पेशे से पत्रकार और शौक से कवि एवं लेखक ।

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तेरी बुराइयों को हर अख़बार कहता है

तेरी बुराइयों को हर अख़बार कहता है, और तू है मेरे गांव को गँवार कहता है। ऐ शहर मुझे तेरी सारी औक़ात पता है, तू बच्ची को भी हुस्... Read more

मैं हिन्दुस्तान हूँ सरदार के आज़ाद सपनो का

मेरे सीने से निकला है लहूँ अपनो के ज़ख़्मो का , महल कब हाल पूँछेगे घिसीं बेकार सड़को का । मेरी हालत बनाई है किसी अबला ... Read more

सभी इल्ज़ाम शीशे पर ये जग कब तक लगायेगा

सभी इल्ज़ाम शीशे पर ये जग कबतक लगायेगा , भला। नाकामियों को वो यहाँ कैसे छुपायेगा । तुम्हारा है तुम्ही रख लो ... Read more