MA B Ed (sanskrit) My published book is ‘ehsason ka samundar’ from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

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याद

खट्टी-मीठी सी लगे, भूली बिसरी याद। यादों में आते सभी, जब जाने के बाद।। १ बीत रहा जो पल यहाँ, बन जाते हैं याद। जो गम खुशियों... Read more

विश्वास

जग में मुश्किल कुछ नहीं, हो मन में विश्वास। हिम्मत से बढ़ते रहो, पूरी होगी आस।। १ जीवन पतझड़ सा लगे, होना नहीं उदास। फूल खिल... Read more

भारत और इंडिया तुलनात्मक सृजन

भाव, ताल औ"राग से, निकला भारत देश। आज बना है इंडिया, बदल गया परिवेश।। १ देवों ने जिसको रचा, अपना भारत धाम। बदल दिया अंग्रेज ... Read more

नव वर्ष

आज रात है आखिरी, बीत रहा है साल। झूमे स्वागत में सभी, चमक रहे हैं गाल।। १ साल पुराना हो रहा, आज सभी से दूर। क्या करना जब है य... Read more

मन

1) पावस मन, बतास सा बदन, मग्न झूमता। 2) टेसू सा मन, रंग भरा जीवन, सदा मुस्काता। 3) इत्र सा मन, गुलाबों सा बदन, ... Read more

माँ का चुम्बन

1) चेहरे पर, अधरों की छुअन, माँ का चुम्बन। 2) चोट लगे तो, बनती मलहम, माँ का चुम्बन। 3)प्रथम स्पर्श, प्रथम आलिंगन... Read more

मेरी तकदीर

सब चले जाते हैं। मैं बंद कमरे में अकेली रह जाती हूँ। तन्हाईयों से लड़ती हूँ। उन्हीं से बातें करती हूँ। दरों-दिवार चिखती ... Read more

झूठ बोलना पड़ा

🌹 🌹 🌹 🌹 आज फिर मुझे झूठ बोलना पड़ा। अर्थात् सच्चाई की मार्ग को छोड़ना पड़ा। परआत्मा पर बोझ सा बन गया। क्यों? इतनी छोटी बात... Read more

माँ भारती की पुकार

आजादी के पर्व पर, सुन माँ की फरियाद। चीख-चीख कर कह रही, हम कितने आजाद।।१ पूर्ण रूप से है नहीं, अभी देश आजाद। जाति-धर्म के ना... Read more

कल्पना

कविता भी क्या चीज़ है, कल्पना की उड़ान। कवि शब्दों के जाल से, बुनता नया जहान।।१ भाव भरी यह कल्पना, कवि मन की पहचान। इसी कल्पन... Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 कवि की कविता में वो शक्ति जो दिल में देश प्रेम की लगन करें । वीरों के पथ पर गिर जाने की अभिलाषा हर एक चमन करें। नसों... Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 वर्षा रानी को देख कर खुश हो रहा किसान। मन में उसके सज गये आज हजारों अरमान। गुनगुनाता गीत गाता काधे पर हल लेकर- च... Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 मैं अंबर, चाँद, सितारा हूँ। धरती का सुखद नजारा हूँ। मैं फूल, हवा औ' खुश्बू में- मौसम का सभी इशारा हूँ। -लक्ष्मी सिंह Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 वर्षा बड़ी सुहानी है। ये ऋतुओं की रानी है। प्रकृति स्वयं को सजा रही, बरसा छम-छम पानी है। -लक्ष्मी सिंह Read more

शून्य

शून्य रिक्त होता मगर,है अनंत के तुल्य । जुड़ता जिसके साथ है, बढ़ता उसका मूल्य।। १ छुपा शून्य में ज्ञान का, बहुत बड़ा भंडार। ... Read more

मृत्यु

अटल सत्य जीवन मरण , कोई सका न रोक। जो आया जाना उसे, उचित नहीं है शोक।।१ जन्म हर्ष देता सदा, मृत्यु भयानक पीर। काल चक्र निर्म... Read more

मात-पिता भाई-बहन

मात-पिता,भाई-बहन,हरदम आते याद। मिलना मुश्किल हो गया ,जब शादी के बाद।।१ मात-पिता भाई-बहन, बचपन का अहसास। दूरी कितनी भी रहे,र... Read more

