंधा मन का हिरण। अचेत सृष्टि थी गहनता के कारण, फैला प्रकाशपूँज किया तम हरण। ... Read more

तुने जो लिखे थे खत

???? तुने जो लिखे थे खत, उसे आज भी पढ़ती हूँ। तेरे संग गुजरे जो पल, सदा याद किया करती हूँ। जब भी अपने जूड़े में, मैं कोई फूल ल... Read more

जो होता है आज ही होता है

???? जो होता है, आज ही होता है। यहाँ तक कि आनेवाला कल भी आज के रूप में ही सामने आता है। बेहतरी की सभी कोशिशें आज मे... Read more

विक्लांगता नहीं कोई अभिशाप

???? विक्लांगता नहीं कोई अभिशाप। ना ही पूर्वजन्म का कोई पाप। ना ही ईश्वर का कोई श्राप, संसार का श्रेष्ठ प्राणी हैं आप। लो... Read more

माँ बनकर मैं खुद को जानी

???? माँ बनकर मैं खुद को जानी, माँ का पूरा रूप पहचानी। ईश्वर से पाकर दो बेटी, बचपन जी रही हूँ, मैं फिर से अपनी। कुछ... Read more

माँ (मदर्स डे पर)

???? आम आदमी या ईश्वर अवतार, माँ के दूध का सब कर्जदार। माँ के छाती से निकला दूध, जीवनदायिनी अमृत की बूँद। ? माँ जीवन की शु... Read more

माँ मेरी माँ

???? माँ मेरी माँ, मुझे छोड़ के मत जाओ कुछ दिन तो मेरे साथ बिताओ। माँ मैं तुम बिन अकेली हो जाती हूँ, जब तुम साथ होती है तो ,... Read more

छोड़ के कंचन महल अटारी

???? छोड़ के कंचन महल अटारी, जोगन रूप सजाऊंगी...... वृन्दावन की कुन्ज गली में, अपनी कुटी बनाऊंगी..... ? लट चिपकाऊ,भस्म रमाऊं, ... Read more

कुत्ते और बंदर की दोस्ती

???? अनोखी चीजें सदा ही चौकाती, कुछ चीजें तो अद्भुत हो जाती। देखो कुत्ते और बंदर की दोस्ती, है बड़ा अजूबा बड़ी अनोखी। क... Read more

महात्मा बुद्ध

????? बुद्ध ने सब दाव पर लगा दिये, कठोर तपस्या पूर्ण जीवन जीये। जिस दिन देखें कि मृत्यु है, जिस दिन देखें कि बुढापा है, ज... Read more

माता-पिता

???? पाल-पोस कर बड़ा किया, जिसे अपना खून पिलाया। आज उसी औलाद ने, वृद्धाआश्रम पहुंचाया। ? पहली बार वो तब मरे जब बच्चों की... Read more

जब बच्चे जवाब देते हैं

???? जब बच्चे जवाब देते हैं, जीवन के हर तार टूटते हैं। शब्दों के प्रहार से , तन पे कितने बाण चलते हैं। घायल मन ,मन के अं... Read more

खुद के प्रति प्रतिबद्धता

????? खुद के लिए फैसला लेना, और फिर उसका सम्मान करना, हमें सिखना होगा। जो खुद के लिए नहीं लड़ सकता, उसके लिए कोई भी नहीं ... Read more

सरहद के वीर शहीदों को मेरा शत-शत नमन

?????? सरहद के वीर शहीदों को,मेरा शत-शत नमन। खुद को मिटाकर जो,कर गये सुरक्षित वतन। ? खबरदार ऐ सरहद पार,कश्मीर है हमारा चमन। ... Read more

तुम और मैं

???? तू शिव है, तेरी शक्ति हूँ मैं। तेरी जीवन की, हर एक भक्ति हूँ मैं। ? तेरे अंग में समायी, तेरी अर्धांगिनी हूँ मैं। ... Read more

मेहनतकश मजदूर (मजदूर दिवस पर)

