MA B Ed (sanskrit) My published book is ‘ehsason ka samundar’ from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank you for your support.

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करवा चौथ

सभी सुहागिनों को करवाचौथ की हार्दिक शुभकामनाएं।प्रभु सबको सौभाग्यशाली बनाये रखें। व्रत है करवा चौथ का, पूरा दिन उपवास। चाँद सफल... Read more

मधुमास

ये रात दुल्हन-सी सजी आया सुखद मधुमास रे। मनमोहना पूरे करेंगे आज सबकी आस रे। वसुधा सजी है सौम्य अनुपम सब सुखद अहसास रे। सोलह कल... Read more

चलो चलें कश्मीर घूमने

-लावणी छंद सृजन चलो चलें कश्मीर घूमने, शिमला नैनीताल नहीं। इस धरती का स्वर्गं यहीँ है, इसकी कहीं मिसाल नहीं। शांत सुखद बर... Read more

मर्यादा

-लावणी छंद सृजन मर्यादा में जीवन जीना,जीवन शोभायमान है। बिम्बित हो मानस अंबर में,नव किरण स्वर्ण समान है। संयम,नित्य-नियम अ... Read more

मानवता

ताटंक छंद आधारित गीत मानव जन्म मिला है हमको, मानवता अपनाना है। देवों को दुर्लभ काया से, कुछ तो लाभ उठाना है। जो है जग में द... Read more

श्रम

ताटंक छंद आधारित मुक्तक गीत ख्वाब उसी के पूरे होते, जो श्रम को अपनाता है। गगन नापने की खातिर निज, पंखों को फैलाता है। बहुत की... Read more

प्रकृति

ताटंक छंद आधारित गीत ००००००००००००★०००००००००००००० प्रकृति अद्भुत अति मनोहारी, लगती कितनी प्यारी है। मोहित मन को करती है तू, तेरी... Read more

कृष्ण वंदना

तोटक छंद आधारित गीत) 112 112 112 112 ००००००००००००००★००००००००००० नित ,केशव,माधव ,श्याम जपो। हरि कृष्ण ,सुरेशम नाम जपो बलि,... Read more

तुम प्रेम सदा सबसे करना ।

(तोटक छंद आधारित गीत) मापनी-112 112 112 112 ००००००००००००००★००००००००००० तुम प्रेम सदा सबसे करना । मत द्वेष कभी मन में रखना। ... Read more

जिस आँगन में बिटिया चहके।

(तोटक छंद आधारित गीत) मापनी-112 112 112 112 ००००००००००००००★००००००००००००० जिस आँगन में बिटिया चहके। नित फूल खिले बगिया महके। ... Read more

जन्म दिवस

जन्म दिवस सबके लिए, होता सबसे खास। भू पर आये आज ही, हो जाता अहसास।। दिये बधाई दोस्त सब, लेकर आये केक। सोच रहे थे हम मगर,करे क... Read more

शोख- चंचल-सी हवा

_गीतिका छंद_सृजन मापनी-2122 2122 2122 212 शोख- चंचल-सी हवा ये छेड़ जाती है मुझे। है बड़ी बदमाश-सी कितनी सताती है मुझे। अंग ... Read more

कर्म

रक्ता छंद मापनी-2121212 कर्म देव द्वार है। एक दिव्य धार है तुष्टि-पुष्टि प्यार है। युक्ति-मुक्ति सार है। कर्म रत्न खान ... Read more

कर्म

गीतिका छन्द 2122,2122,2122,212 कर्म दैविक रूप है, तो कर्म ही आकार है। कर्म दैविक संपदा है ,मुक्तियों का द्वार है। कर्म जो ... Read more

खेल/मेल/तेल....