लालच

पनप रहा है हर तरफ, नफरत का बाजार। मानव लालच में पड़ा, करता हद को पार।। १ स्वर्ण हिरण होता नहीं, जान रहे थे राम। फसना लालच मे... Read more

सावन

देखो सावन आ गया, लेकर रंग हजार। धरती अंबर से मिली, कर धानी श्रृंगार।। १ सावन लाया है सखी, कई पर्व - त्योहार। छिपा हुआ हर पर्... Read more

जीत कर भी हार जाना चाहिए।

🌹 🌹 🌹 🌹 जीत कर भी हार जाना चाहिए। फासले ऐसे मिटाना चाहिए। बात छोटी जो करे कोई भूलकर, दिल बड़ा अपना बनाना चाहिए। खून ... Read more

मोहब्बत एक ऐसी बीमारी है।

🌹 🌹 🌹 🌹 🌹 मोहब्बत एक ऐसी बीमारी है। जो सबके दिलों पर पड़ता भारी है। जिन्दा जलाकर जिस्म जो राख कर दे, मोहब्बत एक ऐसी चिं... Read more

आजादी दिवस

🌹 🌹 🌹 🌹 आया आजादी दिवस, है आज पन्द्रह अगस्त। भेद-भाव को भूल कर, हो जाये सब मस्त।।१ जन-गन-मन के गान से, झंकृत मन का तार। आज ... Read more

मैं मायूस हूँ पर बेचारा नहीं हूँ।

मैं मायूस हूँ पर बेचारा नहीं हूँ। अब तक मुश्किलों से मैं हारा नहीं हूँ। मोहब्बत ने जालिम निकम्मा बनाया, मैं मजबूर हूँ पर नाक... Read more

पति

बाबुल आँगन छोड़ कर, आई पति के साथ। किसी अजनबी शक्स ने, जब थामा था हाथ।। १ बँधा प्यार की डोर से, यह रिश्ता मजबूत। फौलादी जंजीर... Read more

चौपाल

बूढ़ा बरगद के तले, लगता सदन विशाल। सभी समस्या हल करें,लगता जब चौपाल।। १ चौपाल लगाकर सुने, ग्रामीणों का हाल। आपस में सहयोग से,... Read more

मौन से बेहतर है शोर

🌹 🌹 🌹 🌹 अपना कान ही नहीं, मन भी पक गया है, महानगर के शोर से। बोलते-बोलते खुद ही, चिखने लगे हैं जोर से। सड़कों पर हर कि... Read more

बात-बात पर क्यों रोती हो?

🌹 🌹 🌹 🌹 बात-बात पर क्यों रोती हो? जीवन ज्योति क्यों खोती हो? दिल में दर्द छुपा कर रखना, बिखरने देती क्यों मोती हो? सुख... Read more

ऐसे ना मुझको तुम तड़पाया करो।

🌹 🌹 🌹 🌹 ऐसे ना मुझको तुम तड़पाया करो। याद आने से पहले आ जाया करो। देख आया है सावन रंगीला सनम, करके वादा यूँ तुम ना भुलाया ... Read more

हम तो मस्त फकीर कोई हमारा नहीं है।

हम तो मस्त फकीर कोई हमारा नहीं है। दुनिया का माया मोह हमें प्यारा नहीं है। इस आदमी का जन्म तो मिलता है भाग्य से, मिलता फिर ... Read more

भारतीय आहारऔर जंक फूड

🌹 🌹 🌹 🌹 अच्छी सेहत का सभी, केवल करते बात। जंक फूड फिर भी मगर, खाते हैं दिन-रात।। १ जंक फूड सेवन करे, बिगड़े उसका पेट। ऐसे... Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 🌹 शून्य का होता है नहीं कोई ओर-छोर। शून्य से करके शुरू चले अनन्त की ओर। इक अजीब सा सुख यहाँ करता भाव विभोर। अजब-गजब दु... Read more

मुक्तक

बिन साजन के सावन कैसा। जलती बूँद अगन के जैसा। बढ जाती है तन की पीड़ा- हर ले प्राण तपन है वैसा। -लक्ष्मी सिंह Read more

मुक्तक

अनकहा - सा वादा निभाया। फिर से घिर कर बादल छाया। धरती पर छाई हरियाली- नेह-कलश ले सावन आया। -लक्ष्मी सिंह 💓 ☺ Read more

