कृष्ण मलिक अम्बाला हरियाणा एवं कवि एवं शायर एवं भावी लेखक
आनंदित एवं जागृत करने में प्रयासरत | 14 वर्ष की उम्र से ही लेखन का कार्य शुरू कर दिया | बचपन में हिंदी की अध्यापिका के ये कहने पर कि तुम भी कवि बन सकते हो , कविताओं के मैदान में कूद गये | अब तक आनन्द रस एवं जन जागृति की लगभग 200 रचनाएँ रच डाली हैं | पेशे से अध्यापक एवं ऑटोमोबाइल इंजिनियर हैं |

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नव वर्ष 2019 पर रचित कविता रूपी सरल सन्देश

आ रही नयेपन की खुशियां नव वर्ष का मौसम आने को पकड़ी कलम ने रफ्तार सन्देश कुछ अनोखे सुनाने को जो बीत गया सो बीत गया वक्... Read more

जागरूक हों आज के अंधियारे युग में

आंखें खुली मन मूंद लिया क्या आधुनिकता की छाया है । अन्याय हो दूसरों के संग वीडियो बना सकती है दुनिया मदद करनी हो तो कह देती ... Read more

माँ (एक गुजारिश)

नन्हें की माँ से है आज एक गुजारिश । ज्यादा कुछ नहीं बस एक छोटी सी सिफारिश । आज से एक नवजीवन की शुरुआत करे । वर्षगांठ के साथ कुछ औ... Read more

कठिनाईयों रूपी बंजर जमीं पर

अर्ज किया है कठिनाईयों रूपी बंजर जमीं पर उम्मीदों का एक पौधा लगाइए तो फिर जब मेहनत का पानी देकर किस्मत रूपी फूल से सफलता रूपी... Read more

तलाश में हूँ

अर्ज किया है तलाश में हूँ वो बीते लम्हें संजोने में जो तजुर्बे देकर चेहरे का नूर ले गए । Read more

शिक्षा में सुधार हेतु योजनाओं पर नहीं अपितु वास्तविकता पर ध्यान दें

आज और पन्द्रह से बीस वर्ष पहले के समय पर ध्यान दें तो शिक्षा में जहाँ एक ओर सुविधाओं और संसाधनों में चकित कर देने वाला सुधार हुआ है ... Read more

धर्म के रखवालों से करनी एक गुजारिश है ।

धर्म के रखवालों से करनी एक गुजारिश है । सभी धर्मों का करें वो आदर , करनी यही सिफारिश है । भगवन होते हैं एक , रूप हैं चाहे अनेक ।... Read more

तलाक की नौबत न आने दीजिये

तलाक लफ्ज ही है दर्दनाक बस इतना जान लीजिए विनती है दुनिया वालों तुमसे तलाक की नौबत न आने दीजिये । ढाई दिन की है जिंदगी एक दू... Read more

एक अपील 500 के नोट वाले हर नागरिक से

एक अपील देश के नागरिकों से एक अपील खुद को दिल के साफ बताने वालों से एक अपील कुछ करने को तैयार देश के उन हस्तियों से एक अपील तना... Read more

अब तो छोड़ ओ मुसाफिर , हाय पैसे का जंजाल

अब तो छोड़ ओ मुसाफिर हाय पैसे का जंजाल पल भर में मिटटी हो जाये मुद्रा ऐसी कमाल संचित करने में जो गुजर गए पिछले जो कई साल जी ल... Read more

कुछ यूँ मनाओ तुम इस बार दीवाली

बाहर रौशनी तो सभी करते हैं, जिसने है भीतर जोत जगा ली । उसी को मिला है ज्ञान प्रकाश , उसी की सच्चे अर्थों में दीवाली । इधर धुआं-उ... Read more

आज की बेटी कल की नारी

छू रही ऊंचाइयों को आज की बेटी कल की नारी तेजी और जिंदादिली से विकास की राहों को कर रही सलाम अपनी मंजिलों की काम... Read more

ऐसे चमकेगा विश्व में भारत का नाम

भारत और दूसरे देशों के मित्रों के बीच एक मीटिंग हुई । चर्चा थी देश के बारे , सभी ने अपने अपने देश के बारे तर्क दिए , सभी ने कहा भारत... Read more

किताबों सी नहीं होती जिंदगी , असल का अलग ही अंदाज़

कल्पना में जीकर क्या करेंगे सपनों का टूटना है दुखों की किताब किताबों सी नही होती जिंदगी असल का अलग ही अंदाज़ अच्छे होते है सिद्... Read more

