MA B Ed (sanskrit) My published book is ‘ehsason ka samundar’ from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

Copy link to share

मँहगाई

श्रृंगार छंद नित्य मँहगाई करे कमाल। आम जनता की उधरे खाल। तीन सौ के लहसुन है पार। प्याज कहता मुझको मत तार। मटर ,गोभी,चौल... Read more

मुक्तक

हैं उजास पूर्ण राम, रूप ध्यान कीजिये। हैं दयालु, दीन बन्धु,दीप दान कीजिये। राम हैं कृपा निधान, राम नाम बोलिये- दीन हीन का सदैव, ... Read more

मुक्तक

जो कभी गुमान दंभ, भूल से नहीं किया। प्रात काल राम नाम,नित्य प्रेम से लिया। धर्म-कर्म, भक्ति-भाव, सिर्फ संग में रहा- मृत्यु लोक ... Read more

गधा चला पढ़ने विद्यालय,

सार छंद 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 गधा चला पढ़ने विद्यालय, ले हाथों में बस्ता। चलते-चलते भूल गया वह, विद्यालय का रस्ता। इधर- उधर वह दे... Read more

प्याज

श्रंगार छंद हुआ अच्छे दिन का आगाज़। जेब में रखकर घूमो प्याज़। प्याज़ मिलता है मँहगे दाम। नमक मिर्ची से चलता काम। नहीं अ... Read more

गौरैया

विधा.. लावणी छंद ★★★★★★★★★ बिन वर्षा जंगल सूखा है, सूखे सब ताल तलैया। सूखी टहनी पर बैठी हूँ,मैं गुमसुम-सी गौरैया। उजाड़ दि... Read more

मुक्तक

देखो मोबाइल की सबको,लगी है कैसी बीमारी । क्या बूढ़े क्या बच्चे सब पर, हुआ है ये अब तो भारी । खाते-पीते,सोते-उठते, इसी को ढ़ूढ़ा ... Read more

बोल बम-बम कांवड़िया बोल।

शृंगार छन्द बोल बम-बम कांवड़िया बोल। सदा शिव की मस्ती में डोल। पुण्य सावन का आया माह। पूर्ण होगी तेरी हर चाह। लिए काँवड... Read more

देव अब जो करना निर्माण।

******************** शृंगार छंद ******************* देव अब जो करना निर्माण। पुरुष से नारी हो बलवान। लौह तन सांकल-सी ... Read more

रुगी छंद

छोटी रोटी थोड़ी मोटी लड्डू गोल मीठी बोल। खीरा छोड़ हीरा तोड़ माथे झोल पेटी खोल माया जाल बूरा हाल बैठा काल तोड़... Read more

मार-पीट से बच्चा

मार-पीट से बच्चों का, कोमल मन होता तार-तार। मानसिक तौर पर कर देता है बच्चों को बीमार।। मारने वालों के प्रति पैदा होता ह... Read more

पलाश

1) पलाश सखी सौन्दर्य के प्रतीक आभा वसंती। 2) लाल-लावा दुनिया को सजाता रंग लुटाता। 3) पलाश आया उपवन मुस्कारा फागु... Read more

दीनानाथ

विधा-बरवै छन्द ****************** बहुत दीन अनाथ हूँ, दीनानाथ। सिर पर अब रख दो प्रभु ,अपना हाथ।। दुनिया रंग बिरंगी,मिले न मीत... Read more

मुक्तक

मुश्किलों को देख कर भी वीर घबराते नहीं। चल पड़े जिस राह पर फिर, लौट कर आते नहीं। कर्म योद्धा जो बना सब,यत्न से हासिल करें- मंजि... Read more

जय श्री राम।

विधा-बरवै छन्द ****************** नित्य जपो मन मेरे,जय श्री राम। प्यारा प्रभु की नगरी, प्यारा नाम।। जीवन छोटी नैया, प्रभु पतव... Read more

भोर का आनंद लै लो

छन्द - रजनी मापनी युक्त मात्रिक । 23 मात्रा , 19 - 9 पर यति । यह छन्द राधा का वाचिक रूप है । मापनी - 2122 2122 2122 2 श... Read more

बालमा ओ बालमा (विरह गीत)

