कवि रंजित तिवारी

पटेल चौक, कटिहार (बिहार) पिन -854105. मो0---8407082012

Joined January 2018

रचनाकार-एक्टर–शिक्षक

Books:
प्रमुख पत्र–पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित

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ज़िंदा हूँ--कि,मेरा प्यार तुम हो

तेरे दिल में याद बनकर समां जाऊंगा तेरी आँखों में नशा बनकर छा जाऊंगा क़शिश की सरहद से दूर ना जा पाओगे-- मैं खुशबू बनकर एहसास की--- ... Read more

कौन जानता है.......!

कौन जानता है कि--शांत सागर कभी-कभी तुफान लाता है फिर--क्या होता है.....? अकल्पनीय लम्हें............ सोच से परे पल जीवन में ... Read more

अब तो संभलो....!

स्वार्थ के हर रंग में रंग गया है दिल...देखो.! और मुस्कुराकर कह रहे ये दुनियाँ कितनी रंगीन है "मतलबी"रस्से से अब बँध गया है तन... Read more

आह..!! एक टीस............

पोलिंग बुथ पर देख भिखारी को पुछा लोगों ने जमकर हाथ फैलाओगे यहाँ भी क्या..? अपना दुखड़ा रोकर ठहाके का शोर, स्तब्ध सी आँखें-- भीगी... Read more

.....नहीं थकती

अश्रुपूरित नयन मेरे क्यूँ....? राह तुम्हारी तकते नहीं थकती शून्यमात्र बिन तेरे-जीवन के पल "प्रीत "हमारी कहते नहीं थकती मनुहा... Read more