MA B Ed (sanskrit) My published book is ‘ehsason ka samundar’ from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

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उम्मीद

सब कुछ खो जाये अगर, मत खोना उम्मीद। सपने आते हैं तभी, जब आती है नींद।। एक सजग इंसान ही, करता है उम्मीद। बिन कारण खोता नहीं... Read more

क्रोध

चार नरक के द्वार हैं,काम,लोभ ,मद,क्रोध। जीवन उसका है सफल,जिसको इसका बोध।।१ क्रोध दूसरों में करे, सिर्फ क्रोध संचार। करे शांति... Read more

मुक्तक

गर निगाहें सुन्दर हो तो अदा मार देती है। दिल से जो निकलती है वो सदा मार देती है। उलझा हुआ हूँ मैं अपनी हाथ की लकीरों में - गर ... Read more

मुक्तक

नया कानून माँगती हूँ नूतन संविधान कीजिए । रहे सुरक्षित बहू-बेटियाँ ऐसा जहान कीजिए। नित दिन दरिन्दगी बढ़ रहा है यह देश शर्मसार है... Read more

मुक्तक

तुम ही भारत के बाल वीर हो। अभिमन्यु सरीखे महा धीर हो। अमित शक्ति क्षमता के मालिक तुम- अति तीव्र दो धारी शमशीर हो। -लक्ष्मी सिंह Read more

मुक्तक

कश्मीर से कन्याकुमारी। वीरों की यह धरा हमारी। पावन है गणतंत्र देश का- हमें जान से ज्यादा प्यारी। -लक्ष्मी सिंह Read more

बेटियाँ

एक पुत्र को जन्म दूँ, रही सभी की चाह। दो बेटी की माँ बनी, मुझे नहीं परवाह।। १ मुझे मिली जब बेटियाँ, समझ न आई बात। जग ने ताने ... Read more

गणतंत्र

आज बहुत पावन दिवस, आया है गणतंत्र। अमर तिरंगा देश का, गाओ गौरव मंत्र।। १ आज दिवस गणतंत्र है, जिस पर हमको गर्व। देशभक्ति बलिदा... Read more

दुख

दुख के आँचल में छिपा, सभी सुखों का सार। सघन सजल सब भावना, है जिसका आधार।। ऊपर है भगवान तो, नीचे दुख का ढेर। चमके सूरज नित गगन, ... Read more

नारी शक्ति

हे! मृदु स्वर लहरी बदल, कर भीषण ललकार। लाज बचाने के लिए , करो तेज तलवार।। १ फूट पड़े ज्वाला सभी, दो कस कर ललकार। काँप उठे सु... Read more

परिवार

🌹🌹🌹🌹🌹🌹 इक अभिन्न-सा अंग है, जीवन में परिवार। प्रेम - स्नेह से सींच कर, स्वर्ग बने घर-द्वार।। १ फूलों की बगिया लगे, यह अपना प... Read more

मुक्तक

नाज-नखरे व लटके-झटके, कभी पसंद न आई। एक मोहिनी भोली सूरत दिल में रही समाई। गजब सादगी में सुन्दरता मन विचलित कर जाए- शर्म ... Read more

मुक्तक

तुझे दिल में उतारूँ मैं। नजर भर कर निहारूँ मैं। छुपाकर याद को तेरी - हकीकत को सवारूँ मैं। -लक्ष्मी सिंह Read more

मुक्तक

फूटे हुए मटके में जज्बात भरती हूँ। भरता नहीं है फिर भी दिन-रात भरती हूँ। मिटते नहीं हैं दर्द बेजुबान अश्कों से- टूटे हुए इस दिल... Read more

साग

आया मौसम साग का, पोषण से भरपूर। नित इसका सेवन करें, रोग रहेगा दूर।।१ पालक, चौलाई, चना, सोया, सरसो साग। सदा स्वस्थ तन को रखे,... Read more

काम

हुआ मशीनों का मनुज,कितना आज गुलाम बटन दबाते ही सभी, हो जाते हैं काम।। १ छोटे बच्चे भी कभी, कर जाते वो काम। बड़े-बड़े जिस का... Read more

सर्द

सूर्य देव मद्धिम हुए, उतरा नभ का ताप। श्वेत घना घन कोहरा, बरस रहा चुपचाप।। १ धुआँ-धुआँ-सा बन उड़े, रूई की सी फाह। ठिठुरी ठिठ... Read more