ओ मंजिल के मुसाफिर

एक मित्र को जन्म दिन पर प्रोत्साहित करती एक रचना । आप भी अपने मित्र को ये पैगाम दे सकते हैं । ओ मंजिल के मुसाफिर चलते रहना सु... Read more

ढूंढ रहा है हर अध्यापक ,अपना वो अस्तित्व आजकल

अब कहाँ रह गए गुरु जी वाले किस्से कहाँ रह गयी आदर सम्मान की बातें गालियां मिलती हर मोड़ पर इन्हें कहीं मिलती ठोकर , तो कहीं पड़ती... Read more

हिम्मत जुटा कर दो टूक शब्द लिख रहा हूँ

हिम्मत जुटा कर दो टूक शब्द लिख रहा हूँ बेहरूपियों के समाज में धीरे धीरे जीना सीख रहा हूँ मेरी नियत में इंसानियत है यही वर्षों से च... Read more

बचा सको तो बचा लो तुम प्रकृति की काया

? लिखने को हुई जो कलम तैयार तुम भी करना जरा सोच विचार करते हो अगर प्रकृति से प्यार बातें सुन लो तुम मेरी चार जल की महिमा है अनन... Read more

लाडले देवर की प्यारी भाभी

*आनंद रस में गोता लगाकर पूरी मस्ती में ताज़ी तैयार कविता का आनंद ले* *लाडले देवर की प्यारी भाभी * देवर नन्द को जो रखती राजी ... Read more

ओ मेरे भारत---

???????????? ???????????? भारत माता से कुछ पूछती हुई मेरी पंक्तियाँ । मस्ती के साथ आनंद लेते हुए लीजिये इनका लुत्फ़ ओ मेरे भार... Read more

जाग युवा भारत के अब तो , ले आ वापिस देश की शान को

हो गयी गलतियां तुझसे अतीत में बेशक, अब तो सम्भल जा वक्त है तेरे पास बेदाग़ जिंदगी जी भोग विलास से हटकर सफल कर जिंदगी और बाकी बचे ... Read more

सफर ये जो सुहाना है ।

सफ़र ये जो सुहाना है होनी अनहोनी तो एक बहाना है डूबते को तूने बचाना है गिरते को उठाना है बन जाओ पर्वत शिला तुम ऐसा मुकाम तुझे ... Read more

ऐसा अपना टीचर हो

मेरी बाल्यकाल की एक रचना , पुरानी भावनाये ताजा होने पर आपसे सांझा करने का मन हुआ । ।।।।।।।।ऐसा अपना टीचर हो।।।।।।। ऐसा अपना टीचर... Read more

वाह ! मेरा देश किधर जा रहा है ।

वाह ! मेरा देश किधर जा रहा है । आदमी की चादर है आधी , पैर दुगुने पसार रहा है । वाह ! मेरा देश किधर जा रहा है। पीएचडी वाले चलात... Read more

सिन्दूर की महिमा

हर शादी शुदा बहन को समर्पित नारी शक्ति हर पल कर रही उंचाईयों के एलान पर इस आधुनिकता की भाग दौड़ में खो ली खुद की ही पहचान देख... Read more

जन्माष्टमी का पैगाम

प्रेम की एक अलग परिभाषा के लिए हर प्रेमी की जुबाँ पर आता है जिनका नाम माँ के लाड में पुकार कर दुनिया याद करे किसी नटखट नन्हे... Read more

दर्पण की तरह सुनने का हुनर

अर्ज किया है -- हम दर्पण की तरह सुनने का हुनर रखते हैं बशर्ते आप अपना समझने का हौंसला रखिये हम दिल से कद्र करना हर रिश्ते की जानत... Read more

कलम की उड़ान

कलम की उड़ान , कर रही आह्वान आवाज को जन जन तक पहुंचाना है । सन्देश मीठे देकर , आनंद भाषा लेकर जागृति का दीपक जलाना है । Read more

करना चाहते हैं बहुत कुछ जिंदगी में

करना चाहते हैं बहुत कुछ जिंदगी में सोचते हैं शुरुआत कहाँ से होगी । बह जाएँ सारे गम पानी में ऐसी खुशियो की बरसात कहाँ से होगी । Read more

ठानी है अगर किस्मत ने अंगारे बरसाने की

अर्ज किया है ठानी है अगर किस्मत ने अंगारे बरसाने की ठानी है मैंने भी उसे फूल बनाने की जब शमा न हो पायी परवाने की तो मुझे क्यों ... Read more