हाड़ माँस केवल बचा, बंद हुआ सब खेल। दीपक जलता है तभी, जब उसमें हो तेल।। हो जाता है जिस जगह, उलटा-सीधा मेल। जीवन भर चलता वह... Read more

गोद

खेल रहा है लालना, मात यशोदा गोद। हर्षित है घर आँगना, छाया मंगल मोद।। -लक्ष्मी सिंह Read more

लक्ष्य

भटक रही हूँ लक्ष्य बिन, मंजिल से अंजान। जाऊँ कैसे किस दिशा, नहीं मुझे पहचान।१। लक्ष्य हीन ऐसी दशा, ज्यों मुरझाये फूल। जीवन प... Read more

रोटी

रूप माला छंद मापनी-21222122. 212221 एक रोटी फूल-सी, फूली हुई जो आग। आग में जिसको पकाने, से लगे कुछ दाग। एक रोटी गोल, थाली से... Read more

गणेश वंदना

.रक्ता छंद सृजन मापनी....२१२ १२१ २ श्री गणेश बोलिये। भक्ति भाव घोलिये। आरती उतार लो। देव को निहार लो। श्री महेश लाल ... Read more

गणेश वंदना

_आनंद_वर्धक_छंंद_ मापनी_2122_2122_212 बाल गणपति! भाल पर चंदा सजे। शोकहारी! जग तुम्हेँ ज्यादा भजे।। हो सदाशुभ लाभ के दाता त... Read more

धन

जीवन यापन के लिए, धन का बहुत महत्व। धन से ही मिलते हमें, जग के सारे तत्व।। १ दान, भोग औ" नाश हैं, धन की गतियाँ तीन। दान, भोग ... Read more

पूजा

हे प्रभु !पूजा पाठ का, मुझे नहीं है ज्ञान। पलक झपकती जब कभी, करती तेरा ध्यान।। किसी जरूरत मंद का, सेवा करें जरूर। तब ही पूज... Read more

बुढ़ापा

कठिन बुढ़ापे की डगर, रुके नहीं पर चाल। गहन अँधेरा चीर दो, लेकर हाथ मशाल।। तन तो बूढ़ा हो गया, मन से रहो जवान। जब मन से बूढ़ा... Read more

प्रेम

पी कर प्याला प्रेम का, जी पाया है कौन। जिसने इसको पी लिया, हो जाता है मौन।। बिना बिंधे कलियाँ कभी, हुई गले का हार। बिना दर... Read more

फूल, /कूल /शूल /मूल /धूल

एक बात तो सत्य है, खिलकर झरते फूल। दुर्दिन आतें ही सभी, हो जाते प्रति कूल।। आज मित्र व्यवहार में, छिपा कपट का शूल। कीट -सर्प... Read more

प्रार्थना

आनंद वर्धक छंंद सृजन मापनी-2122 2122 212 ************************ हे भवानी मात तेरा राज है। सिद्ध करती तू सदा सब काज है। ... Read more

प्रेम

मनमनोरम छंद🌼 मापनी-2122 2122 ****************** प्रेम का रस घोल देना। मूक हो पर बोल देना। प्रेम का सपना सजाना। हाँ नई दुन... Read more

हनुमान जी

अति प्रिय प्रभु श्री राम को ,सीता जी से जान। पूरे तन सिन्दूर से, पोत लिए हनुमान।। सब देवों को छोड़ कर,जप लो श्री हनुमान। संकट... Read more

मेंहदी

रंग मेंहदी के लिए,मेरे सब अरमान। कुछ गहरे फीके रचे, कुछ के मिटे निशान।। जो तुम हम से प्रेम प्रिय, करते नहीं कमाल। हाथों की... Read more

रेत

बीज कभी उगते नहीं,धरा भरी हो रेत। उर्वर मिट्टी में सदा, हरे-भरे हो खेत।। -लक्ष्मी सिंह Read more

विरह

खुशबू लेकर प्रेम की, गया भ्रमर परदेश। मैं मुरझाई सी पड़ी, बचा नहीं कुछ शेष।। सावन भादों मास सा, झरे नयन से नीर। झुलस रहे है... Read more

विरह

इन्द्रवज्रा छंद मापनी-२२१ २२१ १२१ २२ पातीं लिखूँगी हर रोज ऐसे। तेरी करूँगी नित खोज ऐसे। यादें सताती दिन रात तेरी। आँखें... Read more

बजरंग बाला

मनमनोरम छंद मापनी-2122 2122 आ गये बजरंग बाला। फेरते जो राम माला। अंजनी का लाल प्यारा। राम का सबसे दुलारा। लाल वो लं... Read more