कर्म

होनी तो होकर रहे, मत कर व्यर्थ विचार। कर्म पंथ पर बढ़ चलो, यह जीवन का सार।। १ दिल में मानवता रखें, होठों पर मुस्कान। बिना स... Read more

याद

खट्टी-मीठी सी लगे, भूली बिसरी याद। यादों में आते सभी, चल जाने के बाद।। १ बीत रहा जो पल यहाँ, बन जाते हैं याद। जो गम खुशियों... Read more

विश्वास

जग में मुश्किल कुछ नहीं, हो मन में विश्वास। हिम्मत से बढ़ते रहो, पूरी होगी आस।। १ जीवन पतझड़ सा लगे, होना नहीं उदास। फूल खिल... Read more

भारत और इंडिया तुलनात्मक सृजन

भाव, ताल औ"राग से, निकला भारत देश। आज बना है इंडिया, बदल गया परिवेश।। १ देवों ने जिसको रचा, अपना भारत धाम। बदल दिया अंग्रेज ... Read more

नव वर्ष

आज रात है आखिरी, बीत रहा है साल। झूमे स्वागत में सभी, चमक रहे हैं गाल।। १ साल पुराना हो रहा, आज सभी से दूर। क्या करना जब है य... Read more

मन

1) पावस मन, बतास सा बदन, मग्न झूमता। 2) टेसू सा मन, रंग भरा जीवन, सदा मुस्काता। 3) इत्र सा मन, गुलाबों सा बदन, ... Read more

माँ का चुम्बन

1) चेहरे पर, अधरों की छुअन, माँ का चुम्बन। 2) चोट लगे तो, बनती मलहम, माँ का चुम्बन। 3)प्रथम स्पर्श, प्रथम आलिंगन... Read more

मेरी तकदीर

सब चले जाते हैं। मैं बंद कमरे में अकेली रह जाती हूँ। तन्हाईयों से लड़ती हूँ। उन्हीं से बातें करती हूँ। दरों-दिवार चिखती ... Read more

झूठ बोलना पड़ा

🌹 🌹 🌹 🌹 आज फिर मुझे झूठ बोलना पड़ा। अर्थात् सच्चाई की मार्ग को छोड़ना पड़ा। परआत्मा पर बोझ सा बन गया। क्यों? इतनी छोटी बात... Read more

माँ भारती की पुकार

आजादी के पर्व पर, सुन माँ की फरियाद। चीख-चीख कर कह रही, हम कितने आजाद।।१ पूर्ण रूप से है नहीं, अभी देश आजाद। जाति-धर्म के ना... Read more

कल्पना

कविता भी क्या चीज़ है, कल्पना की उड़ान। कवि शब्दों के जाल से, बुनता नया जहान।।१ भाव भरी यह कल्पना, कवि मन की पहचान। इसी कल्पन... Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 कवि की कविता में वो शक्ति जो दिल में देश प्रेम की लगन करें । वीरों के पथ पर गिर जाने की अभिलाषा हर एक चमन करें। नसों... Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 वर्षा रानी को देख कर खुश हो रहा किसान। मन में उसके सज गये आज हजारों अरमान। गुनगुनाता गीत गाता काधे पर हल लेकर- च... Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 मैं अंबर, चाँद, सितारा हूँ। धरती का सुखद नजारा हूँ। मैं फूल, हवा औ' खुश्बू में- मौसम का सभी इशारा हूँ। -लक्ष्मी सिंह Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 वर्षा बड़ी सुहानी है। ये ऋतुओं की रानी है। प्रकृति स्वयं को सजा रही, बरसा छम-छम पानी है। -लक्ष्मी सिंह Read more

शून्य

शून्य रिक्त होता मगर,है अनंत के तुल्य । जुड़ता जिसके साथ है, बढ़ता उसका मूल्य।। १ छुपा शून्य में ज्ञान का, बहुत बड़ा भंडार। ... Read more

मृत्यु

अटल सत्य जीवन मरण , कोई सका न रोक। जो आया जाना उसे, उचित नहीं है शोक।।१ जन्म हर्ष देता सदा, मृत्यु भयानक पीर। काल चक्र निर्म... Read more