मैं दिल से सिर्फ तुमको तुमको ही चाहती हूँ।

मैं दिलसे सिर्फ तुमको तुमको ही चाहती हूँ। तुमको ख़ुदा की मैं तो परछाई मानती हूँ। तेरी ये बेरूख़ी भी मेरी तो जान लेगी, ... Read more

मुक्तक

आषाढ़ गया सावन आया। हरियाली मनभावन आया। उग आये अंकुर जीवन में- ले निर्मल जल पावन आया। लक्ष्मी सिंह Read more

मुक्तक

गगन घन कीओढ़ ली ओढ़नी। नाच उठा मन बनके मोरनी। लूट लिया सभी चैन दिलों का- बारिश है या दिल की चोरनी। -लक्ष्मी सिंह Read more

मुक्तक

श्रद्धा-प्रेम-विश्वास का मैं पूर्ण समर्पण लाई हूँ। तुम जो चाहो वही दिखाए ऐसा दर्पण लाई हूँ। तन-मन-धन सब सौप दूँ तुमको तुम से ही ... Read more

मानव

मानव कहलाये मगर, भूले मानव धर्म। दुर्लभ मानव देह से, किया नहीं शुभ कर्म।।१ पत्थर भी रोने लगा, देखा मानव हाल। इक-दूजे को डस ... Read more

पावस /बरसात /बारिश

छम-छम बारिश ने किया, पावस का आगाज। हवा सुहानी बह रही, झूम रहे वनराज।। १ वर्षा आई झूम कर, प्रकृति भाव विभोर। बूँद-बूँद जादू भ... Read more

अनुशासन

अनुशासन बंधन नहीं, जीवन का आधार। स्वप्न उसी के पूर्ण हो, जिसको इससे प्यार।। १ अनुशासन सम तप नहीं, बहुत बड़ा ये ध्यान। जो इसक... Read more

मुक्तक

तिथि - 23/7 /2018 आज सखी प्रियवर आयेगे, स्वागत में दीप जलाओ। घर-आँगन फूलों से भर दो, धरती-आकाश सजाओ। झोका आया है मधुवन में, ... Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 मेघा छाए जब नील गगन । व्याकुल विरहन की व्यथा सघन। जब विरहानल से तन दहके- तब दग्ध हृदय होगा न सहन। -लक्ष्मी सिंह 💓 ☺ Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 कृषक जनों की सुनकर पुकार। बरसो मेघा मूसलाधार। जूझ रहे हैं वो कमियों से - जीवन में छाया अंधकार। -लक्ष्मी सिंह 💓 ☺ Read more

मुक्तक

🌹 🌹 🌹 रिमझिम कर बरसातें आईं। खुशियों की सौगातें लाईं। मिट जाए हर द्वेष धरा से- प्रीत-प्रेम की बातें छाईं। 🌹 🌹 🌹 -लक्ष्मी सि... Read more

मुक्तक

उमड़-घुमड़ कर छम-छम करती पावस सुख बरसाने आई । पंक्ति बद्ध हो कमर झुकाए करें नारियाँ धान रुपाई । श्रम सुन्दरियाँ तन्मयता से हाथ ... Read more

मुक्तक

टपकता रहता घर जिसका टूटा फूटा छप्पर है। फिर भी 'बारिश हो जाये' ध्यान लगाये नभ पर है। वो खेतों की मेड़ों पर उदास अकेला बैठा है - ... Read more

मुक्तक

हर रंग में ये दुनिया सौ रंग दिखाती है। रोकर कभी हँसती है हँसकर के रुलाती है। अरमान सुलगते हैं सीने में चिता जैसे - दुनिया की ह... Read more

मुक्तक

जब बादल की पहली बूँद तपती धरा पर गिरती है। तब धरा से एक सोंधी-सोंधी-सी खुश्बू उठती है। इस खुश्बू पर मंत्र-मुग्ध कवि के मन में अन... Read more

मुक्तक

बड़ी मुद्दतों के बाद एेसी रातआई है। मारे खुशी के आंखों में बरसात आई है। कई बरसों से मैं जो भी सुनना चाहती थी - उनकी जुबाँ पर आज ... Read more

मुक्तक

श्वेत शीतल, निर्मल बूँदों की बरखा पहनी चुनर है। बिजली की पायल पहने बरखा लगती अति सुन्दर है। श्यामल, उज्ज्वल, कोमल,लहराता सुरभित ... Read more