kumari archana

Joined January 2017

कुमारी अर्चना जिला-पूर्णियाँ,बिहार
विधा-छंदमुक्त, रस-श्रृंगार,करूण, मैं कविता,क्षणिकाएँ,दोहा,मुक्तक,हाईकु,गीत लिखती हूँ, “मेरी कविता मेरी कल्पना मात्र नहीं,यह मेरे हृदय से निकली भावना है,जो मेरी आत्मा तक को छूती है” ! मेरी अब तक विभिन्न पत्र व पत्रिकाओं में मेरी रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी है,मेरी कई साझा काव्य संग्रह जल्दी आने वाली है !

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"मैं बेटी घर की आंगन जैसी हूँ"

मैं बेटी घर की आंगन जैसी हूँ मैं बाबुल की न्यारी मैया की दुलारी भैया की राजदुलारी बहना की सखी बेटी हूँ .... जैसे बिन आं... Read more

"मैं बेटी घर की आंगन जैसी हूँ"

मैं बेटी घर की आंगन जैसी हूँ मैं बाबुल की न्यारी मैया की राजदुलारी बहना की सखी बेटी हूँ... घर घर नहीं केवल कमरा होता वैसे... Read more