मात-पिता भाई-बहन

मात-पिता,भाई-बहन,हरदम आते याद। मिलना मुश्किल हो गया ,जब शादी के बाद।।१ मात-पिता भाई-बहन, बचपन का अहसास। दूरी कितनी भी रहे,र... Read more

लालच

पनप रहा है हर तरफ, नफरत का बाजार। मानव लालच में पड़ा, करता हद को पार।। १ स्वर्ण हिरण होता नहीं, जान रहे थे राम। फसना लालच मे... Read more

सावन

देखो सावन आ गया, लेकर रंग हजार। धरती अंबर से मिली, कर धानी श्रृंगार।। १ सावन लाया है सखी, कई पर्व - त्योहार। छिपा हुआ हर पर्... Read more

जीत कर भी हार जाना चाहिए।

🌹 🌹 🌹 🌹 जीत कर भी हार जाना चाहिए। फासले ऐसे मिटाना चाहिए। बात छोटी जो करे कोई भूलकर, दिल बड़ा अपना बनाना चाहिए। खून ... Read more

मोहब्बत एक ऐसी बीमारी है।

🌹 🌹 🌹 🌹 🌹 मोहब्बत एक ऐसी बीमारी है। जो सबके दिलों पर पड़ता भारी है। जिन्दा जलाकर जिस्म जो राख कर दे, मोहब्बत एक ऐसी चिं... Read more

आजादी दिवस

🌹 🌹 🌹 🌹 आया आजादी दिवस, है आज पन्द्रह अगस्त। भेद-भाव को भूल कर, हो जाये सब मस्त।।१ जन-गन-मन के गान से, झंकृत मन का तार। आज ... Read more

मैं मायूस हूँ पर बेचारा नहीं हूँ।

मैं मायूस हूँ पर बेचारा नहीं हूँ। अब तक मुश्किलों से मैं हारा नहीं हूँ। मोहब्बत ने जालिम निकम्मा बनाया, मैं मजबूर हूँ पर नाक... Read more

पति

बाबुल आँगन छोड़ कर, आई पति के साथ। किसी अजनबी शक्स ने, जब थामा था हाथ।। १ बँधा प्यार की डोर से, यह रिश्ता मजबूत। फौलादी जंजीर... Read more

चौपाल

बूढ़ा बरगद के तले, लगता सदन विशाल। सभी समस्या हल करें,लगता जब चौपाल।। १ चौपाल लगाकर सुने, ग्रामीणों का हाल। आपस में सहयोग से,... Read more

मौन से बेहतर है शोर

🌹 🌹 🌹 🌹 अपना कान ही नहीं, मन भी पक गया है, महानगर के शोर से। बोलते-बोलते खुद ही, चिखने लगे हैं जोर से। सड़कों पर हर कि... Read more

बात-बात पर क्यों रोती हो?

🌹 🌹 🌹 🌹 बात-बात पर क्यों रोती हो? जीवन ज्योति क्यों खोती हो? दिल में दर्द छुपा कर रखना, बिखरने देती क्यों मोती हो? सुख... Read more

ऐसे ना मुझको तुम तड़पाया करो।

🌹 🌹 🌹 🌹 ऐसे ना मुझको तुम तड़पाया करो। याद आने से पहले आ जाया करो। देख आया है सावन रंगीला सनम, करके वादा यूँ तुम ना भुलाया ... Read more

हम तो मस्त फकीर कोई हमारा नहीं है।

हम तो मस्त फकीर कोई हमारा नहीं है। दुनिया का माया मोह हमें प्यारा नहीं है। इस आदमी का जन्म तो मिलता है भाग्य से, मिलता फिर ... Read more

भारतीय आहारऔर जंक फूड

🌹 🌹 🌹 🌹 अच्छी सेहत का सभी, केवल करते बात। जंक फूड फिर भी मगर, खाते हैं दिन-रात।। १ जंक फूड सेवन करे, बिगड़े उसका पेट। ऐसे... Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 शून्य का होता है नहीं कोई ओर-छोर। शून्य से करके शुरू चले अनन्त की ओर। इक अजीब सा सुख यहाँ करता भाव विभोर। अजब-गजब दु... Read more

मुक्तक

बिन साजन के सावन कैसा। जलती बूँद अगन के जैसा। बढ जाती है तन की पीड़ा- हर ले प्राण तपन है वैसा। -लक्ष्मी सिंह Read more