विधा-रूपमालाछंद ★★★★★★★★★★ बालमा ओ बालमा जी,क्यों गये परदेश। चार पैसे के लिए दिल,पर लगा कर ठेस। हाय तेरी नौकरी से, छिन गया सुख... Read more

बचपन

रूपमाला छंद +++++++++- बाल मन निर्मल बहुत है,और हैं मासूम। रूठते पल में मनाते, खिलखिलाते झूम। रूप है भगवान जैसा, है, हृदय ... Read more

सर्द की रात( विरह)

रूपमाला छंद शिल्प-14'10की यति पर चरणान्त गुरु लघु मापनी-2122,2122, 2122 21 ********************************* काटते कटती नहीं ... Read more

क्रोध की ज्वाला

क्रोध से क्रोध को लगी हवा। क्रोध की ज्वाला भभक उठा। क्रोध से क्रोध पर त्योरियाँ चढ़ी। उचित- अनुचित सब दूर खड़ी। यकायक तन झंक... Read more

सरस्वती वंदना

रूपमाला छन्द ★★★★★★★★ हे भवानी! भारती! मुझ पर करो उपकार। हाथ जोड़े हूँ खड़ी कर लो नमन स्वीकार। दीप आशा की जलाये आ गई हूँ ... Read more

सरस्वती वंदना

हरिगीतिका छंद ★★★★★★★ हे भारती! तप साधिका विद्या,कला,शुभदायिनी। हे मात! नत मस्तक नमन है, वंदना नित नंदिनी। माँ!सौम्य रूपा,चं... Read more

उजाला

सदा अँधेरे से घिरा, सपने काले रंग। रहा उजाला ढूँढता, मिला नहीं पर संग।। घनी अँधेरी जिन्दगी, नहीं उजाला साथ। दीपक बन जलना पिया... Read more

बजरंग बली

तिलका छंद विधान-दो सगण सूत्र पर आधारित। ★★★★★ बजरंग बली। दर आज चली। जयकार भली । रिपु तोड़ नली । हृद राम-सिया। गुणगान कि... Read more

प्रेम

-तिलका छंद ★★★★★★ जब प्रेम किया। बस प्रेम किया। मुख मोड़ लिया। जग छोड़ दिया। मन फूल खिला। जब प्रेम मिला। किस राह चल... Read more

संकोच

जितनी सुन्दर भावना, उतनी सुन्दर सोच। सूर्य किरण की तेज से, सिमट गया संकोच।। साहस संयम से बढ़ो, करो नहीं संकोच। किया अगर संकोच... Read more

सूरज/सूर्य

-दोहा गीत सूरज पूरब से उगा, लाया नवल प्रभात। सभी ओर है रोशनी, खत्म हुई अब रात। नव-कलियाँ खिलने लगीं, फूलों पर मुस्कान। ... Read more

वीर साहसी बनो

- रक्ता छंद रगण जगण+गुरु =(७वर्ण) वीर साहसी बनो। यूँ न आलसी बनो। सूर्य चंद्र -सा बनो। रत्न यत्न से चुनो। लक्ष्य साध क... Read more

प्रकृति

प्रकृति एक "माँ“की तरह, रखती सबका ख्याल। हैं ये जीवन दायनी, इसको रखो सँभाल। । नीर , हवा , भोजन ,वसन, मुफ्त लुटाती दान। स्... Read more

कभी-कभी

कभी-कभी हर काम में, सबसे होती भूल। गलती गिन कर आप यूँ, नहीं चुभाएँ शूल।। नमक रसोई में रखा,उठ कर लेते आप। बिना नमक का दाल फि... Read more

करवा चौथ

सभी सुहागिनों को करवाचौथ की हार्दिक शुभकामनाएं।प्रभु सबको सौभाग्यशाली बनाये रखें। व्रत है करवा चौथ का, पूरा दिन उपवास। चाँद सफल... Read more

मधुमास

ये रात दुल्हन-सी सजी आया सुखद मधुमास रे। मनमोहना पूरे करेंगे आज सबकी आस रे। वसुधा सजी है सौम्य अनुपम सब सुखद अहसास रे। सोलह कल... Read more

चलो चलें कश्मीर घूमने

-लावणी छंद सृजन चलो चलें कश्मीर घूमने, शिमला नैनीताल नहीं। इस धरती का स्वर्गं यहीँ है, इसकी कहीं मिसाल नहीं। शांत सुखद बर... Read more