???? जुझारू,मेहनतकश एक शक्ति क्रांतिकारी। हर उद्योग में मजदूरों की अपरिहार्य भागीदारी। ? मजदूरों पर देश की समस्त आर्थिक उन्नति... Read more

कोई जन्म से कवि नहीं होता है

???? कोई जन्म से कवि नहीं होता है। हर व्यक्ति में कहीं एक कवि छिपा होता है। ? कोई घटना या दृश्य मन की भावनाओं को छू जाता है... Read more

मित्रता का बीज

???? मित्रता का बीज दो क्यारियों में एक ही वेग से उगता है, और एक ही वसंत में खिलता है। मित्र में कौन छोटा ? कौन बड़ा ? ... Read more

खुशी

???? खुशी आत्मा की उपज है। सबको मिलती नहीं सहज है। ? कोई एक गुलाब से भी खुश हो जाता है। कोई मँहगा तोफा पाकर भी आँसू बहाता है... Read more

प्रतिबद्ध मन

???? मकसद है, दूरदर्शिता है, योजना भी है, मंजिल तक पहुँचने की। कमी होती है तो बस लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध मन की। आ... Read more

न्याय की देवी

???? बाँधआँखों पर काली पट्टी अंधी बनी न्याय की देवी। न्याय तराजू हाथ की मुट्ठी, सबूत तौलती सच्ची-झूठी। एक हाथ तलवार दोधा... Read more

मैं पत्थर हूँ

???? मैं पत्थर हूँ, चुपचाप खड़ी रहती हूँ, ना चीखती हूँ, ना चिल्लाती हूँ। बस एक बूत सी बनी रहती हूँ। ना रोती हूँ, ना तड़... Read more

धीरे-धीरे धरती बन रहा है आग का गोला

???विश्व पृथ्वी दिवस??? ??? धीरे-धीरे धरती बन रहा है आग का गोला। ये विश्व समुदाय के लिए बड़ा गम्भीर मुद्दा। ? वायुमं... Read more

मैं मजदूर नौजवान

????? हिन्दू, सिख, ईसाई ना ही मुसलमान। मैं हूँ एक मेहनतकश मजदूर नौजवान। ? मेहनत मेरा धर्म है,मेहनत मेरी ईमान। नित कर्मयोगी,प... Read more

सुख की पहचान

???? काश सुख की होती पहचान। होता उसका भी एक दुकान। ? खुश होता फिर हर इन्सान। फिर ना होता कोई परेशान। ? काश होता सुख का को... Read more

कभी सावन कभी वसंत दोस्ती

????? कभी सावन,कभी वसंत दोस्ती। पतझड़ में भी रहे संग दोस्ती। सागर के संग तरंग दोस्ती। जीवन में भर दे उमंग दोस्ती। इन्द्... Read more

भगवन नाम

(1)???? भगवन नाम सचमुच एक रत्न है। इससे ही शांति और आनंद है। ????? (2)???? भगवन नाम में अपनी निजी शक्ति होती है। मन ए... Read more

दर्द की बात ना करो

????? दर्द की बात ना करो, हम तो दर्द में ही रहते हैं। हर रोज घुटते-मरते हैं, पर किसी से नहीं कहते हैं। वक्त ने जो भी किया स... Read more

जिन्दगी की परिभाषा

????? जिन्दगी एक अभिलाषा है। इसकी अलग-अलग परिभाषा है। ? जिन्दगी विधाता का दिया अद्भुत उपहार है। कुदरत ने जो धरती पर बिखेरा व... Read more

बचपन की हर बात निराली

????? बचपन तो बचपन है बचपन की हर बात निराली। गुड्डा गुड़िया,खेल खिलौने बस यादें रह जाती है सारी। कभी याद कर हम बीते दिनों ... Read more

इन्सान नहीं वह दरिंदा है

???? इन्सान नहीं वह दरिंदा है, धरती आकाश जिससे शर्मिन्दा है। मासुम को नोच कर खाता है, इन्सान के रूप में भेड़िया है। पति-पित... Read more