तन्हाईयों का सूरज

मेरी तन्हाईयो का सूरज कभी चढ़ता तो कभी डूबा जाता है क्योंकि जिस पत्थर को लगती हैं अक्सर चोटें हजारों उसे ही तो भगवान के दर्जे मे... Read more

अनुभव की माला

जो कर्म को आईना बना कर आगे बढ़ते हैं उनकी तस्वीर बहुत चमकदार बनती है खा खा के ठोकरे सीखते जाते हैं तजुर्बे तभी तो उनकी छवि खुश्बू... Read more

"क्या हुआ , क्या हो रहा है और क्या होगा "

वैज्ञानिक रस में डूब कर आधुनिक उन्नति खूब कर वह (प्रकृति) का शासक बन बैठा भौतिक सुखों की होड़ में वाहनों की दौड़ में वह पर्यावरण ... Read more

आंसुओं की सूई लेकर

अर्ज किया है- कई दाग लिए जीता हूँ । घूँट दर्द के पीता हूँ । दुनिया छल्ली कर फाड़ती है आत्मा के कपड़ों को जब भी आंसुओं की सूई लेकर... Read more

*वक्त है बेटी सम्भल जा अभी भी *

*वक्त है बेटी सम्भल जा अभी भी * दिल का महकमा कुछ कह रहा है । नहीं पता ये लड़कियां जींस टॉप पर क्यों मरती है । पर लगती सूट सलवार मे... Read more

युवा शक्ति

?युवा शक्ति ? ????????? उठ जाग अब मेरे देश के नौजवान तेरे सोने से पूरा जग परेशान आलस की आंधी में क्यों खो रहा है । नशे की नींद... Read more

बंधवा कर राखी तुझसे ओ मेरी बहना

सभी बहनों को इस भाई की तरफ से रक्षाबंधन की प्रस्तुति । उम्मीद है सभी बहनें प्यार बरसायेंगीं। ?????????? बंधवा कर राखी तुझसे ओ मेर... Read more

सपनों की भूख में फर्जों से लिया मुख फेर

मैं नहीं हूँ औरत का विरोधी बहना पर चाहता हूँ समाज से कुछ कहना आज की औरत अपने फर्ज से मुख मोड़ गयी नौकरी के चक्कर में बाकि चिंता छो... Read more

बढ़ते बॉलीवुड के कदम

मेरा पहला लेख आंतरिक प्रेरणा ने लेख को मजबूर किया । जैसा कि हम जानते हैं कि फ़िल्म जगत को मुख्य रूप से हम दो रूपों में जानते हैं बॉ... Read more

उम्मीद नहीं

दैविक गुणों से भरपूर औरत का कर्ज कभी न चुका पाऊँ पर बिगड़ी औरत से उसकी खुद की परछाई की भी सगी होने की उम्मीद नहीं हर जरूरत मन्द अनज... Read more

दोस्ती पर लिखी आन्दित कर देने वाली चंद पंक्तियाँ

आज की कविता लीजिये आनन्द एक सन्त ने कहा जब दो आत्माएं एक दूसरे के लिए होती है सती तो ही होती है दोस्ती । इसलिए मन किया दोस्ती पर ए... Read more

"ईद मुबारक देता हूँ "--राष्ट्रीय एकता का एलान

ईद के सुअवसर पर कुछ पंक्तियाँ । कवि कह रहा है --- "ईद मुबारक देता हूँ " भारत का हूँ मैं एक सिपाही हिन्दू -मुस्लिम है सब मेरे भा... Read more

चेहरे का नहीं करते नाज हम

अर्ज किया है चेहरे का नहीं करते नाज हम ये तो खुदा की मेहरबानी है चलते दिल है मिलकर साथ उम्र भर जवानी तो ऐसे ही गुजर जानी है ... Read more

?"बढ़ते बॉलीवुड के कदम" ?

मेरा पहला लेख आंतरिक प्रेरणा ने लेख को मजबूर किया । जैसा कि हम फ़िल्म जगत को मुख्य रूप से हम दो रूपों में जानते हैं बॉलीवुड और हॉल... Read more

ला सकती है तो ला बेटी वापिस देश की पहचान को

प्रेम वासना में फर्क जानिए एक नहीं आकार प्रेम तो है अमूल्य रचना प्रभु की वासना तो नीच प्रहार चमड़ी प्रदर्शन में जुटी देश की... Read more

शायरी - नहीं हूँ शायर अव्वल दर्जे का

मेरी इस चमक कर उभरती वेब साईट पर पहली शायरी की रचना " नहीं हूँ शायर अव्वल दर्जे का कभी कभार लफ्जों से श... Read more