तीज का त्यौहार आया।

- मनमनोरम छंद मापनी-2122 2122 तीज का त्यौहार आया। सोलहों श्रृंगार लाया। बूँद में मलहार आया। प्रीत की बौछार लाया। आयु ... Read more

जिंदगी से प्यार करना

आयोजन_मनोरम_छंद एक कोशिश मापनी- 2122 2122 जिन्दगी से प्यार करना। मन न मैला यार करना। प्रीत का श्रृंगार करना। हर दिवस त... Read more

हे नव प्रात

मत्तगयंद सबैया छंद -------------------------------------- मापनी-211/ 211/211/211, 211/211/211/22 हे नव प्रात! सदा नव जीवन, ल... Read more

भाग्य

विधा-विधाता छंद 1222 -1222, 1222-1222 विधा ऐसी नहीं कोई, पढ़े जो भाग्य का लेखा। मनुज के हाथ में होती, मनुज के हाथ की रेखा।। ... Read more

वसंत और पतझड़

विधा-ललित छंद सृजन हुआ जीवन का प्रतिपल, मंगलमय जग सारा। फूट रहे हैं नव किसलय-दल, कितना सुखद नजारा। प्राण-भरा भू के कण-कण मे... Read more

किसान

:दर-दर ठोकर खा रहा, है लाचार किसान। शासन प्रकृति से सदा,मिला उसे दुख दान।। जितनी सरकारें बनी, किया नहीं कुछ काम। दिखलाया सपने ... Read more

कृष्ण भक्ति

इन्द्रवज्रा छंद 221 221 121 22 आओ मुरारी दर पे पड़ा हूँ। साथी सुदामा बन के खड़ा हूँ।। क्या मैं बताऊँ कह के सुनाऊँ। कै... Read more

कृष्ण जन्म

विधाता छंद सृजन १२२२-१२२२-१२२२-१२२२ महीना नेक भादो का, दिवस बुधवार शुभकारी। अँधेरी रात काली थी, लिए जब जन्म वनवारी। ... Read more

बेटी और प्रकृति

(1)स्त्री और प्रकृति की करो सुरक्षा, तभी होगा विश्व कल्याण की रक्षा। (2) बेटी और प्रकृति से बैर ना पालो, अपने ही जड़ों को ... Read more

ख्वाब

कुकुंभ/ ताटंक छंद ख्वाब उसी के पूरे होते, जो श्रम को अपनाता है। गगन नापने की खातिर निज, पंखों को फैलाता है। बहुत कीमती सपने... Read more

विरह की आग

विजात छंद विरह की आग है ऐसी, जलाती कोयला जैसी। सहूँ यह वेदना कैसे, हृदय में पीर भारी है। बना बैरी पिया मेरा, नयन में ... Read more

कजरी लोक गीत

हमके हरवा ले आ द बालमा हम आज नैहरवा जइबै ना।।२।। ला द नथनी औ बिजुलिया, संग मा सिनूर अौ टिकुलिया। ला द नथनी औ बिजुलिया, संग म... Read more

बाढ़

- रूप माला छंद बाढ़ से हालत विकट है,सब किया है नाश। भूख से बेहाल हैं सब, देखतें आकाश। हाय देवों ने लिखा है,भाग्य में संत्रा... Read more

सरस्वती वंदना

हरिगीतिका छंद- हे शारदे !वरदायनी माँ! कर कृपा वरदान दो। हे मात! वीणावादिनी माँ! दिव्यता का ज्ञान दो। हे भगवती!जगदम्बिका माँ! ... Read more

सदा तुम्हारी झोली में

सदा तुम्हारी झोली में खुशियों की सौगात हो। गम से कोशों दूर रहो फूलों की बरसात हो। हँसी-खुशी हर दिन बीते,मंगलमय हो कार्य सब , ... Read more

जिंदगी

ढ़लती जाती जिन्दगी, करे उम्र की जिक्र। उलझन अब बढने लगीं, मुखरे पर है फिक्र।। मुखरे पर है फिक्र, सभी साथी अब छूटे। पकड़ लिये ह... Read more

मच्छर

मच्छर है खच्चर बहुत, जड़ूँ उसे दो चाट। मुझे अकेला देख कर, झट से लेता काट।। -लक्षमी सिंह Read more