मेरी रूह

(1)???? मेरी रूह मुझे छोड़ गई.... मेरे हाथों से निकलकर तेरी यादों से लिपट गई..... ????? (2)???? मेरी रूह मेरी जिस्म छोड़ ... Read more

कान्हा,कन्हा मैं करूँ

?????? कान्हा,कन्हा मैं करूँ, मेरा कान्हा है चितचोर। ? चैन चुराकर, नींद उड़ाकर, वो बैठा कित ओर। ? मैं बावली, हुई दीवानी, क... Read more

मैं हूँ एक फूल सुर्ख गुलाब

?????? मैं हूँ एक फूल सुर्ख गुलाब। जिधर से भी मैं गुजरूँ, छोड़ जाऊँ खुश्बू बेहिसाब। ?? मेरा जीवन काँटों की चुभन, चेहरा खिल... Read more

मैं लिखती हूँ

????? मैं क्या लिखती हूँ और क्यों लिखती हूँ स्वयं मैं नहीं जानती बस लिखती हूँ.. मैं लिखती हूँ.. ? अपनी प्रतिभा से यत्र... Read more

जिन्दगी को गुजार दो

???? जिंदगी को गुजार दो खिलखिलाते हँसते हँसते। न जाने किस वक्त,कब कहाँ, जिंदगी निकल जाए हाथ से फिसल के। बहुत नज़दीक से दे... Read more

हे पवन पुत्र

???? हे पवन पुत्र तुम तो हो, शिव शंकर के अवतारी। हे अंजनी लाल जग में, तेरी महिमा न्यारी। बजरंगी है नाम तुम्हारा, श्री राम ... Read more

मन में ख्यालों के

???? मन में ख्यालों के बुल बुले उठटते हैं। कुछ सुलझे, कुछ अनसुलझे हैं। ? कुछ दिलों में सूल बनकर। तो कुछ खिलते फूल बनकर। ... Read more

तेरे बगैर

(1)???? एक कमी है मुझ में जो तेरे पास आकर पूरी होती है, तेरे बगैर मेरी शक्सियत अधूरी है। ???? (2)???? अकेली होकर भी मैं... Read more

प्रजापति (कुम्हार)

????? हम जुड़े देश की माटी से वही पुराने संस्कार की घाटी से । मिट्टी के हम दीये बनाते, उसी से अपना घर चलाते। आदि यंत्र कल... Read more

माँ मेरा मन

???? माँ मेरा मन, तेरी गोदी ढूंढता है। माँ मेरा तन, तेरी वही स्पर्श चाहता है। माँ मेरा अन्तस, हर पल तुझे पुकारता है। तू... Read more

कितना बेबस, कितना दीनहीन लाचार

????? कितना बेबस,कितना दीनहीन लाचार, सामने कटोरा, गोद में बच्चा बिमार। उफ,ऐ दाता!कैसी किस्मत की मार, भाग्य में सिर्फ जिल्लत... Read more

मुझे अच्छी लगती है।

???? तेरी मीठी -मीठी बातें मुझे अच्छी लगती है। तेरी तारीफों की बरसातें मुझे अच्छी लगती है। तेरे संग बीते दिन- रातें मुझे... Read more

माँ मुझे भी दुनिया में लाना

????? ओ माँ! प्यारी माँ! मुझे भी दुनिया में लाना। वो छुअन,वो स्पर्श का अहसास मुझे भी कराना। ? ओ माँ! मुझे भी देना, अपनी म... Read more

ढोंगी पाखंडी

?????? धर्म और संन्यास की आड़ में, साधु का छिपा आसली चेहरा। ये अपराधी, आत्मघाती, दुराचारी कुकर्म करे चौकानेवाला। ये निठल्ले... Read more

कविता

???? विश्व कविता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ???? माँ सरस्वती का आशीर्वाद है -कविता। कवि की आत्मा का नाद है —कविता। आलौकिक ... Read more