Krishna Kumar Naaz

Joined September 2016

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ग़ज़ल

हर वक़्त हूँ किसी न किसी इम्तिहान में शायद इसीलिए है ये तल्ख़ी ज़ुबान में अपनी अना की क़ैद से बाहर निकल के देख पैवंद लग चुके हैं... Read more

ग़ज़ल

हर वक़्त हूँ किसी न किसी इम्तिहान में शायद इसीलिए है ये तल्ख़ी ज़ुबान में अपनी अना की क़ैद से बाहर निकल के देख पैवंद लग चुके हैं... Read more