मर्यादा

-लावणी छंद सृजन मर्यादा में जीवन जीना,जीवन शोभायमान है। बिम्बित हो मानस अंबर में,नव किरण स्वर्ण समान है। संयम,नित्य-नियम अ... Read more

मानवता

ताटंक छंद आधारित गीत मानव जन्म मिला है हमको, मानवता अपनाना है। देवों को दुर्लभ काया से, कुछ तो लाभ उठाना है। जो है जग में द... Read more

श्रम

ताटंक छंद आधारित मुक्तक गीत ख्वाब उसी के पूरे होते, जो श्रम को अपनाता है। गगन नापने की खातिर निज, पंखों को फैलाता है। बहुत की... Read more

प्रकृति

ताटंक छंद आधारित गीत ००००००००००००★०००००००००००००० प्रकृति अद्भुत अति मनोहारी, लगती कितनी प्यारी है। मोहित मन को करती है तू, तेरी... Read more

कृष्ण वंदना

तोटक छंद आधारित गीत) 112 112 112 112 ००००००००००००००★००००००००००० नित ,केशव,माधव ,श्याम जपो। हरि कृष्ण ,सुरेशम नाम जपो बलि,... Read more

तुम प्रेम सदा सबसे करना ।

(तोटक छंद आधारित गीत) मापनी-112 112 112 112 ००००००००००००००★००००००००००० तुम प्रेम सदा सबसे करना । मत द्वेष कभी मन में रखना। ... Read more

जिस आँगन में बिटिया चहके।

(तोटक छंद आधारित गीत) मापनी-112 112 112 112 ००००००००००००००★००००००००००००० जिस आँगन में बिटिया चहके। नित फूल खिले बगिया महके। ... Read more

जन्म दिवस

जन्म दिवस सबके लिए, होता सबसे खास। भू पर आये आज ही, हो जाता अहसास।। दिये बधाई दोस्त सब, लेकर आये केक। सोच रहे थे हम मगर,करे क... Read more

शोख- चंचल-सी हवा

_गीतिका छंद_सृजन मापनी-2122 2122 2122 212 शोख- चंचल-सी हवा ये छेड़ जाती है मुझे। है बड़ी बदमाश-सी कितनी सताती है मुझे। अंग ... Read more

कर्म

रक्ता छंद मापनी-2121212 कर्म देव द्वार है। एक दिव्य धार है तुष्टि-पुष्टि प्यार है। युक्ति-मुक्ति सार है। कर्म रत्न खान ... Read more

कर्म

गीतिका छन्द 2122,2122,2122,212 कर्म दैविक रूप है, तो कर्म ही आकार है। कर्म दैविक संपदा है ,मुक्तियों का द्वार है। कर्म जो ... Read more

खेल/मेल/तेल....

हाड़ माँस केवल बचा, बंद हुआ सब खेल। दीपक जलता है तभी, जब उसमें हो तेल।। जिजीविषा में है फसा, इस जीवन का रेल। ममता माया मोह स... Read more

गोद

खेल रहा है लालना, मात यशोदा गोद। हर्षित है घर आँगना, छाया मंगल मोद।। -लक्ष्मी सिंह Read more

लक्ष्य

भटक रही हूँ लक्ष्य बिन, मंजिल से अंजान। जाऊँ कैसे किस दिशा, नहीं मुझे पहचान।१। लक्ष्य हीन ऐसी दशा, ज्यों मुरझाये फूल। जीवन प... Read more

रोटी

रूप माला छंद मापनी-21222122. 212221 एक रोटी फूल-सी, फूली हुई जो आग। आग में जिसको पकाने, से लगे कुछ दाग। एक रोटी गोल, थाली से... Read more

गणेश वंदना

.रक्ता छंद सृजन मापनी....२१२ १२१ २ श्री गणेश बोलिये। भक्ति भाव घोलिये। आरती उतार लो। देव को निहार लो। श्री महेश लाल ... Read more

गणेश वंदना

_आनंद_वर्धक_छंंद_ मापनी_2122_2122_212 बाल गणपति! भाल पर चंदा सजे। शोकहारी! जग तुम्हेँ ज्यादा भजे।। हो सदाशुभ लाभ के दाता त... Read more