Ranjeet Kumar

Chanhat Aurangabad

Joined November 2018

I am ranjeet come from Aurangabad bihar.
I am student of medical.

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आज फिर तेरी याद आयी।

बैठे बैठे छत के मुंडेर पर, अँधेरी डरावनी रात में, अचानक मेरी पलके भींग गयी जज्बात से, ऐसे उमड़े बदल की अश्को की बरसात आयी, आज ... Read more

लाल क्रांति!!

रोज जगता हूं सुबह की पहली किरण से पहले, आसमान के लाल होने से भी पहले, इस आश में कि, आसमान लाल होने से पहले, यहां इस जमीं पर फैले ... Read more

आवाम! चलो आज तुम्हे बधाई देते हैं!!!

आवाम !चलो आज तुम्हे बधाई देते हैं, तुम्हारी बेरोजगारी को, तुम्हारी नकारेपन और निठ्ठलेपन को, तुम्हारी गुलाम मानसिकता को, खुश हो ज... Read more

राजनीति के हाल!

क्या कहें कि क्या हाल है राजनीति के, हर सवाल में बवाल है राजनीति के, गरीब मजदूरों के हाल चाल कौन पूछे? आम पपीते ही मुख्य सवाल है ... Read more

सब ठीक तो है न?

खिलखिलाते हंसी वाले चेहरे पर ये शिकन क्यों है? एक आजाद परिंदे के अंदर ये घुटन क्यों है? क्यों बैठे हो गुमसुम सी ... Read more

"किस बात के साथ खड़े हो"

आज एक भाई ने बात छेड़ दी नसरुद्दीन शाह साहब की, बोला कि जब हमलोग साथ खड़े हैं तो उनको डर किस बात का, उनको सभी धर्म के लोग नहीं देखते... Read more

बोल न अब क्या करूं!

हां! मेरे रग रग में फैली है तू और तेरी यादें, मेरी जिस्म का हर ज़र्रा जानता है तेरा अहसास, तेरे हर लफ्ज़ पर मर मिटती है मेरी सांसे... Read more

लिख दूं क्या शायरी में???

मेरे शब्द कम पड़ गए तेरी शिकायतें लिखते- लिखते, बोल न, तुझे किया प्यार लिख दूं क्या शायरी में?? तुझसे इश्क मांगा था उम्र भर का, औ... Read more

अधूरे ख्वाब!

नहीं चाहिए मुकम्मल जहां, कुछ ख्वाब अधूरे चाहिए, कागज पर फड़कने को , कुछ अल्फ़ाज़ अधूरे चाहिए, जब अंधेरी रातों में नींद उड़ जाती ... Read more

मुक्तक

किताबों से दिल लगाए बैठे हैं, आसमान का ख्वाब सजाए बैठे हैं, कभी दिल्लगी भी बेशुमार की थी, अब मंजिल से दिल लगाए बैठे हैं!! ... Read more

मुक्तक

मैं साथ हूं आपके ताउम्र, आप खुशियों से मुस्कुराया करो, कभी गम भी मिले जिंदगी में अगर, आप बेफिक्र मुस्कुराया करो, कभी रोऊं जो आपक... Read more

मुक्तक

तुम्हारे लिए तो सब अपने हैं, तुम्हारा दिल भी सब के लिए, एक हम ही तुमसे मोहब्बत करके तुमसे दुश्मनी मोल ले ली!!! Read more

अब बरसती नहीं आंखें।

अब बरसती नहीं आंखें ना दिल रोता है, दर्द भरी शायरी ना मन को छूता है, हमने सीख लिया हुनर अपने गम छुपाने का, टूटे दिल के तार से नगम... Read more

बुड्ढा पीपल।

मेरे गांव के बाहर एक पहरेदार खड़ा है, हर मौसम, हर समय बेपरवाह अडा है, कब से है न जानता कोई, शायद इसके उम्र का बचा न कोई, हर शक्स... Read more

नदी के दो किनारे हम।

नदी के दो किनारे हम, इस पार हम उस पार तुम, मुमकिन न अपना मेल पिया, अजब है किस्मत का खेल पिया, चलना है साथ में नदी के धार संग, ह... Read more

कितने दिन हुए।

कितने दिन हुए तुम्हे याद है क्या? जब हमने देखा था पहली बार एक दूसरे को, नज़रें मिली थी फिर दिल मिले, प्यार कब हुआ पता तक न चला, ... Read more

गंगा का अपमान

जो बहती थी पवित्रता लिए, अपने ही धुन में कल कल छल छल, जिसके पानी अमृत समान थे, जहां पवित्र होती थी आत्मा नहाकर, आज जहर लिए फिरती... Read more

अंधेरे को अपना दोस्त बना लिया

मैंने अकेलापन को दोस्त मान लिया था, अंधेरे को जीने का सहारा बना लिया था, मै खास नहीं था फिर भी तूने खास बनाया, मोहब्बत को मेरे सा... Read more

दिल में उतर गई है रात

दिल में उतर गई है रात, तभी तो हमेशा से रात का ही इंतजार होता है! दिन गुजर जाती है हंसते हंसाते, अंधेरे और अकेलापन का कहर जोरदार ह... Read more

निंदिया एक गुजारिश है!

निंदिया एक गुजारिश है तुमसे, चुपके से जाना उनके आंखो में, ख्वाब मीठे दिखाना उन्हें, बड़े प्यार से सुलाना उन्हें, मेरा हाल ऐ दिल ... Read more

निंदिया एक गुजारिश है!

निंदिया एक गुजारिश है तुमसे, चुपके से जाना उनके आंखो में, ख्वाब मीठे दिखाना उन्हें, बड़े प्यार से सुलाना उन्हें, मेरा हाल ऐ दिल ... Read more

तुमसे वादा रहा

तुम जो जुल्म ढाते हो, गरीब मजदूरों को सताते हो, गजब गजब का फरमान लाते हो, सवाल न पूछे कोई तुमसे, इसलिए जो दमन चलाते हो, तुमसे व... Read more